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Home Entertainment Bollywood फिल्‍म रिव्‍यू ”हैप्‍पी एंडिंग”

फिल्‍म रिव्‍यू ”हैप्‍पी एंडिंग”

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फिल्‍म रिव्‍यू ”हैप्‍पी एंडिंग”

IIअनुप्रिया अनंत II

फिल्म रिव्यू : हैप्पी एंडिंग

कलाकार : इलियाना डिक्रूज, कल्की कोचलिन, गोविंदा, सैफ अली खान

निर्देशक : राज व कृष्णा

रेटिंग : 2.5 स्टार

सैफ अली खान पिछली लगातार कई फिल्मों में कंफ्यूजन वाला प्यार दर्शाते नजर आ रहे हैं. हैप्पी एंडिंग भी उन्हीं में से एक है. फिल्म के ट्रेलर से काफी उम्मीदें बढ़ गयी थीं. चूंकि ट्रेलर में गोविंदा व सैफ दोनों की तुकबंदी वाली कॉमेडी की झलक नजर आ रही थी. लेकिन फिल्म उस लिहाज से कहीं भी खरी नहीं उतरती. गोविंदा को फिल्म में चंद दृश्य मिले हैं. लेकिन वे जहां भी नजर आये हैं.सार्थक रूप से कॉमेडी करते नजर आये हैं और दर्शकों का मनोरंजन भी करते हैं. लेकिन जिस तरह फिल्म के प्रोमोशन में लगातार दिखाया जा रहा था कि गोविंदा फिल्म में खास भूमिका में हैं.

गोविंदा का एक खास दर्शक वर्ग है, जो उनकी फिल्मों को पसंद करता है. उनकी फिल्मों की कॉमेडी को पसंद करता है. लेकिन इस फिल्म में उन्हें वह मौके नहीं मिले हैं. यह अफसोस की बात है. फिल्म में नयापन लाने की कोशिश की गयी है. फिल्म का ट्रीटमेंट अन्य फिल्मों से अलग है. लेकिन कमी हमेशा कहानी में खलती है. प्यार करना है. ऐश करना है. लेकिन शादी नहीं. यूडी एक लेखक है, जो अपनी एक बेस्ट सेलर बुक की रॉयलेटी से पिछले साढ़े पांच सालों से अपनी जिंदगी ऐश से जी रहा है.

यूडी की आंखें तब खुलती है. जब उसकी कार म्यूनसिप्लटी वाले ले जाते हैं. तब वह एजेंट के पास पहुंचता है. जहां उसे हकीकत पता चलती है कि अब उसके पास पैसे नहीं बचे. सो, उसकी मुलाकात अरमान से होती है और एक रोमांटिक कॉमेडी कहानी की शुरुआत होती है. यूडी को आंचल रेड्डी में पहले दिलचस्पी नहीं रहती और न ही आंचल को. लेकिन फिर दोनों एक दूसरे के साथ सहज हो जाते हैं.

सैफ की पिछली कुछ फिल्मों का दरअसल, कॉकटेल है. सैफ चूंकि ऐसे किरदारों में जंचते हैं सो दर्शकों को पसंद आयेंगे. सैफ व उनके दोस्त मोंटो की कॉमेडी पसंद आयेगी. सैफ अली खान की यह होम प्रोडक्‍शन फिल्म थी. पर, यह बात हरगिज समझ नहीं आयी कि वे क्यों कंफ्यूजन वाले मोड से बाहर नहीं आ रहे. वे कॉमेडी करने में माहिर हैं और इस फिल्म में वे सारे तत्व थे जो इसे और मजेदार फिल्म बना सकते हैं.

फिल्म का पहला भाग काफी मजेदार है. लेकिन फिल्म का दूसरा भाग आपको इम्तियाज अली की फिल्मों की तरह ही यात्रा पर साथ होना और दोनों का साथ अच्छा लगना, फिर प्यार हो जाने तक आकर ठहर जाता है. सो, उस लिहाज फिल्म की हैप्पी एंडिंग सामान्य फिल्मों की हैप्पी एंडिंग जैसी ही है. गोविंदा को आयटम ब्वॉय के रूप में इस्तेमाल किया गया है.

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