[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Education Caste Census: जातिगत जनगणना क्या होती है और क्यों जरूरी मानी जा रही है? जानिए पूरा मामला

Caste Census: जातिगत जनगणना क्या होती है और क्यों जरूरी मानी जा रही है? जानिए पूरा मामला

0
Caste Census: जातिगत जनगणना क्या होती है और क्यों जरूरी मानी जा रही है? जानिए पूरा मामला
Caste Census

Caste Census: भारत जैसे विशाल और विविधता से भरे देश में जनगणना सिर्फ यह जानने का माध्यम नहीं है कि कितने लोग देश में रहते हैं, बल्कि इससे समाज की असल तस्वीर सामने आती है. खासतौर पर जातिगत जनगणना (Caste Census) को लेकर इन दिनों चर्चा तेज है. कई राजनीतिक दल और सामाजिक संगठन इसकी मांग कर रहे हैं ताकि जातियों की सही संख्या और उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति का मूल्यांकन हो सके.

क्या है जातिगत जनगणना?

जातिगत जनगणना एक ऐसी प्रक्रिया होती है जिसमें यह पता लगाया जाता है कि देश में कौन-सी जाति कितनी संख्या में है, उनकी शिक्षा, रोजगार, और रहन-सहन की स्थिति क्या है. इससे यह समझने में मदद मिलती है कि किस जाति को कितनी सरकारी मदद और योजनाओं की जरूरत है.

जनगणना और जातिगत जनगणना में फर्क

हर 10 साल में होने वाली सामान्य जनगणना (Census) में कुल जनसंख्या, लिंग, उम्र, शिक्षा, नौकरी, घर आदि की जानकारी ली जाती है. लेकिन जातिगत जनगणना विशेष रूप से जाति के आधार पर आंकड़े इकट्ठा करने का काम करती है. इसका मकसद सामाजिक न्याय और योजनाओं को सही दिशा देना होता है.

पिछली बार कब हुई थी जातिगत जनगणना?

भारत में 1931 में ब्रिटिश शासन के दौरान आखिरी बार पूरी जातिगत जनगणना की गई थी. इसके बाद 2011 में एक सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना (SECC) जरूर की गई, लेकिन उसके आंकड़े अब तक सार्वजनिक नहीं किए गए.

कौन कराता है जनगणना?

भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अंतर्गत जनगणना आयुक्त (Registrar General and Census Commissioner) जनगणना कराते हैं. जातिगत जनगणना करवाने का निर्णय पूरी तरह सरकार की नीति पर निर्भर करता है. हाल ही में बिहार जैसे कुछ राज्यों ने अपने स्तर पर जातिगत सर्वेक्षण भी कराया है.

Also Read: ना IAS, ना IPS! इस संस्था की नौकरी में है असली रुतबा और मोटी कमाई

Also Read: Best MBBS College: कम फीस, बेहतरीन प्लेसमेंट! MBBS के लिए बेस्ट माना जा रहा झारखंड का ये सरकारी कॉलेज

Also Read: Pilot Salary: हेलिकॉप्टर और प्लेन पायलट में किसकी कमाई ज्यादा? जानें चौंकाने वाला सच

Previous article बाइक सवार नकाबपोश बदमाशों ने सीएसपी संचालक से की 4.80 लाख की लूट, जांच में जुटी पुलिस
Next article विधानसभा चुनाव : ईवीएम व वीवीपैट का प्रथम स्तरीय जांच कार्य पूरा, आज होगा मॉकपोल
Avatar Of Pushpanjali
मेरा नाम पुष्पांजलि है और मैं पिछले दो साल से प्रभात खबर डिजिटल के साथ जुड़ी हुई हूं। मैं लाइफस्टाइल और हेल्थ बीट कवर करती हूं, जहां फिटनेस, डाइट, वेट लॉस, स्किनकेयर, मेंटल वेलनेस और रोजमर्रा की हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखती हूं। मुझे ऐसी स्टोरीज पर काम करना पसंद है जो लोगों की डेली लाइफ से जुड़ी हों और उन्हें कुछ नया सीखने या अपनी लाइफस्टाइल को बेहतर बनाने में मदद करें। नए हेल्थ ट्रेंड्स, फिटनेस टिप्स, ब्यूटी हैक्स और वेलनेस से जुड़ी जरूरी जानकारियों को आसान तरीके से पाठकों तक पहुंचाना मेरी खास रुचि है। मैं हमेशा कोशिश करती हूं कि हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी जानकारी को बिना मुश्किल शब्दों के, आसान और रिलेटेबल अंदाज में पेश करूं। मेरा मकसद सिर्फ खबर बताना नहीं, बल्कि ऐसी जानकारी शेयर करना है जो पाठकों के लिए सच में काम की हो और उनकी रोजमर्रा की जिंदगी को थोड़ा बेहतर बना सके।
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel