CBSE 12th Revaluation Process: 12वीं के छात्र वेदांत श्रीवास्तव ने कुछ दिन पहले अपने X अकाउंट पर CBSE के पेपर चेकिंग मामले को लेकर एक पोस्ट किया था. इस पोस्ट के बाद जब CBSE ने उनकी असली आंसर शीट भेजी तो वेदांत ने उसे भी एक्स पर पोस्ट कर दिया. इस पोस्ट में उन्होंने CBSE और शिक्षकों को धन्यवाद कहा कि उन्होंने उनका साथ दिया. लेकिन इसी पोस्ट वाली आंसर शीट में एक और अहम बात नजर आई. पोस्ट किये गए पूरे पेपर में मैनुअल जांच के निशान दिख रहे थे, कहीं रेड पेन से साइन के निशान यही तो कहीं मार्क्स के निशान है.
CBSE 12th Revaluation Process: क्या है ये पूरा मामला?
कक्षा 12वीं के छात्र वेदांत श्रीवास्तव जो एक्स पर @VEDANTSHRIV17 से हैं उन्होंने री-इवैल्यूएशन के समय X पर एक शिकायत की.उन्होंने बताया कि CBSE ने उन्हें जो आंसर शीट दी थी वह उनकी अपनी नहीं थी. उसमें लिखावट,जवाब और हल किए गए सवाल सब कुछ अलग थे. उनकी यह पोस्ट तेजी से वायरल हो गई. लोगों ने CBSE की जांच प्रक्रिया और ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम पर सवाल उठाने शुरू कर दिए.
इस विवाद के बाद सोमवार को CBSE ने खुद छात्र से संपर्क किया. बोर्ड ने स्वीकार किया कि उनकी आंसर शीट में गलती से मिक्स-अप हो गया था. वेदांत ने खुद बताया कि बोर्ड ने अब उनकी सही फिजिक्स आंसर शीट शेयर कर दी है और उनकी शिकायत पूरी तरह सही थी.
Attaching the correct answer sheets screenshots here for your reference , we will still apply for reevaluation of this answer sheet after checking this sheet more closely since they have slashed my marks even when the answer is correct . Thanks @Ajatikaa mam for your help Thanks… pic.twitter.com/PqKKoVkws2
— VEDANT (@VEDANTSHRIV17) May 25, 2026
पेपर में दिखे मैनुअल जांच के निशान
वेदांत ने सुधारी गई आंसर शीट के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर डाले.इन तस्वीरों में एक नई चीज देखने को मिली. वैसे तो आंसर शीट में नीली लाइन वाली शीट्स,छपे हुए क्वेशन नंबर, क्यूआर कोड वाले हिस्से और रोल नंबर लिखने की जगह सब सामान्य दिख रहे थे. लेकिन पूरे पन्नों पर रेड इंक के निशान बहुत अच्छे से दिख रहे हैं.कई जवाबों पर लाल टिक लगे हैं प्रश्न नंबर और मिले अंक गोल घेरों में बंद हैं. कुछ जगहों पर स्लैश, हाथ से लिखी टिप्पणियां और चेक करने वालों के निशान भी साफ नजर आ रहे हैं. ये सभी निशान आंसर शीट के स्कैन किए गए पन्नों पर ही बने दिख रहे हैं.

CBSE (CBSE 12th Revaluation Process) ने OSM सिस्टम इसलिए शुरू किया था ताकि जांच डिजिटल तरीके से हो और तेजी से पूरी हो.इसमें स्कैन की गई कॉपी पर कंप्यूटर से ही निशान लगाए जाते हैं. लेकिन वेदांत द्वारा शेयर की गई आंसर शीट में वही पुराना तरीके नजर आ रहा है जिसमें टीचर पेपर को पेन से चेक कर के मार्क्स देते है.अब इस पोस्ट पर आये कमेंट्स के अनुसार लोगों का कहना है की OSM विवाद होने के बाद बोर्ड ने इस आंसर शीट की खास मैनुअल जांच कराई होगी. वैसे ये एक मामला नहीं है, कुछ छात्रों का कहना है कि उनके पन्ने जांचे ही नहीं गए, कुछ को बहुत कम नंबर मिले और कुछ को आंसर शीट में गड़बड़ियां दिखीं.
फिलहाल, आंसर शीट का मिक्स-अप तो सुलझ गया लेकिन वेदांत पूरी तरह खुश नहीं हैं.उन्होंने लिखा कि वे फिर से री-इवैल्यूएशन करवाना चाहते हैं, उनका मानना है कि फिजिक्स पेपर में कुछ सही जवाबों को भी कम अंक दिए गए हैं.
इस पूरे मामले में बोर्ड की जांच प्रक्रिया की क्रेडिबिलिटी और ट्रांसपेरेंसी पर गंभीर सवाल खड़े किये है. आजकल छात्र और माता-पिता डिजिटल जांच प्रणाली पर भरोसा करते हैं लेकिन ऐसी घटनाएं उस भरोसे को कमजोर कर देती हैं.
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