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Home Education success-story दिन में 14 घंटे डॉक्टर की ड्यूटी, रात में पढ़ाई, अक्षिता ऐसे बनीं IAS

दिन में 14 घंटे डॉक्टर की ड्यूटी, रात में पढ़ाई, अक्षिता ऐसे बनीं IAS

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दिन में 14 घंटे डॉक्टर की ड्यूटी, रात में पढ़ाई, अक्षिता ऐसे बनीं IAS
IAS Akshita Gupta (Image: Instagram)

IAS Akshita Gupta Success Story: अक्षिता गुप्ता की कहानी हर छात्र के लिए मोटिवेशन है जो नौकरी, पढ़ाई या जिम्मेदारियों की वजह से अपने सपनों से दूर हो जाते हैं. सुबह से लेकर देर रात तक अस्पताल में ड्यूटी, मरीजों की देखभाल, इमरजेंसी कॉल और बिना आराम के लगातार काम. इसके बाद रात में पढ़ाई करके देश की सबसे कठिन परीक्षा को क्रैक करना आसान नहीं है.

IAS Akshita Gupta Success Story: कौन हैं अक्षिता गुप्ता?

अक्षिता गुप्ता (IAS Akshita Gupta) चंडीगढ़ की रहने वाली हैं. उनके पिता पवन गुप्ता पंचकूला के एक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में प्रिंसिपल हैं. उनकी मां मीना गुप्ता सरकारी स्कूल में मैथ्स की लेक्चरर हैं. घर में पढ़ाई की बात होती थी, इसलिए स्कूल और कॉलेज के दिनों से ही अक्षिता का झुकाव पढ़ाई की ओर रहा.

अक्षिता ने मेडिकल की पढ़ाई के दौरान ही तय कर लिया था कि उन्हें UPSC की परीक्षा देनी है. उन्होंने कॉलेज के तीसरे साल से सिविल सर्विस की तैयारी शुरू कर दी. MBBS की पढ़ाई आसान नहीं होती, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने रोज थोड़ा थोड़ा समय निकालकर UPSC का सिलेबस समझना शुरू किया.

LBSNAA में IAS अक्षिता गुप्ता

अस्पताल की ड्यूटी में पढ़ाई

डॉक्टर बनने के बाद अक्षिता की अस्पताल में ड्यूटी कई बार 14 घंटे तक चलती थी. दिन भर काम करने के बाद थकान तो होती थी, लेकिन उन्होंने पढ़ाई छोड़ने का मन नहीं बनाया. अस्पताल में मिलने वाले 15 मिनट के ब्रेक में भी वे UPSC की किताबें या नोट्स देख लेती थीं.

रात में पढ़ाई

एक इंटरव्यू में अक्षिता (IAS Akshita Gupta) बताती हैं कि वो दिन में ड्यूटी के बाद रात को पढ़ाई करती थीं. उन्होंने अपनी कमजोर जगहों पर ज्यादा ध्यान दिया और पूरे सिलेबस को जोड़कर पढ़ा. मेहनत रंग लाई और 2020 में पहली ही कोशिश में UPSC क्लियर किया. उनका ऑल इंडिया रैंक 69 आया. अक्षिता पंजाब कैडर में तैनात हैं.

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रवि मल्लिक पिछले 7 सालों से एजुकेशन जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं. एजुकेशन, करियर, जॉब, NEET, JEE, बैंकिंग, SSC, UPSC, UPPSC, BPSC और ICAI CA जैसी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है. फिलहाल वो प्रभात खबर डिजिटल की एजुकेशन टीम को लीड कर रहे हैं. इससे पहले उन्होंने TV9 भारतवर्ष डिजिटल, Times Network और अमर उजाला जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है. रवि युवाओं को बेहतर करियर ऑप्शन, करेंट अफेयर्स और नई वैकेंसी के बारे में बताना पसंद करते हैं. बोर्ड परीक्षा हो या UPSC, JEE, CUET और NEET जैसे कॉम्पिटेटिव एग्जाम इनके लिए स्मार्ट टिप्स तैयार करना अच्छा लगता है. एग्जाम टॉपर्स से बात करना और उनकी स्ट्रेटजी के बारे में छात्रों को बताना पसंद है. डिजिटल युग में पत्रकारिता की शुरुआत होने के चलते रवि मल्लिक Digital News को अच्छे से समझते भी हैं और उसे यूजर के अनुसार तराशना भी जानते हैं. यही वजह है कि उनकी रिपोर्ट को IGNOU, JNU, IIT गुवाहाटी और NIT जालंधर जैसे संस्थानों ने भी शेयर किया है. रवि की पढ़ाई वाराणसी से हुई है. यहीं के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय (MGKVP) से उन्होंने ग्रेजुएशन पूरा किया. इसके बाद पत्रकारिता की पढ़ाई के लिए वो लखनऊ आ गए. स्वामी विवेकानंद सुभारती यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान लखनऊ में रहकर 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और साल 2019 के लोकसभा चुनाव को करीब से देखा और एक लोकल वेबसाइट के साथ काम किया. पॉलिटिक्स, क्राइम और बिग ब्रेकिंग खबरों पर हाथ साफ करने के साथ रवि की रुचि एजुकेशन न्यूज की ओर हुई. साल 2019 में ही अमर उजाला के सफलता प्लेटफॉर्म से उन्होंने एजुकेशन की खबरों पर काम करना शुरू किया. इसके बाद साल 2020 में उन्होंने TV9 भारतवर्ष डिजिटल ज्वाइन किया और यहां Career कैटेगरी की शुरुआत की. एजुकेशन की खबरों को कवर करते हुए JNU, DU, जामिया और IIT दिल्ली के कई इवेंट का हिस्सा रहे. रवि के करियर की गाड़ी आगे बढ़ी और साल 2024 में उन्हें Times Now Hindi में एजुकेशन टीम में सीनियर कंटेंट एडिटर का पोस्ट मिला. जॉब, स्कूली शिक्षा, बोर्ड परीक्षा और रिजल्ट की खबरों पर काम करते हुए एक साल पूरा किया. साल 2025 से रवि प्रभात खबर डिजिटल की एनर्जेटिक टीम के साथ जुड़े हैं.
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