[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Education Career Guidance रिक्शे वाले का बेटा है…तानों से UPSC Topper तक, रुला देगी इस IAS की कहानी

रिक्शे वाले का बेटा है…तानों से UPSC Topper तक, रुला देगी इस IAS की कहानी

0
रिक्शे वाले का बेटा है…तानों से UPSC Topper तक, रुला देगी इस IAS की कहानी
IAS Success Story of Govind Jaiswal (PC- Social Media)

IAS Success Story in Hindi: ना सुविधा और ना ही समर्थन. फिर भी मन में ठान लिया कि सपनों से बड़ा कुछ नहीं है और इसी को सोचकर आगे बढ़े. यूपीएससी टाॅपर बनकर इतिहास रचा. ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है बनारस के गोविंद जायसवाल (Govind Jaiswal Success Story) की. उनकी मां का देहांत बचपन में हो गया था और पिता रिक्शा चलाकर परिवार पालते थे. समाज ने उन्हें ताने दिए, स्कूल में बच्चे मजाक उड़ाते थे, लेकिन गोविंद ने हार नहीं मानी. उन्होंने संघर्षों को ताकत बनाया और IAS बनकर सबको जवाब दिया कि मेहनत करने वालों को भी इज्जत से जीने का हक होता है.

बचपन में गरीबी, ताने और अपमान (IAS Success Story in Hindi)

रिपोर्ट्स के मुताबिक, गोविंद का बचपन बेहद कठिन था. मां के गुजरने के बाद पिता अकेले बच्चों की परवरिश करते थे. स्कूल में बच्चे उन्हें “रिक्शेवाले का बेटा” कहकर चिढ़ाते थे. एक बार वे एक दोस्त के घर खेलने गए तो उसके पिता ने डांटकर भगा दिया. ये अपमान गोविंद के दिल में घर कर गया.

यह भी पढ़ें- 720 में से 720 अंक, NEET ही नहीं 10-12वीं में भी टॉपर, कौन हैं Karthika G Nair? | NEET Success Story in Hindi 2025

IAS बनने का सपना कैसे शुरू हुआ? (IAS Success Story in Hindi)

एक दिन गोविंद ने अपने अध्यापक से पूछा कि ऐसा क्या करें जिससे समाज में इज्जत मिले? जवाब मिला कि IAS बनो या बड़ा बिजनेसमैन. तभी से गोविंद ने ठान लिया कि उन्हें IAS बनना है.गोविंद के पिता ने उनकी पढ़ाई के लिए अपनी जमीन तक बेच दी. वे दिल्ली में रहकर पढ़ाई करते थे और पिता रिक्शा चलाकर पैसे भेजते थे. एक बार पिता को पैर में संक्रमण हो गया, लेकिन बेटे को बताना तक मुनासिब नहीं समझा, ताकि उसकी पढ़ाई में बाधा न आए.

गोविंद की सफलता बनी मिसाल (IAS Success Story in Hindi)

2007 में गोविंद ने UPSC परीक्षा में 48वीं रैंक हासिल कर IAS अधिकारी बने. उनकी सफलता आज लाखों युवाओं को प्रेरित करती है. 

यह भी पढ़ें- Google छोड़ा, अब AI की दुनिया में कमाल, ऐसा है Arvind Srinivas का IIT Madras से TIME100 तक का सफर | Success Story

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel