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ये क्या! महिला इंजीनियर पुरुषों से पांच गुणा ज्यादा बेरोजगार, अनचाहे रोमांस का भी करती हैं सामना

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ये क्या! महिला इंजीनियर पुरुषों से पांच गुणा ज्यादा बेरोजगार, अनचाहे रोमांस का भी करती हैं सामना

नेशनल कंटेंट सेल
विडंबना: भारत के 693 इंजीनियरों ने लिया सर्वे में हिस्सा
आज युवा उस क्षेत्र की पढ़ाई करना चाहता हैं जिसमें ज्यादा नौकरियां उपलब्ध हो. लेकिन पिछले कुछ वर्षों में हॉट कोर्स में शामिल इंजीनियरिंग का हाल बुरा है. एक स्टडी में हाल ही में ऐसा ही कुछ खुलासा हुआ है. स्टडी के मुताबिक, भारतीय इंजीनियर महिलाएं पुरुषों के मुकाबले पांच फीसदी ज्यादा बेरोजगार हैं. भारत में ‘वेस्टर्न इंजीनियरिंग कंपनियों’ के लिए काम करने वाली भारतीय महिलाओं और पुरुषों में जेंडर पक्षपात के अनुभवों की बात सामने आयी है.

यह स्टडी कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में की गयी. जिसे वहां के हेंस्टिंग्स कॉलेज ऑफ लॉ में द सोसाइटी ऑफ वीमन इंजीनियर्स ने सेंटर फॉर वर्कलाइफ लॉ के साथ मिल कर किया. पुरुषों में जो पक्षपात की बात सामने आयी है वह उनकी जगह और बोली के आधार पर है. स्टडी के मुताबिक देश में दोनों जेंडर्स अलग-अलग स्तरों पर पक्षपात का अनुभव करते हैं.

44 फीसदी पुरुषों और 30 फीसदी महिला इंजीनियरों ने बताया कि उन्हें अपने राज्य या क्षेत्र की वजह से पक्षपात का सामना किया. ये सर्वे 2017 की शुरुआत में ऑनलाइन किया गया था, जिसमें अलग-अलग इंजीनियरिंग क्षेत्रों के 693 इंजीनियर्स ने हिस्सा लिया था. नीति सनन, संकाय, भारतीय प्रबंधन संस्थान, उदयपुर, और सलाहकार एडब्ल्यूइ ने कहा कि रिपोर्ट पूर्वाग्रह की समस्याओं को दिखाती है. साथ ही भारत के इंजीनियरिंग कार्यस्थल के अनुभवों को भी दर्शा रही है. 76 फीसदी इंजीनियरों ने बताया कि उन्हें सम्मान पाने के लिए खुद को साबित करना पड़ा. 495 प्रतिशत महिलाओं ने माना कि उन्हें अपनी महिला सहयोगियों से स्थान के लिए प्रतिस्पर्द्धा करनी पड़ी.

अनचाहे रोमांस का सामना करती हैं महिलाएं
कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में वर्कलाइफ लॉ के संस्थापक निदेशक जोन सी विलियम्स ने कहा, हमें महिला इंजीनियरों के बारे में संगठनों के अभिन्न अंग के रूप में सोचना शुरू करना चाहिए. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि और महिलाओं को पुरुषों के बराबर हक दिये जाने पर काम किया जाना चाहिए. 11 प्रतिशत महिला इंजीनियरों और 6 प्रतिशत पुरुष इंजीनियरों ने कार्यस्थल पर अनचाहा रोमांस या छूने की सूचना दी. पुरुषों (30 प्रतिशत) की तुलना में महिलाओं (45 प्रतिशत) ने काम में विनम्र भूमिका निभाने का दबाव महसूस किया.

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