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Home Education Career Guidance NEET में कम नंबर आए तो टेंशन नहीं, हेल्थ सेक्टर में करें ये 10 कोर्स

NEET में कम नंबर आए तो टेंशन नहीं, हेल्थ सेक्टर में करें ये 10 कोर्स

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NEET में कम नंबर आए तो टेंशन नहीं, हेल्थ सेक्टर में करें ये 10 कोर्स
मेडिकल स्टूडेंट की सांकेतिक फोटो (Canva)

Medical Course without NEET: हर साल लाखों छात्र NEET देते हैं, लेकिन सीटें सीमित होती हैं. करीब 1.25 लाख के आसपास MBBS सीटें हैं, जबकि उम्मीदवार लाखों में. ऐसे में कॉम्पिटिशन बहुत हाई रहता है, ऐसे में कम नंबर आने का मतलब ये नहीं कि आपका सपना खत्म हो गया. नीट में कम नंबर आने पर परेशान मत होइए. यहां मेडिकल फील्ड के 10 बेस्ट कोर्स (Top Medical Course) के बारे में जान सकते हैं.

MBBS के अलावा कई ऐसे कोर्स हैं जिनसे आप डॉक्टर या हेल्थ प्रोफेशनल बन सकते हैं. इन कोर्स की डिमांड भी तेजी से बढ़ रही है. कई बार ये करियर ज्यादा जल्दी ग्रोथ भी देते हैं.

Medical Course without NEET: टॉप मेडिकल कोर्स

  • BPT (बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी)- इस कोर्स में शरीर की मूवमेंट और मसल्स की रिकवरी सिखाई जाती है. चोट या सर्जरी के बाद मरीजों को ठीक करने में मदद करते हैं. आगे MPT करके स्पेशलिस्ट भी बन सकते हैं.
  • BDS (बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी)- अगर दांतों के इलाज में दिलचस्पी है तो ये बढ़िया ऑप्शन है. डेंटिस्ट बनकर क्लिनिक खोल सकते हैं या हॉस्पिटल में काम कर सकते हैं. स्कोप काफी अच्छा है.
  • BSc Nursing- इस कोर्स के जरिए आप नर्स बनते हैं. मरीजों की देखभाल, डॉक्टर की सहायता और हॉस्पिटल मैनेजमेंट सीखते हैं. देश और विदेश दोनों जगह डिमांड बहुत ज्यादा है.
  • BAMS (आयुर्वेदिक मेडिसिन)- यह कोर्स आयुर्वेद पर आधारित है. जड़ी-बूटियों और प्राकृतिक इलाज से लोगों को ठीक करने का मौका मिलता है. आजकल आयुर्वेद की डिमांड तेजी से बढ़ रही है.
  • BHMS (होम्योपैथी)- इसमें होम्योपैथिक तरीके से इलाज सिखाया जाता है. कम साइड इफेक्ट वाली दवाओं के कारण लोग इसे पसंद करते हैं. अपना क्लिनिक खोल सकते हैं.
कोर्स का नामक्या सीखेंगेकरियर स्कोप
BPTशरीर की मूवमेंट और रिकवरी की तकनीकफिजियोथेरेपिस्ट, स्पोर्ट्स क्लिनिक
BDSदांतों और मुंह का इलाजडेंटिस्ट, अपना क्लिनिक
BSc Nursingमरीजों की देखभाल और हॉस्पिटल मैनेजमेंटनर्स, हॉस्पिटल जॉब
BAMSआयुर्वेदिक इलाज और जड़ी-बूटियांआयुर्वेद डॉक्टर
BHMSहोम्योपैथिक चिकित्साहोम्योपैथ डॉक्टर
BUMSयूनानी चिकित्सा पद्धतियूनानी डॉक्टर
BNYSयोग और नेचुरोपैथीवेलनेस एक्सपर्ट
BSc Microbiologyबैक्टीरिया और लैब टेस्टिंगलैब टेक्नीशियन
Veterinary Pharmaजानवरों की दवाइयांपशु चिकित्सा क्षेत्र
Biotechnologyटेक्नोलॉजी और मेडिकल रिसर्चफार्मा कंपनी, रिसर्च
  • BUMS (यूनानी मेडिसिन)- यूनानी मेडिकल सिस्टम पर आधारित यह कोर्स शरीर के संतुलन पर ध्यान देता है. इसमें पारंपरिक इलाज के तरीके सिखाए जाते हैं और अच्छा करियर बन सकता है.
  • BNYS (नेचुरोपैथी और योग)- इसमें योग और प्राकृतिक तरीकों से इलाज करना सिखाया जाता है. हेल्थ और वेलनेस इंडस्ट्री में इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है.
  • BSc Microbiology या Lab Technology- इस फील्ड में बैक्टीरिया, वायरस और टेस्टिंग से जुड़ी पढ़ाई होती है. लैब में काम करने का मौका मिलता है. हॉस्पिटल और रिसर्च सेंटर में जॉब मिलती है.
  • Veterinary Pharmacy- अगर जानवरों से प्यार है तो यह कोर्स आपके लिए है. इसमें जानवरों की दवाइयों से जुड़ी पढ़ाई होती है. पशु चिकित्सा क्षेत्र में अच्छा स्कोप है.
  • Biotechnology- बायोटेक में रिसर्च और टेक्नोलॉजी का मेल होता है. GATE क्लियर करके IIT से MTech करें तो शानदार करियर बन सकता है. फार्मा और रिसर्च कंपनियों में जॉब मिलती है.

हर कोर्स की अपनी खासियत है. अगर आपको मरीजों के साथ काम करना पसंद है तो Nursing या BPT अच्छा है. रिसर्च पसंद है तो Biotechnology या Microbiology चुन सकते हैं. अपनी रुचि के हिसाब से फैसला लें.

यह भी पढ़ें: साइंस, मैथ्स छोड़िए, 12वीं के बाद करें ये क्रिएटिव कोर्स, चमक जाएगी किस्मत

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रवि मल्लिक पिछले 7 सालों से एजुकेशन जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं. एजुकेशन, करियर, जॉब, NEET, JEE, बैंकिंग, SSC, UPSC, UPPSC, BPSC और ICAI CA जैसी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है. फिलहाल वो प्रभात खबर डिजिटल की एजुकेशन टीम को लीड कर रहे हैं. इससे पहले उन्होंने TV9 भारतवर्ष डिजिटल, Times Network और अमर उजाला जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है. रवि युवाओं को बेहतर करियर ऑप्शन, करेंट अफेयर्स और नई वैकेंसी के बारे में बताना पसंद करते हैं. बोर्ड परीक्षा हो या UPSC, JEE, CUET और NEET जैसे कॉम्पिटेटिव एग्जाम इनके लिए स्मार्ट टिप्स तैयार करना अच्छा लगता है. एग्जाम टॉपर्स से बात करना और उनकी स्ट्रेटजी के बारे में छात्रों को बताना पसंद है. डिजिटल युग में पत्रकारिता की शुरुआत होने के चलते रवि मल्लिक Digital News को अच्छे से समझते भी हैं और उसे यूजर के अनुसार तराशना भी जानते हैं. यही वजह है कि उनकी रिपोर्ट को IGNOU, JNU, IIT गुवाहाटी और NIT जालंधर जैसे संस्थानों ने भी शेयर किया है. रवि की पढ़ाई वाराणसी से हुई है. यहीं के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय (MGKVP) से उन्होंने ग्रेजुएशन पूरा किया. इसके बाद पत्रकारिता की पढ़ाई के लिए वो लखनऊ आ गए. स्वामी विवेकानंद सुभारती यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान लखनऊ में रहकर 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और साल 2019 के लोकसभा चुनाव को करीब से देखा और एक लोकल वेबसाइट के साथ काम किया. पॉलिटिक्स, क्राइम और बिग ब्रेकिंग खबरों पर हाथ साफ करने के साथ रवि की रुचि एजुकेशन न्यूज की ओर हुई. साल 2019 में ही अमर उजाला के सफलता प्लेटफॉर्म से उन्होंने एजुकेशन की खबरों पर काम करना शुरू किया. इसके बाद साल 2020 में उन्होंने TV9 भारतवर्ष डिजिटल ज्वाइन किया और यहां Career कैटेगरी की शुरुआत की. एजुकेशन की खबरों को कवर करते हुए JNU, DU, जामिया और IIT दिल्ली के कई इवेंट का हिस्सा रहे. रवि के करियर की गाड़ी आगे बढ़ी और साल 2024 में उन्हें Times Now Hindi में एजुकेशन टीम में सीनियर कंटेंट एडिटर का पोस्ट मिला. जॉब, स्कूली शिक्षा, बोर्ड परीक्षा और रिजल्ट की खबरों पर काम करते हुए एक साल पूरा किया. साल 2025 से रवि प्रभात खबर डिजिटल की एनर्जेटिक टीम के साथ जुड़े हैं.
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