[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Life and Style Parenting Tips: क्या आपके बच्चे की बनाई ड्रॉइंग्स में छुपा है कोई गहरा सीक्रेट? जानें समझने का तरीका

Parenting Tips: क्या आपके बच्चे की बनाई ड्रॉइंग्स में छुपा है कोई गहरा सीक्रेट? जानें समझने का तरीका

0
Parenting Tips: क्या आपके बच्चे की बनाई ड्रॉइंग्स में छुपा है कोई गहरा सीक्रेट? जानें समझने का तरीका
AI generated image

Parenting Tips: जब बच्चा पहली बार कागज पर रंग भरता है तो वह सिर्फ एक ड्रॉइंग नहीं होती, बल्कि उसके दिल और दिमाग की एक झलक होती है. बच्चों की बनाई हर लाइन, हर शेप और हर रंग उनके मन की अनकही बातों को बयां करता है. कई बार वे अपनी खुशी को चमकीले रंगों में उतारते हैं, तो कभी अपने डर या उदासी को गहरे रंगों के पीछे में छुपा देते हैं. ऐसे में पैरेंट्स के लिए यह समझना काफी जरूरी हो जाता है कि बच्चों की ड्रॉइंग्स केवल खेल या टाइमपास नहीं, बल्कि उनके इमोशन्स और थॉट्स का एक आईना होता है. अगर हम ध्यान से देखें, तो इन्हीं तस्वीरों में उनके दिमाग का असली सीक्रेट्स और उनके इमोशंस की सच्ची तस्वीर छुपी होती है. आज हम आपको इस आर्टिकल में बताने वाले हैं कि आप किस तरह से अपने बच्चे के बनाये हुए ड्रॉइंग से उसके दिमाग में चल रही चीजों का पता लगा सकते हैं. चलिए जानते हैं विस्तार से.

रंग बताते हैं मूड और थिंकिंग

आपने गौर किया होगा कि कुछ बच्चे बार-बार गहरे रंग जैसे ब्लैक या ब्राउन का इस्तेमाल करते हैं जबकि कुछ बच्चे चमकीले रंगों का जैसे कि येल्लो, ब्लू या ग्रीन को ज्यादा पसंद करते हैं. रिसर्च के मुताबिक बच्चे अगर डार्क कलर्स ज्यादा इस्तेमाल करें तो यह उनके डर, उदासी या गुस्से की निशानी हो सकती है. वहीं, ब्राइट कलर्स का मतलब है कि बच्चा खुशमिजाज और पॉजिटिव थिंकिंग रखने वाला है.

यह भी पढ़ें: Parenting Tips: बच्चे को बनना चाहते हैं एक बेहतर लीडर और सफल इंसान? ये कारगर टिप्स आएंगे आपके काम

यह भी पढ़ें: Parenting Tips: पैरेंट्स की असफलता बच्चों के लिए कैसे बनती है सक्सेस का लेसन? जानें सबसे बड़ी पैरेंटिंग हैक

शेप और कैरेक्टर्स से क्या मिलता है मैसेज?

एक्सपर्ट्स के अनुसार अपने ड्रॉइंग्स में जिन शेप्स को बनाते हैं, वे भी उनके दिमाग के छिपे सीक्रेट्स को खोलने का काम करते हैं. जैसे अगर बच्चा बार-बार घर या परिवार की तस्वीर बनाता है तो इसका मतलब है कि उसे अपनी फैमिली से कनेक्शन और सिक्योरिटी की जरूरत है. वहीं, अगर वह ज्यादातर सुपरहीरो या फैंटेसी कैरेक्टर्स बनाता है तो यह उसकी इमेजिनेशन और क्रिएटिविटी की तरफ इशारा करता है.

साइज और डिटेल्स पर ध्यान दें

एक्सपर्ट्स की अगर मानें तो अगर बच्चे की ड्रॉइंग में किसी खास इंसान या चीज को बहुत बड़ा बनाकर दिखाया गया है तो समझ लीजिए कि वह इंसान या चीज उस बच्चे की जिंदगी में काफी ज्यादा मायने रखते है. वहीं, अगर बच्चा अपने ड्रॉइंग में बहुत सारी डिटेलिंग करता है तो यह उसकी ऑब्जर्वेशन पावर और फोकस्ड नेचर की तरफ इशारा करता है.

पैरेंट्स क्या कर सकते हैं?

सबसे जरूरी बात यह है कि माता-पिता या पैरेंट्स अपने बच्चों की ड्रॉइंग्स को जज न करें. अगर बच्चा गहरे रंग इस्तेमाल करता है तो उसे डांटे नहीं, बल्कि उससे प्यार से पूछें कि उसने ऐसा क्यों बनाया. इसी तरह, अगर वह कुछ अजीब या अलग शेप्स बनाता है तो इसे उसकी इमेजिनेशन ही समझें. बच्चों की ड्रॉइंग्स को समझना पैरेंट्स को उनके इमोशंस और बिहेवियर को बेहतर तरीके से जानने का मौका देता है.

यह भी पढ़ें: Parenting Tips: बच्चों को मना करने के बाद भी वे वही काम क्यों करते हैं? जानें हैरान कर देने वाला जवाब

Previous article मध्य विद्यालय घुसियांकलां में कई दिनों से चापाकल खराब, पेयजल संकट
Next article Heavy Rain Warning: 4 से 9 सितंबर तक भयंकर बारिश, 7 दिनों का अलर्ट, गरज-चमक के साथ पड़ेंगे छींटे
Avatar Of Saurabh Poddar
सौरभ पोद्दार एक लाइफस्टाइल जर्नलिस्ट हैं और पिछले 4 सालों से डिजिटल मीडिया में एक्टिव हैं. उन्होंने रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है. फिलहाल, सौरभ 'प्रभात खबर' के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बतौर कंटेंट राइटर काम कर रहे हैं. सौरभ को उन विषयों पर लिखना सबसे ज्यादा पसंद है, जो हमारी रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े हैं. उनके आर्टिकल्स में आपको हेल्थ, फिटनेस, स्किन-हेयर केयर, पेरेंटिंग, हेल्दी रेसिपीज, घरेलू नुस्खे, रिलेशनशिप और वास्तु शास्त्र जैसी उपयोगी जानकारियां मिलेंगी. फिटनेस और अच्छी सेहत सौरभ की निजी जिंदगी का भी अहम हिस्सा हैं. वे जिन विषयों पर लिखते हैं, उन्हें अपनी रूटीन में फॉलो भी करते हैं. उनका मानना है कि जब आप किसी चीज को खुद एक्सपीरियंस करते हैं, तभी दूसरों तक सही और प्रैक्टिकल जानकारी पहुंचा सकते हैं. उनकी हमेशा यही कोशिश रहती है कि वे ट्रेंडिंग टॉपिक्स पर बिल्कुल आसान और आम बोलचाल की भाषा में लिखें, ताकि हर पाठक उसे आसानी से समझ सके. यही वजह है कि उनके लिखे आर्टिकल्स काफी एंगेजिंग और एसईओ फ्रेंडली होते हैं.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel