[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Business क्या है ‘STT’ जिसने निवेशकों में मचाया कोहराम, सोशल मीडिया में आया meme का बाढ़

क्या है ‘STT’ जिसने निवेशकों में मचाया कोहराम, सोशल मीडिया में आया meme का बाढ़

0
क्या है ‘STT’ जिसने निवेशकों में मचाया कोहराम, सोशल मीडिया में आया meme का बाढ़
STT Charges

STT Charges: फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट 2026 के बाद शेयर बाजार (दलाल स्ट्रीट) में भारी गिरावट देखने को मिली थी. सेंसेक्स करीब 1843 अंक और निफ्टी 593 अंक तक लुढ़क गया था. इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह बनी सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) में की गई भारी बढ़ोतरी है. तो आइए समझते हैं कि आखिर एसटीटी क्या है.

यह STT आखिर होता क्या है?

STT यानी सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स एक तरह का टैक्स है जो भारत सरकार द्वारा शेयर बाजार के लेन-देन पर वसूला जाता है. जब भी आप नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) या बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर शेयर या डेरिवेटिव्स (F&O) खरीदते या बेचते हैं, तो सरकार आपसे एक छोटा सा हिस्सा टैक्स के रूप में लेती है. यह टैक्स आपके मुनाफे (Profit) पर नहीं, बल्कि आपकी कुल ट्रांजैक्शन वैल्यू पर लगता है. यानी अगर आपको घाटा भी हुआ है, तब भी आपको STT तो देना ही पड़ेगा.

बजट में नया क्या बदलाव हुआ है?

सरकार ने फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) ट्रेडिंग पर टैक्स को काफी बढ़ा दिया है, जिससे ट्रेडिंग करना अब महंगा हो जाएगा. तो जानिए कितना महंगा हुआ है.

  • फ्यूचर्स पर: टैक्स 0.02% से बढ़ाकर 0.05% कर दिया गया है (150% की बढ़ोतरी).
  • ऑप्शन्स पर: टैक्स 0.10% से बढ़ाकर 0.15% कर दिया गया है (50% की बढ़ोतरी).

इसका सीधा मतलब है कि ट्रेडर्स को अब हर सौदे पर पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा पैसे सरकार को देने होंगे.

इससे किस पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा?

इस फैसले का सबसे बुरा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो मार्केट में बहुत एक्टिव रहते हैं.

  • इंट्राडे और F&O ट्रेडर्स: जो दिन भर में कई बार खरीद-बिक्री करते हैं, उनका मुनाफा इस टैक्स की वजह से कम हो जाएगा.
  • विदेशी निवेशक (FPIs): ग्लोबल फंड्स के लिए अब भारत में ट्रेडिंग करना महंगा हो गया है, जिससे वे अपना पैसा दूसरे देशों में ले जा सकते हैं.
  • वॉल्यूम में कमी: जानकारों का मानना है कि टैक्स बढ़ने से बाजार में सौदों की संख्या कम हो सकती है, जिससे मार्केट की रफ्तार धीमी पड़ सकती है.

अब आते है सोशल मीडिया की Memes पर

ये भी पढ़ें: कमाई के लिए बेस्ट है फरवरी का पहला हफ्ता, खुलेंगे 4 IPO और 6 कंपनियों की होगी लिस्टिंग

Disclaimer: शेयर बाजार से संबंधित किसी भी खरीद-बिक्री के लिए प्रभात खबर कोई सुझाव नहीं देता. हम बाजार से जुड़े विश्लेषण मार्केट एक्सपर्ट्स और ब्रोकिंग कंपनियों के हवाले से प्रकाशित करते हैं. लेकिन प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श के बाद ही बाजार से जुड़े निर्णय करें.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel