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Home Education success-story एक ही रूम में रहकर दो दोस्तों ने गाड़ा BPSC में झंडा, एक SDM तो दूसरी बनी RDO 

एक ही रूम में रहकर दो दोस्तों ने गाड़ा BPSC में झंडा, एक SDM तो दूसरी बनी RDO 

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एक ही रूम में रहकर दो दोस्तों ने गाड़ा BPSC में झंडा, एक SDM तो दूसरी बनी RDO 
उषा और पुष्पा

BPSC Success Story: कहते हैं कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और साथ में मेहनत करने वाला सही साथी मिल जाए, तो सफलता की राह आसान हो जाती है. 70वीं बीपीएससी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में दो सहेलियों ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है. एक ही कमरे में रहकर तैयारी करने वाली उषा कुमारी और पुष्पा कुमारी ने BPSC में शानदार सफलता हासिल की है. उषा को SDM और पुष्पा को RDO का पद मिला है.

2019 से शुरू हुआ सिविल सेवा का सफर

उषा कुमारी ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2019 में दिल्ली जाकर UPSC की तैयारी शुरू की थी. हालांकि, कोरोना महामारी और लॉकडाउन के कारण उन्हें घर लौटना पड़ा. सितंबर 2020 के बाद उन्होंने दोबारा तैयारी शुरू की और अपने लक्ष्य की ओर लगातार बढ़ती रहीं.

उषा अब तक यूपीएससी के 6 प्रयास दे चुकी हैं. इसके अलावा उन्होंने UPPCS परीक्षा भी दी. लगातार प्रयासों और संघर्ष के बाद आखिरकार उन्हें BPSC में सफलता मिली. उषा कुमारी को 322वीं रैंक मिली है.

पिता ने दिया सिविल सेवा में जाने का सपना

उषा ने अपनी सफलता का क्रेडिट अपने परिवार को दिया. उन्होंने बताया कि सिविल सेवा में जाने के लिए उन्हें सबसे ज्यादा प्रेरणा उनके पिता से मिली. परिवार में चार बहनें और एक भाई हैं. पिता असम की एक निजी फ्लोर मिल कंपनी में कर्मचारी के रूप में कार्यरत हैं और पूरे परिवार के पालन-पोषण की जिम्मेदारी उन्हीं पर है. वहीं, उनकी मां हाउस वाइफ हैं.

एक-दूसरे का बनीं सहारा

तैयारी के दौरान उषा और पुष्पा एक ही कमरे में रहती थीं. दोनों ने साथ पढ़ाई की, एक-दूसरे की कमियों को दूर करने में मदद की और कठिन समय में हौसला बढ़ाया. यही वजह रही कि दोनों ने एक साथ सफलता हासिल कर मिसाल कायम की.

मेन्स की तैयारी में टेस्ट सीरीज को बताया अहम

पुष्पा कुमारी ने कहा कि बीपीएससी मेन्स परीक्षा की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए टेस्ट सीरीज और मॉक टेस्ट बेहद जरूरी हैं. इससे न केवल आंसर लिखने की क्षमता बेहतर होती है, बल्कि टाइम मैनेजमेंट और परीक्षा के दबाव को संभालने में भी मदद मिलती है. पुष्पा कुमारी ने 1468वीं रैंक हासिल की है.

BPSC Aspirant के लिए संदेश

दोनों सफल अभ्यर्थियों का कहना है कि सिविल सेवा परीक्षा में सफलता पाने के लिए धैर्य, निरंतरता और सही स्ट्रैटजी बेहद महत्वपूर्ण है. कई बार असफलता मिल सकती है, लेकिन यदि लक्ष्य पर फोकस बना रहे तो सफलता जरूर मिलती है.

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शाम्भवी शिवानी डिजिटल मीडिया में पिछले 3 सालों से सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ एजुकेशन बीट पर काम कर रही हैं. शिक्षा और रोजगार से जुड़ी खबरों की समझ रखने वाली शाम्भवी एग्जाम, सरकारी नौकरी, रिजल्ट, करियर, एडमिशन और सक्सेस स्टोरी जैसे विषयों पर रिपोर्टिंग और फीचर राइटिंग करती हैं. सरल भाषा और जानकारी को व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की खासियत है. डिजिटल मीडिया में अपने करियर के दौरान शाम्भवी ने न्यूज़ हाट और राजस्थान पत्रिका जैसी संस्थाओं के साथ काम किया है. यहां उन्होंने एजुकेशन, युवा मुद्दों और ट्रेंडिंग विषयों पर कंटेंट तैयार किया. वर्तमान में प्रभात खबर के साथ जुड़कर वे खास तौर पर बोर्ड परीक्षा, प्रतियोगी परीक्षा, सरकारी नौकरी, करियर ऑप्शंस और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज पर काम कर रही हैं. शाम्भवी की रुचि सिर्फ पत्रकारिता तक सीमित नहीं है. उन्हें सिनेमा और साहित्य में भी गहरी दिलचस्पी है, जिसका असर उनकी लेखन शैली में भी देखने को मिलता है. वे तथ्यों के साथ भावनात्मक जुड़ाव और मानवीय पहलुओं को भी अपनी स्टोरीज में जगह देने की कोशिश करती हैं. पटना में जन्मीं शाम्भवी ने Patna University से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया है. इसके बाद Indira Gandhi National Open University (IGNOU) से पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की. पत्रकारिता और जनसंचार की पढ़ाई ने उन्हें न्यूज राइटिंग, डिजिटल कंटेंट और ऑडियंस बिहेवियर की बेहतर समझ दी है. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लगातार बदलते ट्रेंड्स और रीडर्स की जरूरतों को समझते हुए शाम्भवी SEO-फ्रेंडली, इंफॉर्मेटिव और एंगेजिंग कंटेंट तैयार करने पर फोकस करती हैं. उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों तक सही, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाई जा सके.
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