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Home Life and Style भीषण गर्मी में आंखों के इन्फेक्शन के मामले 35 प्रतिशत बढ़े, डॉक्टरों ने दी बड़ी सलाह

भीषण गर्मी में आंखों के इन्फेक्शन के मामले 35 प्रतिशत बढ़े, डॉक्टरों ने दी बड़ी सलाह

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भीषण गर्मी में आंखों के इन्फेक्शन के मामले 35 प्रतिशत बढ़े, डॉक्टरों ने दी बड़ी सलाह
गर्मियों में आंखों में होने वाली समस्याओं से कैसे बचें Ai image

Summer Eye Problems: दिल्ली और उत्तर भारत में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच लोगों में आंखों से जुड़ी प्रॉब्लम्स तेजी से बढ़ रही हैं. धूल, गर्म हवाएं, कम मॉइस्चर और लगातार स्क्रीन पर काम करने की आदत के कारण आंखों में जलन, ड्राइनेस, रेडनेस और एलर्जी के मामले 35 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं. डॉक्टरों के अनुसार यह समस्या खासकर उन लोगों में ज्यादा देखी जा रही है जो लंबे समय तक मोबाइल और कंप्यूटर का इस्तेमाल करते हैं. विशेषज्ञों ने आंखों की नमी बनाए रखने और इन्फेक्शन से बचाव के लिए कुछ जरूरी सावधानियां अपनाने की सलाह दी है.

स्क्रीन टाइम और आंखों का ड्राई होना

सेंटर फॉर साइट ग्रुप ऑफ आई हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. महिपाल सिंह सचदेवा ने बताया कि मोबाइल, लैपटॉप और कंप्यूटर पर लंबे समय तक काम करने से पलक झपकाने की आदत कम हो जाती है. सामान्य तौर पर एक व्यक्ति प्रति मिनट 15 से 20 बार पलक झपकाता है, लेकिन स्क्रीन देखने के दौरान यह घटकर 6 से 8 बार रह जाता है. इससे आंखों की सतह पर मौजूद पानी के लेयर जल्दी सूख जाती है और आंखों में ड्राइनेस, खुजली और जलन होने लगती है.

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लू, एसी और धूल का असर

डॉ. सचदेवा के अनुसार गर्मी में चलने वाली लू और ड्राई हवा आंखों की नमी को तेजी से खत्म कर देती है. इसके अलावा एयर कंडीशनर का लगातार इस्तेमाल भी कमरे के मॉइस्चरको कम कर देता है, जिससे आंखें और ज्यादा सूख जाती हैं. इसके अलावा धूल और प्रदूषण भी इस समस्या को बढ़ाते हैं.

डॉक्टरों की जरूरी सलाह

डॉ. महिपाल सिंह सचदेवा ने सलाह दी है कि कंप्यूटर या मोबाइल पर काम करने वाले लोग हर 20 मिनट में 20 सेकंड के लिए कम से कम 20 फुट दूर देखें. इसे “20-20-20 रूल” कहा जाता है. इसके साथ ही बार-बार पलक झपकाना और दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बहुत जरूरी है, ताकि आंखों की नमी बनी रहे.

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इन्फेक्शन और यूवी किरणों का खतरा

कम्प्लीट आई केयर की नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. पारुल सोनी ने बताया कि इस मौसम में गर्मी और धूल के कारण आंखों में इन्फेक्शन जैसे कंजंक्टिवाइटिस और आई फ्लू के मामले भी बढ़ जाते हैं. साथ ही लगातार यूवी किरणों के कॉन्टैक्ट में रहने से आंखों की सतह और रेटिना को नुकसान हो सकता है. इसलिए आंखों की सुरक्षा बेहद जरूरी है.

कॉन्टैक्ट लेंस से बचने की सलाह

डॉक्टरों ने यह भी सलाह दी है कि गर्मी के मौसम में कॉन्टैक्ट लेंस का इस्तेमाल कम करें और उसकी जगह चश्मा पहनें. लू और सूखी हवा में लेंस जल्दी सूख जाते हैं, जिससे इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है और आंखों में जलन भी हो सकती है.

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सौरभ पोद्दार एक लाइफस्टाइल जर्नलिस्ट हैं और पिछले 4 सालों से डिजिटल मीडिया में एक्टिव हैं. उन्होंने रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है. फिलहाल, सौरभ 'प्रभात खबर' के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बतौर कंटेंट राइटर काम कर रहे हैं. सौरभ को उन विषयों पर लिखना सबसे ज्यादा पसंद है, जो हमारी रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े हैं. उनके आर्टिकल्स में आपको हेल्थ, फिटनेस, स्किन-हेयर केयर, पेरेंटिंग, हेल्दी रेसिपीज, घरेलू नुस्खे, रिलेशनशिप और वास्तु शास्त्र जैसी उपयोगी जानकारियां मिलेंगी. फिटनेस और अच्छी सेहत सौरभ की निजी जिंदगी का भी अहम हिस्सा हैं. वे जिन विषयों पर लिखते हैं, उन्हें अपनी रूटीन में फॉलो भी करते हैं. उनका मानना है कि जब आप किसी चीज को खुद एक्सपीरियंस करते हैं, तभी दूसरों तक सही और प्रैक्टिकल जानकारी पहुंचा सकते हैं. उनकी हमेशा यही कोशिश रहती है कि वे ट्रेंडिंग टॉपिक्स पर बिल्कुल आसान और आम बोलचाल की भाषा में लिखें, ताकि हर पाठक उसे आसानी से समझ सके. यही वजह है कि उनके लिखे आर्टिकल्स काफी एंगेजिंग और एसईओ फ्रेंडली होते हैं.
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