[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Education CBSE री-इवैल्युएशन पोर्टल पर DDoS अटैक का शक, 2 मिनट में आए 15 लाख हिट्स

CBSE री-इवैल्युएशन पोर्टल पर DDoS अटैक का शक, 2 मिनट में आए 15 लाख हिट्स

0
CBSE री-इवैल्युएशन पोर्टल पर DDoS अटैक का शक, 2 मिनट में आए 15 लाख हिट्स
स्कूल स्टूडेंट्स की सांकेतिक फोटो (AI Generated)

CBSE Board Re-evaluation 2026: सीबीएसई बोर्ड के मुताबिक, इस पूरे सिस्टम को पहले से ही मजबूत साइबर सिक्योरिटी लेयर के साथ तैयार किया गया था, जिससे बड़ी संख्या में यूजर्स के बावजूद वेबसाइट क्रैश नहीं हुई. सीबीएसई ने पोस्ट-रिजल्ट ग्रिवांस रिड्रेसल पोर्टल को 2 जून 2026 की सुबह 4.30 बजे एक्टिव किया.

CBSE Board की तैयारी पूरी थी और लॉन्च से पहले लोड टेस्टिंग और सिक्योरिटी ऑडिट भी किया गया था. पोर्टल जैसे ही लाइव हुआ, सिर्फ 2 मिनट के अंदर करीब 15 लाख यूजर्स ने एक साथ लॉगिन या क्लिक करने की कोशिश की.

CBSE Board Re-evaluation पोर्टल पर DDoS अटैक का खतरा

सीबीएसई की रिपोर्ट के मुताबिक शुरुआती ट्रैफिक में करीब 1 लाख से ज्यादा ऐसे हिट्स थे, जिन्हें सिस्टम ने अनऑथराइज्ड या फर्जी ट्रैफिक के तौर पर चिन्हित किया. साइबर एक्सपर्ट्स के अनुसार यह पैटर्न DDoS अटैक जैसा था, जिसमें एक साथ लाखों-करोड़ों रिक्वेस्ट भेजकर वेबसाइट को स्लो या डाउन करने की कोशिश की जाती है.

क्या है DDoS?

DDoS (Distributed Denial of Service) एक प्रकार का साइबर अटैक है, जो किसी वेबसाइट, सर्वर या नेटवर्क को भारी मात्रा में फर्जी ट्रैफिक या कनेक्शन भरने का काम करता है. इससे पोर्टल को धीमा या क्रैश करने की कोशिश की जाती है. लेकिन इस बार सिस्टम पहले से तैयार था. DDoS mitigation लेयर एक्टिव थी, जिसकी वजह से अटैक सफल नहीं हो पाया और पोर्टल लगातार चलता रहा.

38 लाख डेटा पैकेट्स एक साथ

3 जून 2026 को एक बार फिर पोर्टल पर साइबर अटैक जैसी गतिविधि दर्ज की गई. इस बार और ज्यादा आक्रामक कोशिश हुई, जिसमें करीब 38 लाख डेटा पैकेट्स एक साथ सर्वर की तरफ भेजे गए. इसके बावजूद सीबीएसई की टेक्निकल टीम 24×7 मॉनिटरिंग मोड में थी.

साइबर अटैक की कोशिशों के बीच भी छात्रों का काम प्रभावित नहीं हुआ. 4 जून 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार अब तक 70,433 आवेदन सफलतापूर्वक दर्ज किए जा चुके हैं. CBSE ने पोस्ट शेयर कर इसकी जानकारी दी है.

यह भी पढ़ें: संसद पहुंचे रांची के सार्थक सिद्धांत, दिखाई CBSE OSM सिस्टम की गड़बडियां

Previous article ‘एक पेड़, मां के नाम’ अभियान की हुई शुरुआत, सीएम ने साल्टलेक के नलबन में किया पौधरोपण
Next article विश्व पर्यावरण दिवस पर नवादा में प्लास्टिक मुक्त गांव बनाने की पहल, ग्राम सभाओं से लोगों को किया गया जागरूक
Avatar Of Ravi Mallick
रवि मल्लिक पिछले 7 सालों से एजुकेशन जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं. एजुकेशन, करियर, जॉब, NEET, JEE, बैंकिंग, SSC, UPSC, UPPSC, BPSC और ICAI CA जैसी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है. फिलहाल वो प्रभात खबर डिजिटल की एजुकेशन टीम को लीड कर रहे हैं. इससे पहले उन्होंने TV9 भारतवर्ष डिजिटल, Times Network और अमर उजाला जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है. रवि युवाओं को बेहतर करियर ऑप्शन, करेंट अफेयर्स और नई वैकेंसी के बारे में बताना पसंद करते हैं. बोर्ड परीक्षा हो या UPSC, JEE, CUET और NEET जैसे कॉम्पिटेटिव एग्जाम इनके लिए स्मार्ट टिप्स तैयार करना अच्छा लगता है. एग्जाम टॉपर्स से बात करना और उनकी स्ट्रेटजी के बारे में छात्रों को बताना पसंद है. डिजिटल युग में पत्रकारिता की शुरुआत होने के चलते रवि मल्लिक Digital News को अच्छे से समझते भी हैं और उसे यूजर के अनुसार तराशना भी जानते हैं. यही वजह है कि उनकी रिपोर्ट को IGNOU, JNU, IIT गुवाहाटी और NIT जालंधर जैसे संस्थानों ने भी शेयर किया है. रवि की पढ़ाई वाराणसी से हुई है. यहीं के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय (MGKVP) से उन्होंने ग्रेजुएशन पूरा किया. इसके बाद पत्रकारिता की पढ़ाई के लिए वो लखनऊ आ गए. स्वामी विवेकानंद सुभारती यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान लखनऊ में रहकर 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और साल 2019 के लोकसभा चुनाव को करीब से देखा और एक लोकल वेबसाइट के साथ काम किया. पॉलिटिक्स, क्राइम और बिग ब्रेकिंग खबरों पर हाथ साफ करने के साथ रवि की रुचि एजुकेशन न्यूज की ओर हुई. साल 2019 में ही अमर उजाला के सफलता प्लेटफॉर्म से उन्होंने एजुकेशन की खबरों पर काम करना शुरू किया. इसके बाद साल 2020 में उन्होंने TV9 भारतवर्ष डिजिटल ज्वाइन किया और यहां Career कैटेगरी की शुरुआत की. एजुकेशन की खबरों को कवर करते हुए JNU, DU, जामिया और IIT दिल्ली के कई इवेंट का हिस्सा रहे. रवि के करियर की गाड़ी आगे बढ़ी और साल 2024 में उन्हें Times Now Hindi में एजुकेशन टीम में सीनियर कंटेंट एडिटर का पोस्ट मिला. जॉब, स्कूली शिक्षा, बोर्ड परीक्षा और रिजल्ट की खबरों पर काम करते हुए एक साल पूरा किया. साल 2025 से रवि प्रभात खबर डिजिटल की एनर्जेटिक टीम के साथ जुड़े हैं.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel