[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Business महंगाई नापने का मीटर हुआ अपग्रेड! सरकार लाई नया WPI सिस्टम

महंगाई नापने का मीटर हुआ अपग्रेड! सरकार लाई नया WPI सिस्टम

0
महंगाई नापने का मीटर हुआ अपग्रेड! सरकार लाई नया WPI सिस्टम

Wholesale Inflation: भारत में थोक महंगाई (Wholesale Inflation) को मापने का तरीका अब बदल गया है. सरकार ने महंगाई के पुराने आंकड़ों के बेस ईयर (Base Year) को अपडेट करके अब 2022-23 कर दिया है. इसके साथ ही सरकार ने ‘प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स’ की एक नई सीरीज भी जारी की है. आइए समझते हैं कि इस बदलाव का क्या मतलब है और ये आपकी जेब पर कैसे असर डाल सकता है.

महंगाई में क्या बदलाव आया है?

नए आंकड़ों के मुताबिक, मई महीने में थोक महंगाई दर बढ़कर 9.68% हो गई है, जो अप्रैल में 8.26% थी. थोक महंगाई बढ़ने के मुख्य कारणों में फ्यूल और पावर की बढ़ती कीमतें हैं. जहां महंगाई दर 30.33% तक पहुंच गई है. इसके अलावा, खाने-पीने की चीजों (फूड इंडेक्स) में भी महंगाई दर 3.11% से बढ़कर 4.49% हो गई है.

क्या अब महंगाई के आंकड़े ज्यादा सटीक होंगे?

जी हां, इस नई सीरीज में डेटा को बेहतर तरीके से ट्रैक करने के लिए कई बदलाव किए गए हैं:

  • ज्यादा सामान: अब थोक महंगाई की बास्केट में 697 की जगह 957 आइटम शामिल किए गए हैं.
  • नए सेक्टर: बिजली ग्रुप में अब सोलर, विंड और न्यूक्लियर पावर को भी जोड़ा गया है.
  • बदलते तरीके: क्रूड ऑयल और नेचुरल गैस को अब ‘प्राइमरी आर्टिकल’ से हटाकर ‘फ्यूल और पावर’ कैटेगरी में डाल दिया गया है.
  • बेहतर कैलकुलेशन: महंगाई मापने के लिए अब ‘ग्रॉस वैल्यू ऑफ आउटपुट’ के आधार पर वेटेज दिया जा रहा है, जिससे कीमतों में आने वाले उतार-चढ़ाव को बेहतर ढंग से समझा जा सकेगा.

आने वाले समय में क्या बदलेगा?

अगले पांच सालों तक सरकार थोक महंगाई इंडेक्स (WPI) और प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स दोनों को साथ-साथ पब्लिश करेगी. इसके बाद, सरकार का प्लान है कि थोक महंगाई इंडेक्स को पूरी तरह बंद कर दिया जाए और सिर्फ प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स का ही इस्तेमाल हो. इस नई सीरीज में बैंकिंग, बीमा, शेयर बाजार, पेंशन फंड, रेलवे, हवाई यात्रा और टेलीकॉम जैसी सर्विसेज को भी शामिल किया गया है. इसका मतलब है कि अब केवल सामान ही नहीं, बल्कि सेवाओं की कीमतों में होने वाली हलचल भी सरकार की निगरानी में रहेगी.

इसका आम आदमी पर क्या असर पड़ेगा?

ये बदलाव सरकार को महंगाई के अलग-अलग पहलुओं को बारीकी से समझने में मदद करेगा. पेट्रोल-डीजल से लेकर बिजली और सेवाओं की कीमतों तक, अब सरकार के पास अधिक सटीक डेटा होगा. जब डेटा सटीक होता है, तो सरकार नीतियां बनाते समय बेहतर फैसले ले पाती है, जिससे लंबी अवधि में अर्थव्यवस्था के संतुलन में मदद मिल सकती है.

ये भी पढ़ें: बासमती की खुशबू पड़ गई फीकी! 25% तक लुढ़का भारत का एक्सपोर्ट

Disclaimer: शेयर बाजार से संबंधित किसी भी खरीद-बिक्री के लिए प्रभात खबर कोई सुझाव नहीं देता. हम बाजार से जुड़े विश्लेषण मार्केट एक्सपर्ट्स और ब्रोकिंग कंपनियों के हवाले से प्रकाशित करते हैं. लेकिन प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श के बाद ही बाजार से जुड़े निर्णय करें.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel