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Home Entertainment Movie Review Tu Yaa Main Review: इस सर्वाइवल ड्रामा में आदर्श गौरव ने किया कमाल

Tu Yaa Main Review: इस सर्वाइवल ड्रामा में आदर्श गौरव ने किया कमाल

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Tu Yaa Main Review: इस सर्वाइवल ड्रामा में आदर्श गौरव ने किया कमाल
tu yaa main review

फिल्म – तू या मैं 

निर्माता -आनंद एल राय और विनोद भानुशाली 

निर्देशक -बिजॉय नाम्बियार कलाकार -आदर्श गौरव ,शनाया कपूर,क्षिति जोग,पारुल गुलाटी,अंश विकास,अमृता खानविलकर और अन्य

प्लेटफार्म -सिनेमाघर 

रेटिंग – ढाई 


tu yaa main review :हिंदी सिनेमा में सर्वाइवल ड्रामा फिल्में उंगलियों पर गिनी जा सकती है. सिनेमाघरों में आज रिलीज हुई तू या मैं इसी जॉनर की आधी फिल्म है क्योंकि फिल्म का पहला भाग रिलेशनशिप ड्रामा है. सेकेंड हाफ में यह सर्वाइवल ड्रामा में तब्दील होती है. दो जॉनर में बांटी गयी यह फिल्म कहानी और ट्रीटमेंट की वजह से भले ही बेहतरीन फिल्मों में शुमार नहीं हो पाती है ,लेकिन औसत जरूर है.जिससे एक बार देखी जा सकती है.

ये है कहानी 

फिल्म की कहानी थाई फिल्म द पूल का हिंदी अडॉप्टेशन है.जिसे भारतीय परिवेश में ढाला गया है.फिल्म की कहानी अवनि शाह (शनाया कपूर )और मारुति कदम (आदर्श गौरव )की है.दोनों ही सोशल मीडिया से जुड़े हैं. अवनि जहां सोशल मीडिया स्टार है वहीँ मारुति संघर्षरत रैपर,राइटर और डायरेक्टर है। अंतर सिर्फ यही नहीं है बल्कि मारुति जहाँ नालासोपारा में अभावों में जिंदगी जी रहा है वहीँ अवनि मुंबई के पॉश इलाके में रईसों की जिंदगी जीती है. शुरूआती मुलाक़ात में एक दूसरे के प्रति आकर्षण महसूस करते हुए दोनों कोलैब के इरादे से जुड़ते हैं, लेकिन जल्द ही वह प्यार में पड़ जाते हैं. जो अवनि शाह के परिवार के आँख की किरकिरी बन जाता है और कुछ समय बाद मारुति को भी यह रिश्ता और उससे आनेवाली जिम्मेदारियां अपने सपने के बीच रोड़ा बनती नज़र आने लगती है.रिश्ते में नोंक झोंक शुरू हो जाती है.इसी बीच परिस्थितियां कुछ ऐसी बनती है कि  दोनों गोवा ट्रिप पर निकल पड़ते हैं.गोवा के रास्ते में वह एक रिजॉर्ट में रुकना पड़ता  हैं. जहाँ की एक स्विमिंग पूल में ये दोनों फंस जाते हैं.उनके अलावा इस रिजॉर्ट में एक नहीं बल्कि दो मगरमच्छ है. ये दोनों मगरमच्छ उस रिजॉर्ट में कैसे आये. अवनि और मारुति क्या बच पाएंगे। क्या जिंदगी की इस जंग में उनका रिश्ता बच पायेगा. इन सवालों का जवाब फिल्म आगे देती है.

फिल्म की खूबियां और खामियां 

फिल्म की शुरुआत ही मगरमच्छ द्वारा तीन लोगों के शिकार बनाये जाने से होती है. पहले ही सीन से फिल्म का मूड तय कर दिया गया है लेकिन फिर अगले ही पल फिल्म सोशल मीडिया की दुनिया और उससे जुड़े दोनों लोगों की प्रेम कहानी बन जाती है,लेकिन दिक्कत यह है कि गहराई में यह फिल्म इन दोनों पहलुओं को नहीं दिखा पायी है.सोशल मीडिया की दुनिया को सरसरी तौर पर दिखाती है तो अवनि और मारुति एक दूसरे के प्यार में कैसे पड़ जाते हैं खासकर अवनि. इसकी वजह भी ठोस स्क्रीनप्ले में बतायी नहीं गयी है.उसके बाद इंटरवल होता और अचानक से फिल्म का जॉनर ही बदल जाता है। फिल्म सर्वाइवल थ्रिलर में बदल जाती है. यही से फिल्म ना सिर्फ रफ़्तार पकड़ती है बल्कि रोमांच भी बढ़ जाता है.स्विमिंग पूल जैसी छोटी जगह में मगरमच्छ के खतरे से खुद को बचाये रखना और उससे टकराना रोमांचक है. कई दृश्य प्रभावशाली हैं.दूसरे पहलुओं की बात करें तो पुरानी फिल्मों के हिट गीतों का बैकग्राउंड में इस्तेमाल नया ट्रेंड बनता जा रहा है. इस ट्रेंड को यह फिल्म भी चोरी चोरी जब यूं हो आँखे चार हो और  तुम ही हमारी  मंजिल ओ माय लव जैसे गीतों से दिलचस्प अंदाज़ में फॉलो करती है.बैकग्राउंड स्कोर और सिनेमेटोग्राफी फिल्म को मजबूती देते हैं.फिल्म की एडिटिंग पर थोड़ा काम करने की जरुरत थी.इससे फिल्म असरदार बन जाती थी.खामियों की बात करें तो मगरमच्छ इस फिल्म का अहम किरदार है लेकिन कई मौकों पर वह नकली मालूम पड़ने लगता है.फिल्म कई जगह लॉजिक को ताक पर भी रख देती है. अवनि शाह जिस बैकग्राउंड से आती है. उसकी गुमशुदगी होने पर पुलिस के लिए लोकेशन ट्रेस ना कर पाना थोड़ा अखरता है.केयरटेकर का मोबाइल फोन का पानी में तैरना भी लॉजिकल नहीं है. 

आदर्श गौरव ने किया कमाल

 अभिनय की बात करें तो यह फिल्म आदर्श गौरव की है,उन्होंने बोलचाल से लेकर बॉडी लैंग्वेज सभी में बहुत ही बारीकी के साथ अपने किरदार को जिया है. आदर्श गौरव ने इस फिल्म में अपने म्यूजिकल हुनर को भी सामने लाया है.नाम कर दूँ बड़ा रैप सांग को उन्होंने ही अपनी आवाज में रैप किया है.शनाया कपूर ने भी पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने किरदार को निभाया है.अभिनेता अंश विकास की भी तारीफ बनती है.वे दर्शकों को एंटरटेन करने में कामयाब रहे हैं. बाकी के किरदारों के लिए करने को कुछ खास नहीं था.

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