[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Education IIM रांची में शिक्षा का नया मॉडल, अब मिड टर्म एग्जाम नहीं, ‘AI प्रोजेक्ट’ होंगे जरूरी

IIM रांची में शिक्षा का नया मॉडल, अब मिड टर्म एग्जाम नहीं, ‘AI प्रोजेक्ट’ होंगे जरूरी

0
IIM रांची में शिक्षा का नया मॉडल, अब मिड टर्म एग्जाम नहीं, ‘AI प्रोजेक्ट’ होंगे जरूरी
IIM Ranchi

IIM Ranchi: भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) रांची ने शिक्षा प्रणाली में एक क्रांतिकारी बदलाव करते हुए पारंपरिक मिड टर्म परीक्षाओं को पूरी तरह समाप्त कर दिया है. अब छात्रों का मूल्यांकन ‘वर्किंग विद एआई प्रोजेक्ट (Y – Working with AI Project)’ के तहत किया जाएगा. इस नई प्रणाली में विद्यार्थियों को वास्तविक या परिकल्पित व्यवसायिक समस्याओं पर आधारित बिजनेस केस स्टडी पर कार्य करना होगा. ये प्रोजेक्ट्स प्रबंधन की वर्तमान चुनौतियों के समाधान खोजने पर केंद्रित होंगे, जिनमें छात्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स का उपयोग कर समाधान प्रस्तुत करेंगे.

IIM रांची के निदेशक प्रो दीपक श्रीवास्तव ने बताया कि बदलते व्यापारिक परिदृश्य में केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है. आज के प्रबंधकों को व्यावहारिक सोच और तकनीकी दक्षता की आवश्यकता है. इसी उद्देश्य से यह पहल की गई है.

मूल्यांकन का तरीका बदला, गुणवत्ता से समझौता नहीं

‘वर्किंग विद एआई’ प्रोजेक्ट के तहत छात्र पहले व्यवसायिक समस्या की पहचान करेंगे, फिर AI टूल्स की सहायता से उसका प्रबंधकीय समाधान विकसित करेंगे. शिक्षकों द्वारा इन प्रोजेक्ट्स का मूल्यांकन तार्किकता, नैतिकता और समस्या समाधान कौशल के आधार पर किया जाएगा.

स्टूडेंट एंगेजमेंट एंड डेवलपमेंट कमेटी (SEDC) के चेयरमैन प्रो गौरव मराठे ने स्पष्ट किया कि केवल मिड टर्म परीक्षाओं की प्रणाली बदली है, एंड-टर्म परीक्षाएं अभी भी पारंपरिक पद्धति से ही होंगी.

उपस्थिति नियमों में बदलाव, कौशल विकास पर जोर

IIM रांची ने कक्षा में उपस्थिति से जुड़े नियमों में भी परिवर्तन किया है. अब उपस्थिति के बजाय विद्यार्थियों को कौशल विकास आधारित गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. डीन अकादमिक प्रो तनुश्री दत्ता के अनुसार, इससे छात्रों में भागीदारी और सीखने की प्रक्रिया दोनों में सुधार देखा गया है.

यह भी पढ़ें: स्किल बेस्ड कोर्सेज से सजे रांची के कॉलेज, हर स्टूडेंट के लिए एक नया अवसर

Previous article सेकेंडरी टैरिफ तो बाकी है, डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50% टैरिफ लगाने के बाद कहा
Next article NZ vs ZIM: दूसरे टेस्ट से पहले न्यूजीलैंड को लगा बड़ा झटका, कप्तान सीरीज से बाहर
Avatar Of Pushpanjali
मेरा नाम पुष्पांजलि है और मैं पिछले दो साल से प्रभात खबर डिजिटल के साथ जुड़ी हुई हूं। मैं लाइफस्टाइल और हेल्थ बीट कवर करती हूं, जहां फिटनेस, डाइट, वेट लॉस, स्किनकेयर, मेंटल वेलनेस और रोजमर्रा की हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखती हूं। मुझे ऐसी स्टोरीज पर काम करना पसंद है जो लोगों की डेली लाइफ से जुड़ी हों और उन्हें कुछ नया सीखने या अपनी लाइफस्टाइल को बेहतर बनाने में मदद करें। नए हेल्थ ट्रेंड्स, फिटनेस टिप्स, ब्यूटी हैक्स और वेलनेस से जुड़ी जरूरी जानकारियों को आसान तरीके से पाठकों तक पहुंचाना मेरी खास रुचि है। मैं हमेशा कोशिश करती हूं कि हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी जानकारी को बिना मुश्किल शब्दों के, आसान और रिलेटेबल अंदाज में पेश करूं। मेरा मकसद सिर्फ खबर बताना नहीं, बल्कि ऐसी जानकारी शेयर करना है जो पाठकों के लिए सच में काम की हो और उनकी रोजमर्रा की जिंदगी को थोड़ा बेहतर बना सके।
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel