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Home Business आधा भारत नहीं जानता, LPG पाइप ऑरेंज कलर का ही क्यों होता है?

आधा भारत नहीं जानता, LPG पाइप ऑरेंज कलर का ही क्यों होता है?

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आधा भारत नहीं जानता, LPG पाइप ऑरेंज कलर का ही क्यों होता है?
LPG Cylinder Pipe Colour (Photo: Justdial)

LPG Cylinder Pipe Colour: हमारे किचन में गैस सिलेंडर सबसे जरूरी चीज है. लेकिन क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि सिलेंडर से गैस चूल्हे तक जाने वाला पाइप हमेशा नारंगी (Orange) रंग का ही क्यों होता है? यह हरा, नीला या पारदर्शी (Transparent) क्यों नहीं होता? दरअसल, इसके पीछे कोई फैशन या डिजाइन नहीं, बल्कि आपकी सुरक्षा से जुड़े कई बड़े कारण हैं.

क्या है ये गैस पाइप और LPG का मतलब?

यह एक रबर का ट्यूब होता है जो सिलेंडर से गैस को चूल्हे तक पहुंचाता है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि LPG का फुल फॉर्म ‘लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस’ (Liquefied Petroleum Gas) होता है. यह प्रोपेन और ब्यूटेन गैस का मिश्रण है जिसका इस्तेमाल हम खाना पकाने के लिए करते हैं.

आखिर ये पाइप हमेशा नारंगी रंग का ही क्यों होता है?

इसके पीछे चार मुख्य कारण हैं:

  • आसानी से पहचान: नारंगी एक बहुत चमकीला रंग है. गैस मैकेनिक या इंस्पेक्टर चेकिंग के दौरान इसे दूर से देखकर ही पहचान जाते हैं कि यह LPG कनेक्शन है. भारत में घरेलू गैस कनेक्शन के लिए इसी रंग का पाइप लगाना एक जरूरी ‘सेफ्टी रूल’ है.
  • इंडस्ट्री का स्टैंडर्ड: भारत में गैस पाइप बनाने वाली सभी प्रमुख कंपनियां इसी रंग का इस्तेमाल करती हैं, ताकि लोगों को पता रहे कि नारंगी पाइप का मतलब सिर्फ गैस कनेक्शन है.
  • खास मटेरियल से बनावट: यह कोई आम रबर नहीं है. यह पाइप गैस के भारी दबाव और गर्मी को सहने के लिए खास सिंथेटिक रबर से बनता है. इसे और मजबूत बनाने के लिए इसके अंदर हाई-टेंसाइल स्टील के तारों की जाली (Steel wire) बिछी होती है. यह तेल और मौसम की मार भी झेल सकता है.
  • खतरे का अलर्ट: इस रंग पर अगर कोई कट, दरार या डैमेज हो, तो वह तुरंत नजर आ जाता है. इससे आप समय रहते पाइप बदल सकते हैं और किसी भी बड़े हादसे से बच सकते हैं.

पाइप पर ‘ISI मार्क’ देखना क्यों है जरूरी?

बाजार से गैस का पाइप खरीदते समय उस पर ‘ISI मार्क’ जरूर चेक करें. यह मार्क भारत सरकार की संस्था ‘ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स’ (BIS) द्वारा दिया जाता है. इसका मतलब है कि यह पाइप IS 9573 (पार्ट 2): 2017 स्टैंडर्ड को पास कर चुका है. इंडियन ऑयल (IOC), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) जैसी सभी बड़ी कंपनियां सिर्फ ISI सर्टिफाइड नारंगी पाइप के इस्तेमाल की ही सलाह देती हैं. यह मार्क गारंटी देता है कि पाइप गैस का दबाव, गर्मी और मुड़ने (Flexibility) की क्षमता में पास है.

हरे या पारदर्शी (Transparent) पाइप का इस्तेमाल क्यों है खतरनाक?

अक्सर लोग थोड़े पैसे बचाने के लिए बाजार से हरा या आर-पार दिखने वाला पारदर्शी पाइप ले आते हैं. लेकिन यह एक जानलेवा गलती हो सकती है:

  • हरे पाइप: ये आमतौर पर पानी की सप्लाई या ड्रेनेज के लिए बने होते हैं.
  • पारदर्शी पाइप: ये लो-प्रेशर हवा या पानी के लिए होते हैं.

अगर आप इनमें से LPG गैस गुजारेंगे, तो ये पाइप गैस का प्रेशर और गर्मी नहीं झेल पाएंगे. कुछ ही समय में ये पाइप अंदर से गल सकते हैं, कमजोर होकर टूट सकते हैं और गैस लीक हो सकती है. इससे किचन में आग लगने या सिलेंडर फटने का भारी खतरा रहता है.

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