[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Education success-story लॉ का करियर छोड़ IAS बनीं वैशाली सिंह, 6 बार गोल्ड मेडल  

लॉ का करियर छोड़ IAS बनीं वैशाली सिंह, 6 बार गोल्ड मेडल  

0
लॉ का करियर छोड़ IAS बनीं वैशाली सिंह, 6 बार गोल्ड मेडल  
IAS Vaishali Singh (PC-Social Media)

IAS Vaishali Singh: वकीलों से घिरी हुई थी. खुद भी वकील थी. लेकिन एक दिन अचानक सब छोड़कर यूपीएससी क्रैक करने का जुनून सर चढ़ गया. पहले प्रयास में गलत स्ट्रैटजी के कारण असफलता मिली. लेकिन दूसरे ही प्रयास में किस्मत बदल डाली. कुछ ऐसी ही कहानी है इस यंग महिला IAS की जोकि हरियाणा की रहने वाली हैं. हम बात कर रहे हैं वैशाली सिंह की.

महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा

वैशाली सिंह (Vaishali Singh Current Posting) हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP), गुरुग्राम के प्रशासक के रूप में कार्यरत हैं. वैशाली सिंह उन गिने चुने IAS में से एक हैं, जो ग्राउंड पर दिखती हैं. फिर चाहे वो बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए चलाया जाने वाला प्रोग्राम हो या फिर कैंसर से बचने के लिए महिलाओं और लड़कियों को जागरुक करना हो, वैशाली सिंह हमेशा एक्टिव रहती हैं.

Ias Vaishali
एक कार्यक्रम के दौरान की तस्वीर (PC-X)

स्पोर्ट्स और साइकलिंग में है रूचि

पर्सनल लाइफ की बात करें तो उन्हें फीट रहना पसंद है. साथ ही स्पोर्ट्स और साइकलिंग में इंटरेस्ट है. उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर एक साइकलिंग करते हुए फोटो भी अपलोड किया है. साथ ही वे एक डॉग लवर हैं.

Vaishali Singh Ias Dog Lover
वैशाली सिंह (Image Source- X)

गोल्ड मेडलिस्ट रह चुकी हैं

वैशाली सिंह मूल रूप से हरियाणा के फरीदाबाद की रहने वाली हैं. उनकी शुरुआती पढ़ाई फरीदाबाद से हुई. ग्रेजुएशन की पढ़ाई नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी से हुई. NLU से वैशाली सिंह ने पांच साल का इंटीग्रेटेड लॉ का कोर्स किया है. पढ़ाई के दौरान उन्होंने 6 बार गोल्ड मेडल जीता.

कहां से मिली UPSC की प्रेरणा?

लॉ करने के बाद वैशाली को फील हुआ कि वो जो करना चाह रही हैं, नहीं कर पा रही हैं. वे जब फील्ड में जाती और लोगों की तकलीफें देखती तो उनका मन होता था कि इसे बदल दें. पर उनके पास इतनी पावर नहीं थी. यही कारण है कि उन्होंने इस फील्ड को छोड़कर सिविल सेवा में जाने का मन बनाया. माता पिता से प्रेरणा लेकर वैशाली सिंह ने UPSC की तैयारी शुरू की.

पहले प्रयास में असफल, दूसरे में पाई सफलता

वैशाली सिंह ने प्रीलिम्स की परीक्षा दी पर उसमें पास नहीं हो पाई. उन्होंने अपनी गलतियों से सीखकर दूसरे प्रयास के लिए कड़ी मेहनत की. अपनी कुछ आदतों में सुधार किया. उन्होंने प्रीलिम्स की तैयारी अच्छे से नहीं की थी और न मॉक टेस्ट दिया था. साल 2018 में अपने दूसरे प्रयास में वैशाली सिंह ने सफलता हासिल कर ली.

यह भी पढ़ें- कौन हैं IPS उपासना यादव? मंत्री से बहस का वीडियो हुआ वायरल

Previous article जीतन राम मांझी का राहुल गांधी पर हमला, बोले – किसानों के बिल पर फैला रहे भ्रम
Next article YRKKH: मायरा को आया पैनिक अटैक, अरमान और अभिरा का रिश्ता फिर उलझा
Avatar Of Shambhavi Shivani
शाम्भवी शिवानी डिजिटल मीडिया में पिछले 3 सालों से सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ एजुकेशन बीट पर काम कर रही हैं. शिक्षा और रोजगार से जुड़ी खबरों की समझ रखने वाली शाम्भवी एग्जाम, सरकारी नौकरी, रिजल्ट, करियर, एडमिशन और सक्सेस स्टोरी जैसे विषयों पर रिपोर्टिंग और फीचर राइटिंग करती हैं. सरल भाषा और जानकारी को व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की खासियत है. डिजिटल मीडिया में अपने करियर के दौरान शाम्भवी ने न्यूज़ हाट और राजस्थान पत्रिका जैसी संस्थाओं के साथ काम किया है. यहां उन्होंने एजुकेशन, युवा मुद्दों और ट्रेंडिंग विषयों पर कंटेंट तैयार किया. वर्तमान में प्रभात खबर के साथ जुड़कर वे खास तौर पर बोर्ड परीक्षा, प्रतियोगी परीक्षा, सरकारी नौकरी, करियर ऑप्शंस और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज पर काम कर रही हैं. शाम्भवी की रुचि सिर्फ पत्रकारिता तक सीमित नहीं है. उन्हें सिनेमा और साहित्य में भी गहरी दिलचस्पी है, जिसका असर उनकी लेखन शैली में भी देखने को मिलता है. वे तथ्यों के साथ भावनात्मक जुड़ाव और मानवीय पहलुओं को भी अपनी स्टोरीज में जगह देने की कोशिश करती हैं. पटना में जन्मीं शाम्भवी ने Patna University से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया है. इसके बाद Indira Gandhi National Open University (IGNOU) से पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की. पत्रकारिता और जनसंचार की पढ़ाई ने उन्हें न्यूज राइटिंग, डिजिटल कंटेंट और ऑडियंस बिहेवियर की बेहतर समझ दी है. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लगातार बदलते ट्रेंड्स और रीडर्स की जरूरतों को समझते हुए शाम्भवी SEO-फ्रेंडली, इंफॉर्मेटिव और एंगेजिंग कंटेंट तैयार करने पर फोकस करती हैं. उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों तक सही, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाई जा सके.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel