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Home Education भूल जाएं असिस्टेंट प्रोफेसर बनने का सपना, अगर नहीं है ये 5 स्किल्स! इंफ्लुएंसर ने दिखाया आईना

भूल जाएं असिस्टेंट प्रोफेसर बनने का सपना, अगर नहीं है ये 5 स्किल्स! इंफ्लुएंसर ने दिखाया आईना

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भूल जाएं असिस्टेंट प्रोफेसर बनने का सपना, अगर नहीं है ये 5 स्किल्स! इंफ्लुएंसर ने दिखाया आईना
असिस्टेंट प्रोफेसर की AI जेनरेटेड तस्वीर

Assistant Professor 5 Skills: आज के समय में असिस्टेंट प्रोफेसर की काफी डिमांड में है. लेकिन असिस्टेंट प्रोफेसर बनन के लिए सिर्फ एजुकेशनल क्वालिफिकेशन काफी नहीं है. एक सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर ने 5 ऐसे स्किल्स बताएं हैं, जो हर असिस्टेंट प्रोफेस में होने चाहिए. इंफ्लुएंसर का मानना है कि असिस्टेंट प्रोफेसर बस एक नौकरी भर नहीं है, इस पेशे से जुड़े लोग समाज और युवाओं पर गहरा प्रभाव छोड़ते हैं.

1. सबसे पहले सहानुभूति (Empathy) रखें

इंफ्लुएंसर का कहना है कि असिस्टेंट प्रोफेसर एक शिक्षक होते हैं. ऐसे में उन्हें हमेशा सहानुभूति रखना चाहिए. हमेशा याद रखें कि छात्र होना कैसा महसूस होता है. यदि आप छात्रों की परेशानियों को समझ नहीं सकते और उनके प्रति सहानुभूति नहीं रखते, तो यह पेशा आपके लिए नहीं है.

2. आइंस्टीन का नियम

“यदि आप इसे सरलता से नहीं समझा सकते, तो इसका मतलब है कि आप इसे अच्छी तरह से नहीं समझते.” अल्बर्ट आइंस्टीन का एक बहुत फेमस कोट है. इसी को याद दिलाते हुए इंफ्लुएंसर ने कहा कि किसी भी विषय को यदि आप आसान तरीके से नहीं समझा सकते हैं तो इसका मतलब है कि आप उसे पूरी तरह नहीं समझते हैं. आज के समय में छात्र आपके लेक्चर की जगह 1.5x स्पीड पर YouTube वीडियो भी देख सकते हैं. इसलिए विषय की गहरी और सरल समझ जरूरी है.

3. सोशलाइज करें और सीखें

अगर आप असिस्टेंट प्रोफेसर बनना चाहते हैं तो खुद को सबसे अलग रखने की कोशिश न करें. केवल काम करना ही काफी नहीं है, बल्कि दोस्तों के साथ खुद के विचार शेयर करें. नेटवर्किंग करें और कॉन्फ्रेंस, FDP, सेमिनार आदि में भाग लें. इससे सीखने और आगे बढ़ने के अवसर मिलते हैं.

4. ईगो को कंट्रोल करें

कई बार कुछ लोगों को लगता है कि वे सबसे अच्छे और ऊपर हैं. पद मिलने पर ऐसा होना और भी स्वभाविक है. लेकिन घमंड छोड़ दें. स्टूडेंट्स से उनके लेवल पर जाकर कम्युनिकेट करें. प्रोफेसर और स्टूडेंट्स के बीच कम्युनिकेशन गैप नहीं होना चाहिए. सपोर्ट करने वाले शिक्षक बनें.

5. अपने जुनून को जिंदा रखें

अगर आप टीचिंग प्रोफेशन में हैं तो सबसे पहले स्टूडेंट बनें रहें यानी कि आपके अंदर जानने की इच्छा हो. लगातार पढ़ते रहें, लिखते रहें, प्रजेंटेशन दें और नए आईडिया पर चर्चा करें. जिन विषयों के प्रति आपका जुनून है, उन्हीं पर लगातार सीखते और सिखाते रहें.एक अच्छा शिक्षक वही है, जो जीवनभर सीखना नहीं छोड़ता.

डीयू की प्रोफेसर, सोशल मीडिया पर शेयर करती हैं अपने विचार

इंस्टाग्राम पर textsubtext नाम से एक इंफ्लुएंसर ने असिस्टेंट प्रोफेसर को लेकर एक पोस्ट डाली. उनके अनुसार, असिस्टेंट प्रोफेसर अन्य प्रोफेशन की तरह कोई आम प्रोफेशन नहीं है. शिक्षक महत्वपूर्ण होते हैं और उनका उनके स्टूडेंट्स के साथ रिलेशन अच्छा होना चाहिए. इंफ्लुएंसर दिल्ली यूनिवर्सिटी की असिस्टेंट प्रोफेसर हैं और सोशल मीडिया पर बुक्स, पीएचडी और शिक्षा से जुड़ी चीजों के बारे में डालना पसंद करती हैं.

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शाम्भवी शिवानी डिजिटल मीडिया में पिछले 3 सालों से सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ एजुकेशन बीट पर काम कर रही हैं. शिक्षा और रोजगार से जुड़ी खबरों की समझ रखने वाली शाम्भवी एग्जाम, सरकारी नौकरी, रिजल्ट, करियर, एडमिशन और सक्सेस स्टोरी जैसे विषयों पर रिपोर्टिंग और फीचर राइटिंग करती हैं. सरल भाषा और जानकारी को व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की खासियत है. डिजिटल मीडिया में अपने करियर के दौरान शाम्भवी ने न्यूज़ हाट और राजस्थान पत्रिका जैसी संस्थाओं के साथ काम किया है. यहां उन्होंने एजुकेशन, युवा मुद्दों और ट्रेंडिंग विषयों पर कंटेंट तैयार किया. वर्तमान में प्रभात खबर के साथ जुड़कर वे खास तौर पर बोर्ड परीक्षा, प्रतियोगी परीक्षा, सरकारी नौकरी, करियर ऑप्शंस और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज पर काम कर रही हैं. शाम्भवी की रुचि सिर्फ पत्रकारिता तक सीमित नहीं है. उन्हें सिनेमा और साहित्य में भी गहरी दिलचस्पी है, जिसका असर उनकी लेखन शैली में भी देखने को मिलता है. वे तथ्यों के साथ भावनात्मक जुड़ाव और मानवीय पहलुओं को भी अपनी स्टोरीज में जगह देने की कोशिश करती हैं. पटना में जन्मीं शाम्भवी ने Patna University से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया है. इसके बाद Indira Gandhi National Open University (IGNOU) से पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की. पत्रकारिता और जनसंचार की पढ़ाई ने उन्हें न्यूज राइटिंग, डिजिटल कंटेंट और ऑडियंस बिहेवियर की बेहतर समझ दी है. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लगातार बदलते ट्रेंड्स और रीडर्स की जरूरतों को समझते हुए शाम्भवी SEO-फ्रेंडली, इंफॉर्मेटिव और एंगेजिंग कंटेंट तैयार करने पर फोकस करती हैं. उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों तक सही, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाई जा सके.
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