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Home Education Admissions लाखों छात्रों का भरोसा, फिर भी NIRF Ranking में क्यों पीछे छूट रही ये यूनिवर्सिटी

लाखों छात्रों का भरोसा, फिर भी NIRF Ranking में क्यों पीछे छूट रही ये यूनिवर्सिटी

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लाखों छात्रों का भरोसा, फिर भी NIRF Ranking में क्यों पीछे छूट रही ये यूनिवर्सिटी
NIRF Ranking 2025 University of Allahabad की बैकग्राउंड और छात्रों की सांकेतिक फोटो

NIRF Ranking 2025: यूनिवर्सिटी ऑफ इलाहाबाद (University of Allahabad) भारत की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटियों में से एक है. इसकी स्थापना सन् 1887 में हुई थी और इसे ‘आधुनिक भारतीय शिक्षा का गढ़’ भी कहा जाता है. इसके बावजूद, हाल ही में जारी हुई NIRF Ranking 2025 में इसका नाम टॉप यूनिवर्सिटी की लिस्ट में नहीं दिखा. यह बात काफी चौंकाने वाली है क्योंकि इलाहाबाद यूनिवर्सिटी की शैक्षणिक परंपरा और इतिहास बहुत मजबूत माना जाता है.

NIRF Ranking 2025 में इलाहाबाद यूनिवर्सिटी का नाम

NIRF Ranking यानी नेशनल इंस्टीट्यूशन रैंकिंग फ्रेमवर्क की रैंकिंग हर साल देश की विभिन्न यूनिवर्सिटी और कॉलेजों का मूल्यांकन कर उन्हें रैंक देती है. इस रैंकिंग में शैक्षणिक प्रदर्शन, रिसर्च, फेकल्टी क्वालिटी, इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्री इंटरेक्शन जैसे कई पैरामीटर शामिल होते हैं. University of Allahabad का नाम टॉप यूनिवर्सिटी की लिस्ट में नहीं है.

NIRF Ranking 2025 Top Engineering College List

टॉप इंजीनियरिंग कॉलेज की लिस्ट में शामिल

हालांकि University of Allahabad का नाम पूरी तरह गायब नहीं हुआ है. यह यूनिवर्सिटी टॉप इंजीनियरिंग कॉलेज की लिस्ट में Rank 101-150 के बीच शामिल है. इसके अलावा, टॉप मैनेजमेंट कॉलेज की लिस्ट में भी इसका नाम 101-150 के बीच में दर्ज है. इसका मतलब है कि यूनिवर्सिटी का प्रदर्शन बहुत कमजोर तो नहीं है, लेकिन टॉप रैंक पाने से काफी दूर है.

लाखों छात्रों का आवेदन

हर साल University of Allahabad में लाखों छात्र आवेदन करते हैं और हजारों को एडमिशन भी मिलते हैं. इसके बावजूद रैंकिंग में पिछड़ने की वजह क्या हो सकती है? इसका मुख्य कारण रिसर्च और इंडस्ट्री कनेक्शन की कमजोर पकड़ माना जा रहा है. आज के समय में यूनिवर्सिटी की रैंकिंग में उच्च स्थान पाने के लिए न केवल पढ़ाई पर ध्यान देना होता है, बल्कि फेकल्टी की क्वालिटी, रिसर्च पेपर्स की संख्या, इंटरनैशनल कोलैबोरेशन और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर भी ध्यान देना जरूरी है.

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रवि मल्लिक पिछले 7 सालों से एजुकेशन जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं. एजुकेशन, करियर, जॉब, NEET, JEE, बैंकिंग, SSC, UPSC, UPPSC, BPSC और ICAI CA जैसी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है. फिलहाल वो प्रभात खबर डिजिटल की एजुकेशन टीम को लीड कर रहे हैं. इससे पहले उन्होंने TV9 भारतवर्ष डिजिटल, Times Network और अमर उजाला जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है. रवि युवाओं को बेहतर करियर ऑप्शन, करेंट अफेयर्स और नई वैकेंसी के बारे में बताना पसंद करते हैं. बोर्ड परीक्षा हो या UPSC, JEE, CUET और NEET जैसे कॉम्पिटेटिव एग्जाम इनके लिए स्मार्ट टिप्स तैयार करना अच्छा लगता है. एग्जाम टॉपर्स से बात करना और उनकी स्ट्रेटजी के बारे में छात्रों को बताना पसंद है. डिजिटल युग में पत्रकारिता की शुरुआत होने के चलते रवि मल्लिक Digital News को अच्छे से समझते भी हैं और उसे यूजर के अनुसार तराशना भी जानते हैं. यही वजह है कि उनकी रिपोर्ट को IGNOU, JNU, IIT गुवाहाटी और NIT जालंधर जैसे संस्थानों ने भी शेयर किया है. रवि की पढ़ाई वाराणसी से हुई है. यहीं के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय (MGKVP) से उन्होंने ग्रेजुएशन पूरा किया. इसके बाद पत्रकारिता की पढ़ाई के लिए वो लखनऊ आ गए. स्वामी विवेकानंद सुभारती यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान लखनऊ में रहकर 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और साल 2019 के लोकसभा चुनाव को करीब से देखा और एक लोकल वेबसाइट के साथ काम किया. पॉलिटिक्स, क्राइम और बिग ब्रेकिंग खबरों पर हाथ साफ करने के साथ रवि की रुचि एजुकेशन न्यूज की ओर हुई. साल 2019 में ही अमर उजाला के सफलता प्लेटफॉर्म से उन्होंने एजुकेशन की खबरों पर काम करना शुरू किया. इसके बाद साल 2020 में उन्होंने TV9 भारतवर्ष डिजिटल ज्वाइन किया और यहां Career कैटेगरी की शुरुआत की. एजुकेशन की खबरों को कवर करते हुए JNU, DU, जामिया और IIT दिल्ली के कई इवेंट का हिस्सा रहे. रवि के करियर की गाड़ी आगे बढ़ी और साल 2024 में उन्हें Times Now Hindi में एजुकेशन टीम में सीनियर कंटेंट एडिटर का पोस्ट मिला. जॉब, स्कूली शिक्षा, बोर्ड परीक्षा और रिजल्ट की खबरों पर काम करते हुए एक साल पूरा किया. साल 2025 से रवि प्रभात खबर डिजिटल की एनर्जेटिक टीम के साथ जुड़े हैं.
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