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Home Business Startup: स्ट्राइड वेंचर्स और डीपीआईआईटी स्टार्टअप्स को देंगे बढ़ावा, आपस में की साझेदारी

Startup: स्ट्राइड वेंचर्स और डीपीआईआईटी स्टार्टअप्स को देंगे बढ़ावा, आपस में की साझेदारी

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Startup: स्ट्राइड वेंचर्स और डीपीआईआईटी स्टार्टअप्स को देंगे बढ़ावा, आपस में की साझेदारी
Bihar StartUp

Startup: उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने स्टार्टअप्स को उनकी वित्तीय जरूरतों में मदद करने के लिए स्ट्राइड वेंचर्स के साथ साझेदारी की है. इस कदम का उद्देश्य भारत में तेजी से बढ़ने वाले स्टार्टअप्स को समर्थन देना और उनके विकास को गति देना है. डीपीआईआईटी ने शनिवार को एक बयान में कहा कि यह सहयोग रणनीतिक सलाह और बाजार पहुंच के साथ वित्तीय सहायता को मिलाकर स्टार्टअप के लिए अवसर पैदा करने में सहायक होगा.

भारत ग्रैंड चैलेंज प्रोग्राम को सहयोग

डीपीआईआईटी में संयुक्त सचिव संजीव ने कहा कि स्ट्राइड वेंचर्स प्रोग्राम तैयार करेगा. उद्यमिता, इनोवेशन और निवेश को बढ़ावा देने के लिए ‘भारत ग्रैंड चैलेंज’ जैसे प्रोग्राम में सहयोग करेगा. स्ट्राइड वेंचर्स के संस्थापक और प्रबंध साझेदार ईशप्रीत सिंह गांधी ने कहा, “यह साझेदारी स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए हमारी अरबों डॉलर की प्रतिबद्धता के साथ मिलकर भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के हमारे संकल्प पर मुहर लगाती है.” डीपीआईआईटी ने कहा कि स्ट्राइड वेंचर्स ‘हाई ग्रोथ पोटैंशियल वाले स्टार्टअप की पहचान करने, फंडिंग, बाजार पहुंच और नीति समर्थन प्रदान करने पर जोर देगा.’

स्टार्टअप्स को फायदा

  • वित्तीय सहायता: स्टार्टअप्स को उनके व्यवसाय के लिए जरूरी पूंजी जुटाने में मदद मिलेगी.
  • रणनीतिक सलाह: विशेषज्ञों से व्यावसायिक योजनाओं और प्रबंधन में मार्गदर्शन मिलेगा.
  • बाजार तक पहुंच: स्टार्टअप्स को नए बाजारों में प्रवेश करने और ग्राहकों तक पहुंचने का अवसर मिलेगा.

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साझेदारी का उद्देश्य

  • उच्च क्षमता वाले स्टार्टअप्स की पहचान: स्ट्राइड वेंचर्स ऐसे स्टार्टअप्स को चिह्नित करेगा, जो तेजी से बढ़ सकते हैं.
  • नीति समर्थन: डीपीआईआईटी की ओर से स्टार्टअप्स को नीति संबंधी मदद दी जाएगी.
  • नए कार्यक्रम: ‘भारत ग्रैंड चैलेंज’ जैसे विशेष कार्यक्रमों के जरिए उद्यमिता और नवाचार को बढ़ावा दिया जाएगा.

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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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