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Home Life and Style घर सजाने निकले थे और उसे बना बैठे माचिस की डिब्बी? जानिए वो 5 गलतियां जो बड़े कमरे को भी छोटा दिखाने लगती हैं

घर सजाने निकले थे और उसे बना बैठे माचिस की डिब्बी? जानिए वो 5 गलतियां जो बड़े कमरे को भी छोटा दिखाने लगती हैं

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घर सजाने निकले थे और उसे बना बैठे माचिस की डिब्बी? जानिए वो 5 गलतियां जो बड़े कमरे को भी छोटा दिखाने लगती हैं
छोटे से घर को भी बड़ा दिखाने के लिए क्या करें? Ai image

Home Decor Tips: पूरे दिन इधर से उधर भागदौड़ करने के बाद जब हम शाम के समय घर वापस आते हैं, तो हमारी चाहत होती है कि हमें यहां पर एक सुकून और खुलापन मिले. लेकिन अक्सर ऐसा होता है कि इस समय हमें अपना कम अचानक से बहुत ही छोटा, बिखरा हुआ और घुटन से भरा हुआ महसूस होने लगता है. हमें लगने लगता है कि यह कमरा कितना छोटा है. अगर आपके साथ भी ऐसा हुआ है तो यकीन मानिए, प्रॉब्लम आपके घर के साइज में नहीं, बल्कि उसे सजाने के तरीके में हैं. जाने-अनजाने में की गयी इंटीरियर की कुछ छोटी से छोटी गलतियां भी आपके बड़े से बड़े कमरे को डिब्बे जैसा छोटा दिखा सकती है. आज इस आर्टिकल में हम आपको कुछ ऐसी गलतियों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें अगर आप सुधार लेते हैं तो आपका घर पहले से काफी ज्यादा आलिशान और खुला हुआ फील होने लग जाएगा. तो चलिए इन गलतियों के बारे में विस्तार से जानते हैं.

बहुत हैवी और बड़े फर्नीचर का चुनाव

छोटे या मीडियम साइज के कमरे में आपको कभी भी बहुत बड़ा सोफा, भारी किंग-साइज बेड या एक बड़ा सा सेंटर टेबल कभी भी नहीं रखना चाहिए। इस तरह के हैवी फर्नीचर कमरे की बची-कुची जगह को भी घेर लेता है, जिससे चलने-फिरने की जगह ही नहीं बचती. अगर आप नहीं चाहते हैं कि ऐसा हो, तो हमेशा अपने कमरे के साइज के हिसाब से ही फर्नीचर चुनें. भारी-भरकम सोफे की जगह स्लिम लेग्स यानी पतले पैरों वाले और कम ऊंचाई वाले फर्नीचर का इस्तेमाल करें. इसके अलावा मल्टी-पर्पज फर्नीचर, जैसे कि स्टोरेज वाला बेड या सोफा-कम-बेड, छोटे कमरों के लिए बेस्ट साबित होते हैं.

गहरे रंगों का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल

डार्क कलर्स जैसे कि डीप ब्लू, ब्लैक या मैरून दिखने में बहुत रॉयल लगते हैं, लेकिन अगर इन्हें पूरे कमरे की दीवारों पर लगा दिया जाए, तो यह लाइट को पूरी तरह से एब्जॉर्ब कर लेते हैं. लाइट कम होने की वजह से कमरा बहुत छोटा और बंद-बंद सा महसूस होने लगता है. दीवारों के लिए हमेशा हल्के रंगों जैसे कि सफेद, ऑफ-व्हाइट, क्रीम या लाइट ग्रे का ही चुनाव करें. हल्के रंग लाइट को रिफ्लेक्ट करते हैं, जिससे कमरा बड़ा और खुला हुआ दिखता है. अगर आपको डार्क कलर्स पसंद हैं, तो उनका इस्तेमाल सिर्फ कुशन, थ्रो या किसी एक एक्सेंट वॉल तक ही सीमित रखें.

पर्दों को गलत तरीके से टांगना

अक्सर हम यह गलती करते हैं कि खिड़की के साइज के बराबर ही पर्दा लगाते हैं या फिर पर्दों के रॉड को खिड़की के ठीक ऊपर फिट कर देते हैं. इस छोटी सी गलती की वजह से आपके कमरे की ऊंचाई को कम दिखने लगती है, जिससे पूरा कमरा भी छोटा लगने लगता है. ऐसा न हो इसलिए पर्दों को हमेशा छत के बिल्कुल पास से लटकाएं और उन्हें फर्श तक छूने दें. इसके अलावा, पर्दे की रॉड को खिड़की की चौड़ाई से थोड़ा बाहर तक फैलाएं. ऐसा करने से इल्यूजन पैदा होता है कि आपकी खिड़की और छत दोनों ही काफी ऊंची हैं.

लाइटिंग की कमी या सिर्फ एक ही लाइट पर डिपेंड रहना

आपको यह जानकर हैरानी हो सकती है लेकिन कमरे के बीचों-बीच सिर्फ एक तेज बल्ब या ट्यूबलाइट लगा देने से पूरे कमरे में बराबर लाइट नहीं फैलती. इसके कारण कमरे के कोने अंधेरे में डूब जाते हैं, जिससे कमरा अपनी असली साइज से बहुत छोटा दिखाई देने लगता है. इस प्रॉब्लम से बचने के लिए कमरे में लेयर्ड लाइटिंग टेक्नीक का इस्तेमाल करें. इसका मतलब है कि मेन लाइट के साथ-साथ कॉर्नर लैंप, वॉल स्कॉन्स और एलईडी स्ट्रिप लाइट्स का इस्तेमाल करें. जब कमरे का हर कोना चमक उठेगा, तो वह अपने आप बड़ा दिखने लगेगा.

हर जगह को डेकोरेशन के सामान से भर देना

घर को डेकोरेट करने के चक्कर में हर खाली टेबल, शेल्फ या दीवार पर शोपीस, तस्वीरें और आर्टिफिशियल पौधे रख देना आपकी सबसे बड़ी गलती हो सकती है. इसे विजुअल क्लटर कहते हैं क्योंकि जब आंखों को कमरे में कहीं भी खाली जगह नहीं दिखती, तो दिमाग को वह जगह बहुत संकरी लगती है. इस प्रॉब्लम से बचने के लिए मिनिमलिस्म के रूल को अपनाएं. सिर्फ उन्हीं चीजों को बाहर रखें जो सच में सुंदर हैं या फिर जरूरी हैं. बाकी चीजों को अलमारी के अंदर समेट कर रखें. बता दें दीवारों और फर्श पर जितनी खाली जगह दिखेगी, घर उतना ही खुला-खुला और खुशनुमा लगेगा.

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सौरभ पोद्दार एक लाइफस्टाइल जर्नलिस्ट हैं और पिछले 4 सालों से डिजिटल मीडिया में एक्टिव हैं. उन्होंने रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है. फिलहाल, सौरभ 'प्रभात खबर' के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बतौर कंटेंट राइटर काम कर रहे हैं. सौरभ को उन विषयों पर लिखना सबसे ज्यादा पसंद है, जो हमारी रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े हैं. उनके आर्टिकल्स में आपको हेल्थ, फिटनेस, स्किन-हेयर केयर, पेरेंटिंग, हेल्दी रेसिपीज, घरेलू नुस्खे, रिलेशनशिप और वास्तु शास्त्र जैसी उपयोगी जानकारियां मिलेंगी. फिटनेस और अच्छी सेहत सौरभ की निजी जिंदगी का भी अहम हिस्सा हैं. वे जिन विषयों पर लिखते हैं, उन्हें अपनी रूटीन में फॉलो भी करते हैं. उनका मानना है कि जब आप किसी चीज को खुद एक्सपीरियंस करते हैं, तभी दूसरों तक सही और प्रैक्टिकल जानकारी पहुंचा सकते हैं. उनकी हमेशा यही कोशिश रहती है कि वे ट्रेंडिंग टॉपिक्स पर बिल्कुल आसान और आम बोलचाल की भाषा में लिखें, ताकि हर पाठक उसे आसानी से समझ सके. यही वजह है कि उनके लिखे आर्टिकल्स काफी एंगेजिंग और एसईओ फ्रेंडली होते हैं.
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