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Home Education Career Guidance JoSAA वेरिफिकेशन में न करें ये 6 गलतियां, हाथ से निकल जाएगी IIT-NIT की सीट

JoSAA वेरिफिकेशन में न करें ये 6 गलतियां, हाथ से निकल जाएगी IIT-NIT की सीट

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JoSAA वेरिफिकेशन में न करें ये 6 गलतियां, हाथ से निकल जाएगी IIT-NIT की सीट
स्टूडेंट की सांकेतिक फोटो (AI Generated)

JoSAA Counselling 2026: IIT, NIT, IIEST, IIIT और GFTI जैसे देश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों में एडमिशन के लिए JoSAA काउंसलिंग सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव है. जेईई मेन या एडवांस क्रैक करना जितना मुश्किल है, उतनी ही सावधानी JoSAA काउंसलिंग के दौरान बरतनी पड़ती है. 

हर साल सैकड़ों छात्र सिर्फ इसलिए अपनी मनपसंद सीट गंवा बैठते हैं क्योंकि वे JoSAA में डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के समय छोटी-छोटी गलतियां कर देते हैं. आइए जानते हैं कि वो कौन सी 6 बड़ी गलतियां हैं, जिनसे आपको बचना चाहिए. 

‘स्टेट कोड ऑफ एलिजिबिलिटी’ को गलत समझना

यह जोसा वेरिफिकेशन में होने वाली सबसे आम और गंभीर गलतियों में से एक है. कई छात्र स्टेट कोड ऑफ एलिजिबिलिटी का मतलब वह राज्य समझ लेते हैं जहां के वे मूल निवासी हैं. आपका स्टेट कोड वह राज्य होता है, जहां से आपने अपनी 12वीं की परीक्षा पास की है, न कि वह जहां आपका जन्म हुआ है. 

कैटेगरी सर्टिफिकेट का पुराना या गलत फॉर्मेट में होना

अगर आप OBC-NCL, EWS, SC, ST या PwD कैटेगरी का फायदा ले रहे हैं, तो आपका सर्टिफिकेट सबसे बड़ा गेम-चेंजर होता है. इसमें दो बातों का खास ध्यान रखें:

  • तारीख का ध्यान रखें: OBC-NCL और EWS सर्टिफिकेट के लिए सबसे जरूरी नियम यह है कि वे JoSAA द्वारा तय की गई कटऑफ डेट के बने होने चाहिए. 
  • सेंट्रल लिस्ट बनाम स्टेट लिस्ट: आपका सर्टिफिकेट केंद्र सरकार के फॉर्मेट में होना चाहिए. कई बार छात्र राज्य सरकार वाला सर्टिफिकेट अपलोड कर देते हैं, जिसे JoSAA सीधे रिजेक्ट कर देता है और आपको जनरल कैटेगरी में डाल दिया जाता है. 

धुंधले या अधूरे डॉक्यूमेंट्स अपलोड करना

आजकल पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होती है, इसलिए आपके द्वारा स्कैन किए गए पेपर्स की क्वालिटी बहुत मायने रखती है. मोबाइल से जल्दबाजी में खींची गई ऐसी तस्वीरें जिनमें अक्षर साफ नहीं दिख रहे हों या किनारे कटे हुए हों, उन्हें वेरिफिकेशन ऑफिसर तुरंत रिजेक्ट कर देते हैं. हमेशा किसी अच्छे स्कैनर ऐप या स्कैनर मशीन का उपयोग करें.  PDF फाइल का साइज JoSAA के नियमों के अनुसार रखें और अपलोड करने से पहले खुद चेक करें कि नाम, रोल नंबर और डेट ऑफ बर्थ  साफ-साफ पढ़ी जा रही है या नहीं. 

बैंक डिटेल्स और कैंसल चेक में लापरवाही

सीट एक्सेप्टेंस फीस देने के बाद आपको अपने बैंक खाते की जानकारी और एक Cancelled Cheque या पासबुक का फ्रंट पेज अपलोड करना होता है. छात्र अक्सर किसी भी रैंडम खाते की डिटेल डाल देते हैं. ध्यान रहे, यह खाता इसलिए मांगा जाता है ताकि अगर आगे चलकर आप सीट छोड़ते हैं , तो आपकी रिफंड राशि इसी खाते में वापस आएगी. चेक या पासबुक पर आपका या आपके माता-पिता का नाम साफ छपा होना चाहिए. बिना नाम वाले चेक के कारण वेरिफिकेशन अटक जाता है. 

JoSAA Counselling 2026: मेडिकल सर्टिफिकेट का तय फॉर्मेट में न होना

JoSAA के बिजनेस रूल्स में एक खास मेडिकल सर्टिफिकेट फॉर्मेट दिया जाता है. कई छात्र किसी भी डॉक्टर के साधारण लेटरहेड पर पर्चा बनवाकर अपलोड कर देते हैं, जो कि बिल्कुल अमान्य है. आपको JoSAA की ऑफिशियल वेबसाइट josaa.nic.in से वही ऑफिशियल फॉर्मेट डाउनलोड करना होगा और किसी रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर से ही उसे पूरा डालकर, उनके साइन और सील के साथ अपलोड करना होगा. 

‘Query’ का समय पर जवाब न देना

जब आप डॉक्यूमेंट्स अपलोड करते हैं, तो वेरिफिकेशन ऑफिसर उन्हें बैकएंड पर चेक करता है. अगर उन्हें कोई गड़बड़ी लगती है, तो वे आपकी प्रोफाइल पर एक ‘Query’ (सवाल या आपत्ति) जनरेट करते हैं. इसके लिए एक समय सीमा दी जाती है. कई छात्र डॉक्यूमेंट अपलोड करके बेफिक्र हो जाते हैं और पोर्टल चेक ही नहीं करते.

अगर आपने दी गई समय सीमा के अंदर ऑफिसर की ‘Query’ का जवाब नहीं दिया या सही डॉक्यूमेंट दोबारा अपलोड नहीं किया, तो आपकी मिली हुई सीट तुरंत कैंसल कर दी जाएगी और आप काउंसलिंग प्रक्रिया से बाहर हो जाएंगे. 

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