[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home लाइफस्टाइल जी मिचलाने पर लौंग का करें उपयोग

जी मिचलाने पर लौंग का करें उपयोग

0
जी मिचलाने पर लौंग का करें उपयोग
लौंग का उपयोग सदियों से आयुर्वेदिक औषधियों के तौर पर किया जाता रहा है. लौंग कई तरह की गंभीर बीमारियों को जड़ से खत्म कर सकता है. इसके गुणों को जानिए.
लौंग को मुंह में रख कर उसका रस चूसने से खांसी खत्म होती है. जब तक मुंह में लौंग रहती है, तब तक खांसी बंद ही रहती है.
लौंग को मुंह में रख कर चूसने से मुंह और सांस की बदबू दूर हो जाती है.
लौंग के तेल की कुछ बूंदे किसी साफ कपड़े के टुकड़े पर टपका कर, उस कपड़े को बार-बार सूंघने से प्रतिषय (जुकाम) की समस्या ठीक हो जाती है, साथ ही बंद नाक भी खुल जाती है.
लौंग को पानी के साथ पीस कर 100 मिलीलीटर पानी में मिलाएं. उसे छान कर उसमें मिश्री मिला लें. इस घोल को पीने से हृदय के जलन की विकृति दूर हो जाती है. पेट को भी आराम मिलता है.
वात विकार व जोड़ों के दर्द में लौंग का तेल मलने से पीड़ा में राहत मिलती है. लौंग को पानी के साथ पीस कर हलके गरम पानी में मिला कर पीने से जी मिचलना बंद हो जाता है.
लौंग के तेल की एक दो बूंद बताशे पर डाल कर खाने से हैजे की विकृति दूर हो जाती है. लौंग को बकरी के दूध में घीस कर, नेत्रों में काजल की तरह लगाने से रतौंधी रोग ठीक होता है.
लौंग और चिरायता दोनों बराबर मात्रा में पानी के साथ पीस कर पिलाने से बुखार खत्म हो जाता है. एक रत्ती लौंग को पीस कर, मिस्री की चाशनी में मिला कर चाटने से गर्भवती महिलाओं की उल्टियां बंद हो जाती हैं.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel