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Home Badi Khabar Surya Grahan, Solar Eclipse 2022: लगने वाला है सूर्यग्रहण, इस दौरान नहीं करें ये काम, पड़ेगा बुरा प्रभाव

Surya Grahan, Solar Eclipse 2022: लगने वाला है सूर्यग्रहण, इस दौरान नहीं करें ये काम, पड़ेगा बुरा प्रभाव

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Surya Grahan, Solar Eclipse 2022: लगने वाला है सूर्यग्रहण, इस दौरान नहीं करें ये काम, पड़ेगा बुरा प्रभाव

Surya Grahan, Solar Eclipse 2022: आज 25 अक्टूबर को साल का आखिरी सूर्यग्रहण लगने जा रहा है.देश के सभी राज्यों में दिखने वाले इस सूर्य ग्रहण का यूं तो राशियों के हिसाब से अलग अलग असर होगा लेकिन धार्मिक मान्यताओं व ज्योतिष उपायों से इसके नकारात्मक प्रभावों को कम किया जा सकता है. ग्रहण के दौरान जरूर करें ये उपाय

सूर्य ग्रहण 2022 समय

सूर्य ग्रहण आरंभ- 25 अक्टूबर को शाम 4 बजकर 29 मिनट से शुरू
सूर्य ग्रहण समाप्त- 5 बजकर 42 मिनट तक

सूर्य ग्रहण 2022 का सूतक काल
सूतक काल का प्रारंभ: 25 अक्टूबर को सुबह 03 बजकर 17 मिनट से शुरू

सूतक काल का समापन: 25 अक्टूबर को शाम 05 बजकर 42 मिनट पर

खाने-पीने की चीजों में डालें तुलसी दल

तुलसी दल को पवित्र माना जाता है.इसके साथ ही यह नकारात्मक ऊर्जा से भी बचाव करती है.इसलिए ग्रहण से पहले ही खाने-पीने की चीजों में तुलसी की कुछ पत्तियां डाल दें, जिससे भोजन में किसी भी प्रकार के दुष्प्रभाव न पड़े और उसे बाद में खा सके.

सूर्य की करें आराधना

माना जाता है कि सूर्य ग्रहण के समय मंत्रों का जाप करना शुभ होता है.इसलिए आप ग्रहण के वक्त सूर्य के मंत्रों का जाप कर सकते हैं.इसके अलावा नकारात्मक ऊर्जा से बचने के लिए गायत्री मंत्र का भी जाप कर सकते हैं.

ग्रहण के बाद करें ये काम

ग्रहण का मोक्ष यानी पूरा समय होने के बाद मकान, दुकान, प्रतिष्ठान की साफ सफाई कर अच्छे से धुलाई करें. संभव हो तो पूरे घर को नमक के पानी से धोएं. इसके बाद खुद भी स्नान कर देवी देवताओं को स्नान कराएं. इसके बाद खाद्य पदार्थों पर गंगाजल छिड़क कर उनको शुद्ध करें. ग्रहण के प्रभाव सभी तरह के ग्रहण यानि सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण पर लागू होते हैं.

सूतक काल का दौरान इन कार्यों की मनाही

सूतक काल का दौरान बहुत से कार्य करने की मनाही होती है. इन कार्यों को करने से हानी हो सकती है. यहां देखें वो कौन से काम हैं जो सूतक काल में नहीं करना चाहिए

  • ज्योतिष शास्त्र में सूर्य ग्रहण को एक अशुभ घटना माना जाता है और इसके सूतल काल से ही

  • शुभ और मांगलिक कार्यों को करने की रोक लगा जाती है.

  • ग्रहण के दौरान भोजन करना वर्जित होता है.

  • ज्योतिष शास्त्र में कहा गया है कि इस दौरान दांत साफ करना और कंघी करने की भी मनाही होता है. इन कार्यों को करना अशुभ फल दे सकता है.

  • मान्यता है कि सूतक काल से ही गर्भवती महिलाएं घर से बाहर न निकलें.

  • घर के मंदिर को ढंक दें. इस दौरान मंदिरों के पट भी बंद रखे जाते हैं.

  • ग्रहण के दौरान यात्रा करने से बचना चाहिए.

  • सूर्य ग्रहण के दौरान ना तो भोजन पकाएं, ना ही काटने-छीलने का काम करें और ना ही भोजन करें.

  • खासतौर पर गर्भवती महिलाएं इस दौरान चाकू-कैंची या किसी भी धारदार चीज का इस्‍तेमाल न करें, ना ही ये चीजें हाथ में लें.

कब लगता है सूर्यग्रहण

सूर्य ग्रहण तब लगता है, जब सूरज और पृथ्वी के बीच में चंद्रमा आ जाता और वह सूर्य की रोशनी पृथ्वी पर आने से कुछ समय के लिए रोक देता है. जानें भारत में सूर्य ग्रहण लगने का समय क्या है और कहां-कहां देखा जा सकेगा
मनाया जाएगा.

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शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.
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