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Home Business टमाटर हुआ लाल और आलू ने तरेरी आंखें, आम आदमी की जेब को तसल्ली से धो रही बारिश

टमाटर हुआ लाल और आलू ने तरेरी आंखें, आम आदमी की जेब को तसल्ली से धो रही बारिश

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टमाटर हुआ लाल और आलू ने तरेरी आंखें, आम आदमी की जेब को तसल्ली से धो रही बारिश
Vegetables Price Hike

Vegetables Price Hike: साल 2025 के मानसून की बारिश आम आदमी की जेब को तसल्ली से धो रही है. देश में करीब एक सप्ताह से लगातार हो रही बारिश की वजह से लोगों का खाना-पीना दुश्वार हो गया है. खुदरा और थोक मंडियों में आलू, टमाटर, प्याज और हरी सब्जियों की कीमतों में एक बार फिर जोरदार उछाल आई है. आलू की कीमत जहां 30-35 रुपये किलो पहुंच गया है, वहीं टमाटर और बैंगन 60 से 80 रुपये किलो बिक रहे हैं. इस कारण, भरी बरसात में लोगों की थाली सब्जियां गायब हो गई हैं. बढ़ते दाम के बीच आम आदमी हरी सब्जी खरीदने में भी हिचक रहा है. आइए, जानते हैं कि बिहार-झारखंड समेत देश के प्रमुख मंडियों में सब्जियों की थोक और खुदरा कीमतें क्या हैं?

पटना-रांची में सब्जियों के भाव

बिहार की राजधानी पटना में आलू 30-35 रुपये, टमाटर 50-70 रुपये, प्याज 40-50 रुपये, भिंडी 40-50 रुपये, लौकी 40-50 रुपये, करैली 50-60 रुपये, कच्चू 40-50 रुपये, पालक 20-30 रुपये, हरी मिर्च 80-100 रुपये और धनिया 200-250 रुपये प्रति किलो के भाव बेचे जा रहे हैं. झारखंड की राजधानी में आलू 35-40 रुपये, टमाटर 60-80 रुपये, प्याज 40-50 रुपये, भिंडी: 40-50 रुपये, हरी मिर्च 80-100 रुपये, लौकी 40-50 रुपये किलो, करैली 50 रुपये किलो, कच्चू 50 रुपये और धनिया 200-250 रुपये प्रति किलो बेचे जा रहे हैं.

देश की दूसरी मंडियों में आलू के थोक भाव

  • दिल्ली की आजादपुर मंडी में आलू 30-40 रुपये
  • भोपाल में आलू 40 रुपये
  • प्रयागराज में 25-30 रुपये

टमाटर के थोक भाव

  • दिल्ली की आजादपुर मंडी में 30-40 रुपये
  • भोपाल में 80 रुपये
  • प्रयागराज में 40-50 रुपये
  • कोलकाता में 80-100 रुपये

प्याज के थोक भाव

  • दिल्ली की आजादपुर मंडी में 50-60 रुपये
  • भोपाल में 50 रुपये
  • प्रयागराज में 20-30 रुपये

अन्य हरी सब्जियों के भाव

दूसरी हरी सब्जियों में दिल्ली और भोपाल में भिंडी 60 रुपये, दिल्ली में हरी मिर्च 40 रुपये और भोपाल में 60 रुपये दिल्ली में धनिया 300 रुपये और बरेली में भी 300 रुपये किलो बिक रही हैं.

क्यों महंगी हुईं सब्जियां

मानसून की पहली बारिश ने फसलों को नुकसान पहुंचाया, जिससे कीमतें ऊंची हो गईं. बारिश की वजह से देश के राज्यों से सब्जियों की आवक कम हो गई और स्थानीय फसलों को काफी नुकसान हुआ. इसके साथ ही, सप्लाई चेन भी पूरी तरह से ठप गया, जिसके चलते सब्जियों की कीमतों में उछाल आ गई.

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कब सस्ती होंगी सब्जियां

सरकार का कहना है कि कर्नाटक और महाराष्ट्र से नई फसल (अगस्त 2025) आने पर टमाटर और प्याज के दाम 50-60 रुपये तक गिर सकते हैं. आलू के दाम स्थिर रहने की संभावना है. क्रिसिल की रिपोर्ट में कहा गया है कि शाकाहारी थाली की लागत जुलाई 2024 में 11% बढ़ी, जिसमें आलू, टमाटर और प्याज की कीमतें मुख्य कारक रहीं.

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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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