[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Education success-story बिना कोचिंग, सिर्फ इंटरनेट से की UPSC की तैयारी, चौथे प्रयास में हासिल की AIR 346

बिना कोचिंग, सिर्फ इंटरनेट से की UPSC की तैयारी, चौथे प्रयास में हासिल की AIR 346

0
बिना कोचिंग, सिर्फ इंटरनेट से की UPSC की तैयारी, चौथे प्रयास में हासिल की AIR 346
सौम्या जैन यूपीएससी टॉपर (Social Media)

Somya Jain UPSC Topper: यूपीएससी की परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है. हर साल लाखों युवा बड़े-बड़े कोचिंग सेंटरों में लाखों रुपये खर्च करते हैं. लेकिन मध्य प्रदेश की सौम्या जैन ने कुछ अलग ही कर दिखाया. सौम्या ने बिना किसी महंगे कोचिंग क्लास के, घर पर रहकर इंटरनेट की मदद से तैयारी की और यूपीएससी 2025 में ऑल इंडिया रैंक 346 हासिल की. यह सफलता उन्हें अपने चौथे प्रयास में मिली. 

Somya Jain UPSC Topper: छोटे शहर से शुरुआत और भाषा का बदलाव

सौम्या का सफर मध्य प्रदेश के एक छोटे से जिले दमोह से शुरू हुआ था. कक्षा 9वीं तक की पढ़ाई उन्होंने हिंदी मीडियम से की, जो कि छोटे शहरों के आम बच्चों की तरह ही थी. लेकिन असली बदलाव कक्षा 10वीं में आया जब वह भोपाल आ गईं. यहां उन्होंने हिंदी से इंग्लिश मीडियम में स्विच किया. किसी भी छात्र के लिए अचानक अपनी पढ़ाई का माध्यम बदलना आसान नहीं होता, लेकिन सौम्या ने इस बदलाव को स्वीकार किया और आगे बढ़ती रहीं. बाद में उन्होंने सोशियोलॉजी में ग्रेजुएशन किया, जो आगे चलकर यूपीएससी में उनका ऑप्शनल सब्जेक्ट भी बना.

दोस्त की एक सलाह ने बदल दी जिंदगी

शुरुआत में सौम्या (Somya Jain UPSC Topper) का सपना सिविल सर्वेंट बनने का नहीं था. कॉलेज के दिनों में उनके एक पक्के दोस्त ने, जो खुद स्टेट सिविल सर्विस के फाइनेंस डिपार्टमेंट में काम कर रहे थे, उन्हें यूपीएससी के बारे में बताया. उन्होंने सौम्या को समझाया कि एक ब्यूरोक्रेट बनकर वह समाज में क्या बदलाव ला सकती हैं. बस, यहीं से सौम्या के मन में एक सपना जागा और उन्होंने ठान लिया कि उन्हें इसी रास्ते पर आगे बढ़ना है.

Somya Jain
Somya Jain UPSC Topper (Instagram)

बिना कोचिंग, सिर्फ इंटरनेट और सेल्फ-स्टडी

जब लोग UPSC की तैयारी के लिए दिल्ली जाते हैं, तब सौम्या (Somya Jain UPSC Topper) ने अपने घर की चारदीवारी को ही अपनी कर्मभूमि बनाया. उनकेस्ट्रेटेजी बहुत साधारण थी: यूट्यूब के फ्री वीडियो, टॉपर्स के इंटरव्यू और इंटरनेट पर मौजूद स्टडी मटेरियल. उन्होंने किसी कोचिंग की मदद नहीं ली, बस इंटरव्यू के समय मॉक टेस्ट देने के लिए वह दिल्ली गई थीं. घर पर अकेले पढ़ना कई बार मानसिक रूप से थका देता है, लेकिन उनकी बहन (जिन्होंने 2022 में एमपी पीएससी क्लियर किया था) उनके साथ तैयारी कर रही थीं, जिससे सौम्या को बड़ा संबल मिला.

उतार-चढ़ाव भरा रहा चार सालों का सफर

सौम्या का यह सफर सीधा नहीं था. 2022 के पहले ही प्रयास में वह इंटरव्यू तक पहुंच गईं, लेकिन फाइनल लिस्ट में नाम नहीं आया. इसके बाद 2023 में वह प्रिलिम्स परीक्षा भी पास नहीं कर पाईं. यह उनके लिए बहुत बड़ा झटका था. लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. साल 2024 में उनका सिलेक्शन इंडियन डिफेंस एकाउंट्स सर्विस (IDAS) के लिए हुआ. आखिरकार, यूपीएससी 2025 में उन्हें 346वीं रैंक प्राप्त हुआ. 

UPSC Mains Strategy: क्या है सौम्या जैन की ‘One Extra Mark’ रणनीति? 

अपनी कमियों को सुधारने के लिए सौम्या ने एक खास रणनीति अपनाई. उन्होंने अपने नोट्स पूरी तरह बदल दिए. उनका फोकस था कि मेन्स परीक्षा में हर आंसर दूसरों से अलग दिखना चाहिए. उन्होंने खुद से वादा किया कि वह हर आंसर में कुछ ऐसा अनोखा पॉइंट, उदाहरण या सोशियोलॉजिकल थिंकर का नाम जोड़ेंगी, जिससे उन्हें दूसरों से ‘एक नंबर ज्यादा’ मिल सके. इसी सोच ने उनके स्कोर को बदल कर रख दिया.

यह भी पढ़ें: पिता की हत्या, गरीबी से लड़ाई, अनाज बेचकर की पढ़ाई और बने IPS

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel