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Home Education success-story 2019 में पिता को खोया, फिर भी नहीं टूटी हिम्मत, कोडराम के लाल ने  UPSC IFS में हासिल की रैंक 2

2019 में पिता को खोया, फिर भी नहीं टूटी हिम्मत, कोडराम के लाल ने  UPSC IFS में हासिल की रैंक 2

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2019 में पिता को खोया, फिर भी नहीं टूटी हिम्मत, कोडराम के लाल ने  UPSC IFS में हासिल की रैंक 2

Success Story: झारखंड के कोडरमा जिले के रहने वाले अंशुमन सिंह ने UPSC इंडियन फॉरेस्ट सर्विस (IFS) Examination 2025 में शानदार सफलता हासिल की है. उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 2 प्राप्त कर न सिर्फ अपने परिवार बल्कि पूरे राज्य का नाम रोशन किया है. उनकी सफलता के बाद इलाके में खुशी का माहौल है और लोग उन्हें बधाई दे रहे हैं.

कैसी की UPSC परीक्षा की तैयारी?

अंशुमन ने अपनी स्कूली शिक्षा के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की थी. अंशुमान ने मीडिया को दिए इंटरव्यू में बताया कि यूपीएससी की परीक्षा काफी टफ होती है. तीन फेज होते हैं परीक्षा में तो अलग-अलग फेज के लिए तैयारी भी अलग तरह की लगती है. अंशुमन ने कहा कि मुझे तीनों फेज में कुछ कोर स्ट्रैटजी ने हेल्प किया, जिसमें से एक है लिमिटेड रिसोर्स रखना और मल्टीपल टाइम रिवीजन करना. इसी के साथ अंशुमन ने प्रैक्टिस पर फोकस किया और अपना कॉन्सेप्ट क्लियर रखा.

पिता के गुजर जाने के बीच जारी रखी पढ़ाई

अंशमुन ने लिए ये परीक्षा पास करना इतना आसान नहीं था. साल 2019 में एक्सीडेंट में उनके पिता गुजर गए, जिसके बाद घर की जिम्मेदारी उन पर आ गई. ऐसे में उन्होंने नौकरी के साथ सिविल सेवा की तैयारी शुरू की. 2024 में वे UPSC की लिखित परीक्षा तक पहुंचें लेकिन उनका फाइनल सेलेक्शन नहीं हो पाया. आखिरकार उन्होंने नौकरी से ब्रेक लिया और तैयारी की.

माता पिता को दिया सफलता का श्रेय

उन्होंने अपनी सफलता का क्रेडिट अपने स्वर्गीय पिता विनय कुमार सिंह को दिया. साथ ही बताया कि मां और भाई ने उन्हें हर पल सपोर्ट किया. जब भी उनका मन निराश होता था तो उन्हें मां भरोसा दिलाती थी कि एक दिन सफलता जरूर मिलेगी.

लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा

अंशुमन की ये सफलता उन लाखों झारखंड के स्टूडेंट्स के लिए प्रेरणा है जो किसी कारणवश हिम्मत हार जाते हैं. अंशुमन कि सफलता ये बताती है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत लगातार की जाए तो बड़े से बड़ा मुकाम हासिल किया जा सकता है. उनकी कहानी अब कई युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है.

UPSC IFS परीक्षा क्या होती है?

UPSC द्वारा आयोजित Indian Forest Service (IFS) परीक्षा के जरिए वन, पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े अधिकारियों की नियुक्ति की जाती है. इस परीक्षा में चयनित उम्मीदवार देशभर के Forest Departments में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालते हैं.

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शाम्भवी शिवानी डिजिटल मीडिया में पिछले 3 सालों से सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ एजुकेशन बीट पर काम कर रही हैं. शिक्षा और रोजगार से जुड़ी खबरों की समझ रखने वाली शाम्भवी एग्जाम, सरकारी नौकरी, रिजल्ट, करियर, एडमिशन और सक्सेस स्टोरी जैसे विषयों पर रिपोर्टिंग और फीचर राइटिंग करती हैं. सरल भाषा और जानकारी को व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की खासियत है. डिजिटल मीडिया में अपने करियर के दौरान शाम्भवी ने न्यूज़ हाट और राजस्थान पत्रिका जैसी संस्थाओं के साथ काम किया है. यहां उन्होंने एजुकेशन, युवा मुद्दों और ट्रेंडिंग विषयों पर कंटेंट तैयार किया. वर्तमान में प्रभात खबर के साथ जुड़कर वे खास तौर पर बोर्ड परीक्षा, प्रतियोगी परीक्षा, सरकारी नौकरी, करियर ऑप्शंस और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज पर काम कर रही हैं. शाम्भवी की रुचि सिर्फ पत्रकारिता तक सीमित नहीं है. उन्हें सिनेमा और साहित्य में भी गहरी दिलचस्पी है, जिसका असर उनकी लेखन शैली में भी देखने को मिलता है. वे तथ्यों के साथ भावनात्मक जुड़ाव और मानवीय पहलुओं को भी अपनी स्टोरीज में जगह देने की कोशिश करती हैं. पटना में जन्मीं शाम्भवी ने Patna University से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया है. इसके बाद Indira Gandhi National Open University (IGNOU) से पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की. पत्रकारिता और जनसंचार की पढ़ाई ने उन्हें न्यूज राइटिंग, डिजिटल कंटेंट और ऑडियंस बिहेवियर की बेहतर समझ दी है. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लगातार बदलते ट्रेंड्स और रीडर्स की जरूरतों को समझते हुए शाम्भवी SEO-फ्रेंडली, इंफॉर्मेटिव और एंगेजिंग कंटेंट तैयार करने पर फोकस करती हैं. उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों तक सही, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाई जा सके.
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