[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Entertainment Rani Mukherjee :”ब्लैक” के लिए नेशनल अवार्ड ना मिलने पर हुई थी हर्ट

Rani Mukherjee :”ब्लैक” के लिए नेशनल अवार्ड ना मिलने पर हुई थी हर्ट

0
Rani Mukherjee :”ब्लैक” के लिए नेशनल अवार्ड ना मिलने पर हुई थी हर्ट
rani mukherjee

rani mukherjee :अभिनेत्री रानी मुखर्जी इस साल हिंदी सिनेमा में अपने 30 साल पूरे कर रही हैं. गुरुवार को मुंबई के यशराज स्टूडियो में इस मौके को सेलिब्रेट किया गया. इस मौके पर रानी से फिल्मकार और अपने करीबी दोस्त करण जौहर ने उनके अब तक के सफर पर बात की. इस दौरान रानी मुखर्जी ने अपने करियर की ख़ास फिल्मों में संजय लीला भंसाली की फिल्म “ब्लैक” का नाम लिया. रानी ने बताया कि ” ब्लैक ” फिल्म के लिए मैंने छह महीने तक साइन लैंग्वेज सीखी थी. फिजिकली चैलेंज्ड लोगों से मिली थी.मैं संजय सर को भी इसके लिए श्रेय देना चाहूंगी. वह मुझे सेट पर हर दिन मेरा बेस्ट देने के लिए मोटिवेट करते थे. सेट का माहौल ही कुछ ऐसा था कि आपको बेस्ट देना ही था. सेट पर ही कितनी डिटेलिंग के साथ काम हुआ था और फिर अभिनय की मास्टर क्लास अमिताभ बच्चन का होना. ये सब आपको बेस्ट करने के लिए इंस्पायर करते हैं.
           

2005 में रिलीज हुई “ब्लैक ” ने उस साल कई नेशनल अवार्ड अपने नाम किया था. फिल्मकार संजय लीला भंसाली के साथ -साथ अभिनेता अमिताभ बच्चन ने भी नेशनल अवार्ड अपने नाम किया था. सभी को उम्मीद थी कि रानी मुखर्जी को भी सर्वश्रेष्ठ अदाकारा का नेशनल अवार्ड दिया जाएगा,लेकिन रानी मुखर्जी का नाम नहीं था.उस वक़्त को याद करते हुए रानी ने बताया कि मेरे पिता का दिल टूटा था,  माँ का और मेरे फैंस का भी.सभी को लगा था कि मुझे वह अवार्ड मिलना चाहिए था. मैं भी हर्ट हुई थी, लेकिन अब मैं सोचती हूँ तो ये अच्छा ही हुआ.करियर के शुरूआती दौर में अगर नेशनल अवार्ड मिल जाता तो शायद मैं इतनी ज्यादा फोकस्ड नहीं होती थी. अवार्ड ना मिलने से मैं और ज्यादा अपने काम को और बेहतर करने के लिए फोकस्ड हुई. शुरुआत में जब मैं फिल्मों से जुड़ी तो मेरा मुख्य उद्देश्य अपने घरवालों को आर्थिक रूप से मजबूत कर उनके चेहरे पर ख़ुशी लाना था लेकिन मेरे फैंस ने एक्टिंग क्राफ्ट से मुझे जोड़ दिया. हमारे वक़्त में फैंस लेटर्स लिखते थे. फैनमेल आते थे.वो सब पढ़कर लगता था कि मुझे इनकी उम्मीदों पर खरा उतरना है.बेस्ट काम करना है. 2023 में रिलीज  मिसेज चटर्जी वर्सेज नॉर्वे में आखिर मुझे नेशनल अवार्ड मिल गया. उस भूमिका की प्रेरणा मैं अपनी माँ को कहूँगी. देबीका के किरदार की तरह मेरी माँ की दुनिया भी मैं और मेरा भाई ही रहे हैं. वह भी कोलकाता से मुंबई आयी थी. नए शहर में उन्होंने अपनी शुरुआत की. उनकी बोलचाल में अभी भी बांग्ला भाषा का टच आता है फिर चाहे वह अंग्रेजी हो या हिंदी. इन सभी पहलुओं को मैंने देबीका के किरदार में रखने की कोशिश की.    

                      इस इवेंट में  ब्लैक ,मिसेज चटर्जी वर्सेज नॉर्वे के अलावा उन्होंने अपनी फिल्म राजा की आएगी बारात, ग़ुलाम , साथिया, कुछ कुछ होता है,कभी अलविदा ना कहना ,हिचकी के साथ साथ अपनी आगामी रिलीज को तैयार फिल्म मर्दानी 3 पर भी बात की. उन्होंने बताया कि निर्भया कांड के बाद जिस तरह से देश में हालात बने थे.उसने यशराज फिल्म्स को मर्दानी का आईडिया दिया था. वह दर्शकों की शुक्रगुजार हैं कि इस फ्रेंचाइजी को लोगों का इतना प्यार मिला कि तीसरी क़िस्त आगामी 30 जनवरी को सिनेमाघरों में दस्तक दे रही है. रानी इस बात को भी दोहराती हैं कि  मर्दानी के फर्स्ट पार्ट से तीसरे पार्ट की रिलीज तक अभी भी महिलाओं की सुरक्षा अहम मुद्दा है. जो इस फ्रेंचाइजी को सामयिक बना जाता है.इसके साथ ही रानी ने यह भी कहा कि उन्हें अपनी फिल्म को फीमेल ओरिएंटेड कहने से ऐतराज है. उन्हें लगता है कि फिल्म दो ही तरह की होनी चाहिए अच्छी और बुरी. उसके साथ जेंडर नहीं जोड़ना चाहिए. इससे हम भेदभाव को खत्म नहीं करते हैं बल्कि और बढ़ावा देते हैं. 

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel