[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Life and Style मॉल वाले आपके दिमाग से खेलकर करवा लेते हैं ज्यादा शॉपिंग, हर कस्टमर पर अपनाई जाती हैं ये 5 सीक्रेट ट्रिक्स

मॉल वाले आपके दिमाग से खेलकर करवा लेते हैं ज्यादा शॉपिंग, हर कस्टमर पर अपनाई जाती हैं ये 5 सीक्रेट ट्रिक्स

0
मॉल वाले आपके दिमाग से खेलकर करवा लेते हैं ज्यादा शॉपिंग, हर कस्टमर पर अपनाई जाती हैं ये 5 सीक्रेट ट्रिक्स
शॉपिंग मॉल वाले आपसे किस तरह से ज्यादा पैसे खर्च करवा लेते हैं? Ai image

Do You Know: हम जब भी शॉपिंग मॉल जाते हैं, तो घर से यही सोचकर निकलते हैं कि, ‘यार आज बस काम का ही सामान लेकर वापस आना है’. लेकिन जब हम मॉल से वापस घर लौटकर आते हैं, तो हाथों में बड़े-बड़े थैले होते हैं और पर्स भी खाली हो चुका होता है. अगर आपके साथ भी अक्सर ऐसा होता है, तो यह सिर्फ एक इत्तेफाक बिलकुल भी नहीं है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि जिस समय से हम मॉल में एंटर करते हैं, मॉल वाले हमारे दिमाग से खेलना शुरू कर देते हैं. उनके पास कई सीक्रेट ट्रिक्स होती हैं, जिनमें फंसकर अक्सर हम न चाहते हुए भी बेकार की चीजें मॉल से उठा लाते हैं. आज इस आर्टिकल में हम आपको ऐसी ही 5 ट्रिक्स और चालाकियों के बारे में बताने जा रहे हैं, ताकि अगली बार आप इनके इस जाल में फंसकर अपने पैसों को बेकार की चीजें खरीदने में बर्बाद न कर दें.

भूलभुलैया जैसे रास्ते और सीढ़ियों का कमाल

आपको शायद यह जानकर हैरानी हो लेकिन, मॉल का नक्शा इस तरह बनाया जाता है कि आप सीधे बाहर न निकल सकें. आप इसे एक तरह की भूलभुलैया समझ सकते हैं. आपने ध्यान दिया होगा कि ऊपर जाने वाली एस्केलेटर तो तुरंत मिल जाती है, लेकिन नीचे आने वाली सीढ़ी के लिए आपको पूरा फ्लोर घूमकर जाना पड़ता है. मॉल वाले ऐसा जानबूझकर करते हैं ताकि आप ज्यादा से ज्यादा दुकानों के सामने से गुजरें. जितनी दुकानें आपकी नजरों के सामने आएंगी, आपका मन किसी न किसी चीज को खरीदने के लिए उतना ही ज्यादा ललचाएगा.

ये भी पढ़ें: होटल के बिस्तर पर सिर्फ सफेद चादर ही क्यों बिछाई जाती है? ज्यादातर लोग नहीं जानते इसकी असली वजह

बहुत बड़ी शॉपिंग ट्रॉली पकड़ा देना

मॉल के गेट के अंदर घुसते ही सबसे पहले हमें एक बड़ी सी ट्रॉली या बास्केट थमा दी जाती है. यह भी एक बहुत ही बड़ा और चालाकी से खेला गया माइंड गेम है. जब हम इतनी बड़ी खाली ट्रॉली लेकर मॉल में घूमते हैं, तो हमें खुद अजीब सा लगता है. हमारा दिमाग सोचता है कि ‘अभी तो ट्रॉली खाली है, थोड़ी और शॉपिंग कर लेते हैं’. इसी खालीपन को भरने के चक्कर में हम उन चीजों को भी खरीद लेते हैं जिनकी हमें कोई जरूरत नहीं होती.

जरूरत का सामान सबसे पीछे छुपाना

दूध, ब्रेड, आटा, या कपड़े जैसी जो चीजें हमारी रोज की जरूरत की होती हैं, उन्हें मॉल वाले हमेशा सबसे पीछे या सबसे ऊपर वाली ट्रे पर रखते हैं. उन्हें पता है कि इस सामान को लेने के लिए कस्टमर मॉल के आखिरी कोने तक जरूर जाएगा. अब आप इनकी चालाकी देखिए, वहां तक पहुंचने के रास्ते में वो महंगे खिलौने, परफ्यूम, और चमकते हुए कपड़े सजाकर रख देते हैं. जब तक आप अपने काम के सामान तक पहुंचते हैं, तबतक रास्ते में ही कई फालतू चीजें आपकी ट्रॉली में आ चुकी होती हैं.

ये भी पढ़ें: क्या चिप्स के पैकेट में हवा भरकर कंपनियां आपको बना रही हैं बेवकूफ? असली वजह जानकर घूम जाएगा आपका दिमाग

दीवार पर घड़ी और खिड़कियों का न होना

दुनिया के लगभग किसी भी बड़े मॉल में आपको दो चीजें कभी नहीं दिखेंगी, पहली दीवार घड़ी और दूसरी बाहर का नजारा और लाइट दिखाने वाली खिड़कियां. मॉल के अंदर का माहौल ऐसा बनाया जाता है जहां आपको समय का अंदाजा ही न रहे. बाहर धूप है या रात हो गई, आपको कुछ पता नहीं चलता. जब समय का होश नहीं रहता, तो इंसान बिना किसी जल्दबाजी के आराम से घूमता है. आसान शब्दों में कहें तो, आप मॉल में जितना ज्यादा समय बिताएंगे, उतना ही ज्यादा आप पैसा खर्च करेंगे.

बिलिंग काउंटर के पास भी बिछाया जाता है जाल

जब आप अपनी शॉपिंग पूरी करके बिल चुकाने के लिए लाइन में खड़े होते हैं, तो वहां भी एक आखिरी जाल आपका इंतजार कर रहा होता है. बिलिंग काउंटर के पास छोटी-छोटी और कम कीमत वाली चीजें रखी होती हैं, जैसे चॉकलेट, च्युइंग गम, की-चैन या छोटे गैजेट्स. लाइन में खड़े-खड़े जब इंसान बोर होता है, तो उसकी नजर इन पर पड़ती है. हम सोचते हैं कि ‘चलो, 20-30 रुपये की ही तो बात है’ और उसे उठा लेते हैं. इसे ही कहा जाता है बिना सोचे-समझे की गई शॉपिंग, और इसी ट्रिक का इस्तेमाल करके मॉल वाले हर दिन लाखों रुपये भी कमा लेते हैं. अगर आप अपने पैसे बचाना चाहते हैं, तो अगली बार जब भी मॉल जाएं, तो घर से एक कागज पर लिस्ट बनाकर ले जाएं कि क्या-क्या खरीदना है. अगर आपको थोड़ा ही सामान लेना हो तो बड़ी ट्रॉली की जगह हाथ में उठाने वाली छोटी थैली का ही इस्तेमाल करें. ऐसा करने से आपके ढेर सारे पैसे बेवजह खर्च होने से बच जाएंगे.

ये भी पढ़ें: रेस्टोरेंट में बैठते ही सबसे पहले पानी का ग्लास क्यों दिया जाता है? जानिए इसके पीछे का साइकोलॉजिकल गेम

Previous article बंगाल बजट: स्वपन दासगुप्ता ने पेश किया पहला बजट, बोले- विरासत में मिला खाली खजाना, भारी कर्ज का बोझ
Next article प्रभात इम्पैक्ट : दुर्गा मंदिर परिसर से हटाया गया महीनों पुराना कचरा
Avatar Of Saurabh Poddar
सौरभ पोद्दार एक लाइफस्टाइल जर्नलिस्ट हैं और पिछले 4 सालों से डिजिटल मीडिया में एक्टिव हैं. उन्होंने रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है. फिलहाल, सौरभ 'प्रभात खबर' के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बतौर कंटेंट राइटर काम कर रहे हैं. सौरभ को उन विषयों पर लिखना सबसे ज्यादा पसंद है, जो हमारी रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े हैं. उनके आर्टिकल्स में आपको हेल्थ, फिटनेस, स्किन-हेयर केयर, पेरेंटिंग, हेल्दी रेसिपीज, घरेलू नुस्खे, रिलेशनशिप और वास्तु शास्त्र जैसी उपयोगी जानकारियां मिलेंगी. फिटनेस और अच्छी सेहत सौरभ की निजी जिंदगी का भी अहम हिस्सा हैं. वे जिन विषयों पर लिखते हैं, उन्हें अपनी रूटीन में फॉलो भी करते हैं. उनका मानना है कि जब आप किसी चीज को खुद एक्सपीरियंस करते हैं, तभी दूसरों तक सही और प्रैक्टिकल जानकारी पहुंचा सकते हैं. उनकी हमेशा यही कोशिश रहती है कि वे ट्रेंडिंग टॉपिक्स पर बिल्कुल आसान और आम बोलचाल की भाषा में लिखें, ताकि हर पाठक उसे आसानी से समझ सके. यही वजह है कि उनके लिखे आर्टिकल्स काफी एंगेजिंग और एसईओ फ्रेंडली होते हैं.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel