[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Education BHU को मिला 50 लाख का सपोर्ट, इन छात्रों को मिलेगी स्कॉलरशिप

BHU को मिला 50 लाख का सपोर्ट, इन छात्रों को मिलेगी स्कॉलरशिप

0
BHU को मिला 50 लाख का सपोर्ट, इन छात्रों को मिलेगी स्कॉलरशिप
BHU कैंपस की सांकेतिक फोटो

BHU Scholarship: BHU ने BHU America Foundation और कुछ इंटरनेशनल लेवल के साइंटिस्ट्स के साथ एक MoU साइन किया है. इस समझौते के तहत यूनिवर्सिटी को करीब 60,000 डॉलर यानी लगभग 50 लाख रुपये मिलेंगे. रिसर्च या हायर स्टडीज के स्टूडेंट को इस MoU का सीधा फायदा मिलेगा.

BHU America Foundation (BHUAF) एक ऐसी संस्था है जो अमेरिका में रजिस्टर्ड है और पूरी तरह चैरिटेबल यानी समाज सेवा के उद्देश्य से काम करती है. इस संस्था का मुख्य काम BHU को सपोर्ट (BHU Scholarship) करना है.

BHU Scholarship इन स्टूडेंट्स को मिलेगी

फंड का सबसे बड़ा फायदा PG और PhD स्टूडेंट्स को मिलेगा. हर साल MSc बायोकेमिस्ट्री के सेकेंड ईयर के 5 मेधावी छात्रों को 25,000 रुपये की स्कॉलरशिप (BHU Scholarship) दी जाएगी. इसके अलावा, आगे चलकर पोस्टग्रेजुएट और पीएचडी छात्रों के लिए रिसर्च ग्रांट भी दी जाएगी.

इस पहल के पीछे BHU के पूर्व छात्र और जाने-माने साइंटिस्ट डॉ निरभय कुमार और डॉ गीता बंसल का अहम योगदान है. डॉ निरभय कुमार मलेरिया रिसर्च के क्षेत्र में इंटरनेशनल स्तर पर जाने जाते हैं और उन्होंने कई बड़ी यूनिवर्सिटीज में काम किया है. वहीं डॉ गीता बंसल का भी रिसर्च और इंडस्ट्री में लंबा अनुभव रहा है. इन दोनों का मकसद है कि नए स्टूडेंट्स को बेहतर मौके मिलें और वे आगे बढ़ सकें.

एलुमनाई का सपोर्ट

BHU के अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के सहयोग से यूनिवर्सिटी में रिसर्च कल्चर और मजबूत होगा. वाइस चांसलर ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि एलुमनाई का सपोर्ट हमेशा से स्टूडेंट्स के लिए फायदेमंद रहा है. इससे न सिर्फ पढ़ाई का स्तर बेहतर होगा, बल्कि इंटरनेशनल लेवल पर रिसर्च को भी बढ़ावा मिलेगा.

यह भी पढ़ें: CSE ब्रांच के लिए फेमस है NIT सुरथकल, जानें क्या है एडमिशन प्रोसेस

Previous article Bajaj Dominar 400 का नया वेरिएंट खरीदने का प्लान है? पहले जानें डिटेल
Next article कोडरमा के जयनगर में आधी रात को मौत बनकर आया हाथियों का झुंड: दो को उतारा मौत के घाट, 3 घायल
Avatar Of Ravi Mallick
रवि मल्लिक पिछले 7 सालों से एजुकेशन जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं. एजुकेशन, करियर, जॉब, NEET, JEE, बैंकिंग, SSC, UPSC, UPPSC, BPSC और ICAI CA जैसी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है. फिलहाल वो प्रभात खबर डिजिटल की एजुकेशन टीम को लीड कर रहे हैं. इससे पहले उन्होंने TV9 भारतवर्ष डिजिटल, Times Network और अमर उजाला जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है. रवि युवाओं को बेहतर करियर ऑप्शन, करेंट अफेयर्स और नई वैकेंसी के बारे में बताना पसंद करते हैं. बोर्ड परीक्षा हो या UPSC, JEE, CUET और NEET जैसे कॉम्पिटेटिव एग्जाम इनके लिए स्मार्ट टिप्स तैयार करना अच्छा लगता है. एग्जाम टॉपर्स से बात करना और उनकी स्ट्रेटजी के बारे में छात्रों को बताना पसंद है. डिजिटल युग में पत्रकारिता की शुरुआत होने के चलते रवि मल्लिक Digital News को अच्छे से समझते भी हैं और उसे यूजर के अनुसार तराशना भी जानते हैं. यही वजह है कि उनकी रिपोर्ट को IGNOU, JNU, IIT गुवाहाटी और NIT जालंधर जैसे संस्थानों ने भी शेयर किया है. रवि की पढ़ाई वाराणसी से हुई है. यहीं के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय (MGKVP) से उन्होंने ग्रेजुएशन पूरा किया. इसके बाद पत्रकारिता की पढ़ाई के लिए वो लखनऊ आ गए. स्वामी विवेकानंद सुभारती यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान लखनऊ में रहकर 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और साल 2019 के लोकसभा चुनाव को करीब से देखा और एक लोकल वेबसाइट के साथ काम किया. पॉलिटिक्स, क्राइम और बिग ब्रेकिंग खबरों पर हाथ साफ करने के साथ रवि की रुचि एजुकेशन न्यूज की ओर हुई. साल 2019 में ही अमर उजाला के सफलता प्लेटफॉर्म से उन्होंने एजुकेशन की खबरों पर काम करना शुरू किया. इसके बाद साल 2020 में उन्होंने TV9 भारतवर्ष डिजिटल ज्वाइन किया और यहां Career कैटेगरी की शुरुआत की. एजुकेशन की खबरों को कवर करते हुए JNU, DU, जामिया और IIT दिल्ली के कई इवेंट का हिस्सा रहे. रवि के करियर की गाड़ी आगे बढ़ी और साल 2024 में उन्हें Times Now Hindi में एजुकेशन टीम में सीनियर कंटेंट एडिटर का पोस्ट मिला. जॉब, स्कूली शिक्षा, बोर्ड परीक्षा और रिजल्ट की खबरों पर काम करते हुए एक साल पूरा किया. साल 2025 से रवि प्रभात खबर डिजिटल की एनर्जेटिक टीम के साथ जुड़े हैं.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel