[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Life and Style बच्चे के डिजिटल एटीट्यूड में छिपी है बड़ी समस्या, इन 7 संकेतों को न करें नजरअंदाज

बच्चे के डिजिटल एटीट्यूड में छिपी है बड़ी समस्या, इन 7 संकेतों को न करें नजरअंदाज

0
बच्चे के डिजिटल एटीट्यूड में छिपी है बड़ी समस्या, इन 7 संकेतों को न करें नजरअंदाज
Pic Credit- Meta AI

Parenting Tips: आज के डिजिटल युग में बच्चे मोबाइल और इंटरनेट का इस्तेमाल तो करते ही हैं. यह जरूरी भी है, क्योंकि पढ़ाई से संबंधित ज्यादतर काम काम ऑनलाइन हो चला है. कई बार बच्चे मनोरंजन के लिए भी इसका इस्तेमाल करते हैं. लेकिन अगर बच्चा जरूरत से ज्यादा मोबाइल पर समय बिताने लग जाए, आपकी बातों को इग्नोर करने लग जाए तो यह गंभीर चिंता का विषय हो सकता है. यह सिर्फ आदत नहीं, बल्कि कई बार यह किसी छुपे हुए तनाव, अकेलेपन या गलत दिशा में बढ़ते कदमों की ओर इशारा करता है. आज हम उन संकेतों को बताएंगे जो इस बात को बताएगा कि आपका बच्चा किस तरह की परेशानी में है.

भावनात्मक खालीपन या अकेलापन

अगर बच्चा अपने आसपास की दुनिया को छोड़कर वर्चुअल दुनिया में ज्यादा वक्त बिताने लगे तो आपको सावधान हो जाने की जरूरत है. क्यों कि यह इस बात का संकेत हो सकता है कि वह भावनात्मक रूप से खुद को अकेला महसूस कर रहा है.

Also Read: Parenting Tips: कहीं आपका बच्चा भी तो बुरी संगति में तो नहीं है फंसा? इन संकेतों से लगाएं पता

आत्मविश्वास की कमी

कई बार बच्चे पढ़ाई या खेलकूद समेत कई एक्टिविटीज में बेहतर नहीं कर पाते हैं. ऐसी स्थिति में आत्मविश्वास का डगमगाना लाजमी है. ऐसे में वह कॉन्फिडेंस को पाने के लिए मोबाइल और इंटरनेट पर ज्यादा सक्रिय हो जाते है. क्योंकि ऐसा करके वह आत्मविश्वास की कमी को भरपाई करने का तरीका ढूंढते हैं

वास्तविक जीवन की समस्याओं से बचाव

अगर बच्चा स्कूल में परेशानी झेल रहा है, परिवार में तनाव है या दोस्ती में दरार है, तो वह इंटरनेट की दुनिया में भागने की कोशिश कर सकता है. यह एक तरह का “escape mechanism” होता है. मनोविज्ञान में इसका तात्पर्य वैसी मानसिक प्रक्रियाओं से है जिनका उपयोग अप्रिय या तनावपूर्ण वास्तविकताओं से बचने या पीछे हटने के लिए किया जाता है.

मोबाइल का अधिक इस्तेमाल बन सकती है लत

मोबाइल का अधिक यूज, खासकर बच्चे सोशल मीडिया या गेमिंग में ज्यादा समय बीता रहे हों तो यह उसके ब्रेन से डोपामिन रिलीज करता है, जिससे उन्हें अस्थायी खुशी मिलती है. यह धीरे-धीरे लत (addiction) में बदल जाता है और वह कुछ समय बाद असल दुनिया से कटने लगता है.

दिशा और उद्देश्य की कमी

जब बच्चों को सही दिशा, लक्ष्य और मार्गदर्शन नहीं मिलता, तो वे समय काटने के लिए इंटरनेट की ओर मुड़ते हैं. यह उनके जीवन में खालीपन और अस्थिरता का संकेत हो सकता है.

गलत कंटेंट का प्रभाव

कभी-कभी बच्चे इंटरनेट पर कुछ ऐसा देख लेते हैं, जिसे वे किसी से कह नहीं पाते. इसका बोझ वह लगातार स्क्रीन पर टिके रहकर निकालने की कोशिश करते हैं.

अभिभावकों का अत्यधिक दबाव या निगरानी

अगर माता-पिता जरूरत से ज्यादा कंट्रोलिंग हैं या बच्चे को हर बात के लिए टोकते हैं, तो बच्चा मोबाइल की दुनिया में अपनी “आजादी” तलाशने लगता है.

क्या करें?

  • प्यार और विश्वास के साथ संवाद करें
  • बच्चे के व्यवहार को जज न करें
  • एक हेल्दी रूटीन बनाएं जिसमें मोबाइल का सीमित इस्तेमाल हो
  • बच्चे की रुचियों को प्रोत्साहित करें (खेल, म्यूजिक, कला आदि)
  • पेशेवर काउंसलर की मदद लेने में हिचकिचाएं नहीं

Also Read: Parenting Tips: बच्चा करता है हद से ज्यादा बदतमीजी? सुधार लाना है तो इन टिप्स को करें फॉलो

Previous article Shefali Jariwala: अपने मौत के दिन इस शख्स से मिलने वाली थी शेफाली, WhatsApp Chat लीक, जानें नाम
Next article बलिया जिला अस्पताल की स्थिति सुधारने के लिए धरना पर बैठे प्रेम वर्मा, सीएमओ पर लगाया गंभीर आरोप
Avatar Of Sameer Oraon
समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel