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Home Education Exam Information सिर्फ 60 दिनों में करें Bank PO प्रीलिम्स परीक्षा की तैयारी, एक्सपर्ट से जानें धांसू ट्रिक्स

सिर्फ 60 दिनों में करें Bank PO प्रीलिम्स परीक्षा की तैयारी, एक्सपर्ट से जानें धांसू ट्रिक्स

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सिर्फ 60 दिनों में करें Bank PO प्रीलिम्स परीक्षा की तैयारी, एक्सपर्ट से जानें धांसू ट्रिक्स
पढ़ाई करते हुए लड़की की सांकेतिक तस्वीर (PC-Freepik)

Bank PO Exam Preparation: IBPS PO प्रीलिम्स परीक्षा का आयोजन 22 और 23 अगस्त को होने वाला है यानी कि परीक्षा में अब 2 महीने से भी कम का समय रह गया है. बैंक पीओ परीक्षा में लैंग्वेज सेक्शन का महत्वपूर्ण रोल रहता है. एक्सपर्ट का कहना है कि इंग्लिश में अच्छा स्कोर करने के लिए आपको मैथ की तरह बड़ी-बड़ी कैलकुलेशंस नहीं करनी पड़तीं, बल्कि यहां सिर्फ आपकी कॉन्सेप्चुअल क्लैरिटी और स्मार्ट डिसीजन-मेकिंग काम आती है. ऐसे में अगर आप भी इस बार पीओ परीक्षा में शामिल होने वाले हैं तो यहां देखें स्मार्ट टिप्स.

एक्सपर्ट ने कहा कॉन्फिडेंस है सबसे बड़ा गेम चेंजर

पटना के एक अंग्रेजी शिक्षक अमित कुमार श्रीवास्तव जोकि सालों से बैंकिंग और कंप्टीशन के लिए छात्रों की तैयारी कराते हैं और फिलहाल पटना के एक प्राइवेट स्कूल में PGT शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं ने कहा कि इंग्लिश सेक्शन में कॉन्फिडेंस ही सब कुछ है. साथ ही अभी से परीक्षा के लिए टाइम मैनेजमेंट करें.

Reading Comprehension: पैसेज को वर्ड-टू-वर्ड पढ़ने की गलती न करें

ज्यादातर स्टूडेंट्स पूरा पैसेज वर्ड-टू-वर्ड पढ़ने में अपना कीमती समय बर्बाद कर देते हैं. इसके लिए आपको Reverse Engineering Technique अपनानी चाहिए. सबसे पहले क्वेश्चंस को पढ़ें और उनमें से कीवर्ड्स (जैसे कोई नाम, साल, या विशिष्ट शब्द) नोट कर लें. इसके बाद पैसेज को स्किम (Skim) करते हुए उन कीवर्ड्स को लोकेट करें. वोकैबुलरी और सिनोनिम-एंटोनिम वाले सवालों के लिए पूरे पैसेज को पढ़ने की जरूरत नहीं है, बस उस हाइलाइटेड वर्ड के आगे और पीछे की दो लाइनों को पढ़कर उसका कॉन्टेक्स्ट समझें और आंसर टिक करें.

Error Detection: ग्रामर के कोर रूल्स से चेक करें

एरर डिटेक्शन के सवालों को कभी भी इस बेसिस पर सॉल्व न करें कि पढ़ने में “क्या सही लग रहा है.” हमेशा ग्रामर के कोर रूल्स को चेक करें. सबसे पहले Subject-Verb Agreement चेक करें कि सब्जेक्ट के हिसाब से सही वर्ब लगी है या नहीं (जैसे One of the के बाद नाउन हमेशा प्लुरल होता है लेकिन वर्ब हमेशा सिंगुलर आती है). इसके अलावा कंडीशनल क्लॉजेस (Conditional Clauses) और पैरेललिज्म (Parallelism) के नियमों को एक बार अच्छे से रिवाइज कर लें.

Cloze Test And Fillers: इस तरह करें सॉल्व

चाहे सिंगल फिलर हो, डबल फिलर हो या क्लोज टेस्ट, सबसे पहले बिना ऑप्शंस देखे शुरुआती 2-3 लाइनें लगातार पढ़ें ताकि आपको पूरे पैराग्राफ की टोन (पॉजिटिव, नेगेटिव या न्यूट्रल) और टेंस (Tense) का अंदाजा हो जाए. इसके लिए Part-of-Speech Trick का इस्तेमाल करें. ब्लैंक स्पेस के ठीक पहले और बाद वाले शब्द को देखें. अगर ब्लैंक के बाद कोई नाउन है, तो वहां कोई एडजेक्टिव (Adjective) आएगा. अगर किसी मॉडल वर्ब (जैसे can, will, should) के बाद ब्लैंक है, तो वहां वर्ब की फर्स्ट फॉर्म ही आएगी.

Connectors: दो वाक्य को जोड़ने के लिए करें ये काम

दो अलग-अलग सेंटेंसेस को जोड़ने के लिए सबसे पहले उनके बीच का रिलेशन पहचानें. क्या दोनों सेंटेंस एक-दूसरे का विरोध कर रहे हैं (Contrasting), या फिर वे कारण और परिणाम (Cause and Effect) दिखा रहे हैं? अगर एक सेंटेंस पॉजिटिव और दूसरा नेगेटिव है, तो सिर्फ However, Although, But, Yet जैसे कॉन्ट्रास्टिंग कनेक्टर्स को ही ऑप्शंस में ढूंढें.

Match the Columns: पेयर्स मैच करें

यह टॉपिक सबसे ज्यादा स्कोरिंग और कम समय लेने वाला है, बशर्ते आप इसे सीधे ऑप्शंस के जरिए सॉल्व करें. ऑप्शंस में दिए गए पेयर्स (जैसे A-E या B-F) को आपस में मिलाकर पढ़ें. अगर दोनों फ्रेगमेंट्स को मिलाने पर कोई बेसिक ग्रामर रूल टूट रहा है या उनका कोई लॉजिकल मीनिंग नहीं निकल रहा, तो उस ऑप्शन को तुरंत रिजेक्ट कर दें.

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शाम्भवी शिवानी डिजिटल मीडिया में पिछले 3 सालों से सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ एजुकेशन बीट पर काम कर रही हैं. शिक्षा और रोजगार से जुड़ी खबरों की समझ रखने वाली शाम्भवी एग्जाम, सरकारी नौकरी, रिजल्ट, करियर, एडमिशन और सक्सेस स्टोरी जैसे विषयों पर रिपोर्टिंग और फीचर राइटिंग करती हैं. सरल भाषा और जानकारी को व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की खासियत है. डिजिटल मीडिया में अपने करियर के दौरान शाम्भवी ने न्यूज़ हाट और राजस्थान पत्रिका जैसी संस्थाओं के साथ काम किया है. यहां उन्होंने एजुकेशन, युवा मुद्दों और ट्रेंडिंग विषयों पर कंटेंट तैयार किया. वर्तमान में प्रभात खबर के साथ जुड़कर वे खास तौर पर बोर्ड परीक्षा, प्रतियोगी परीक्षा, सरकारी नौकरी, करियर ऑप्शंस और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज पर काम कर रही हैं. शाम्भवी की रुचि सिर्फ पत्रकारिता तक सीमित नहीं है. उन्हें सिनेमा और साहित्य में भी गहरी दिलचस्पी है, जिसका असर उनकी लेखन शैली में भी देखने को मिलता है. वे तथ्यों के साथ भावनात्मक जुड़ाव और मानवीय पहलुओं को भी अपनी स्टोरीज में जगह देने की कोशिश करती हैं. पटना में जन्मीं शाम्भवी ने Patna University से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया है. इसके बाद Indira Gandhi National Open University (IGNOU) से पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की. पत्रकारिता और जनसंचार की पढ़ाई ने उन्हें न्यूज राइटिंग, डिजिटल कंटेंट और ऑडियंस बिहेवियर की बेहतर समझ दी है. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लगातार बदलते ट्रेंड्स और रीडर्स की जरूरतों को समझते हुए शाम्भवी SEO-फ्रेंडली, इंफॉर्मेटिव और एंगेजिंग कंटेंट तैयार करने पर फोकस करती हैं. उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों तक सही, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाई जा सके.
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