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Investor Loss: एक ही दिन में निवेशकों के डूबे 14 लाख करोड़ रुपये, बाजार में मची भारी तबाही

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Investor Loss: एक ही दिन में निवेशकों के डूबे 14 लाख करोड़ रुपये, बाजार में मची भारी तबाही
Investor Loss

Investor Loss: सोमवार का दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए काले दिन की तरह रहा. वैश्विक बाजारों में मंदी की आशंका, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और व्यापारिक तनावों के चलते घरेलू शेयर बाजार में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली. बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 2,226.79 अंक यानी 2.95% गिरकर 73,137.90 अंक पर बंद हुआ. दिन के कारोबार में सेंसेक्स एक समय 3,939.68 अंक तक लुढ़ककर 71,425.01 के निचले स्तर पर आ गया था. वहीं, एनएसई निफ्टी (NSE Nifty) भी 2.90% गिरकर 22,000 अंक के करीब बंद हुआ.

स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में बड़ी गिरावट

बीएसई स्मॉलकैप इंडेक्स में 4.13% और मिडकैप इंडेक्स में 3.46% की गिरावट देखी गई. निवेशकों में अफरातफरी का माहौल रहा और चौतरफा बिकवाली देखने को मिली.

बाजार पूंजीकरण में भारी गिरावट

बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण एक ही दिन में 14.09 लाख करोड़ रुपये घटकर 3,89,25,660.75 करोड़ रुपये रह गया. दोपहर के कारोबार में यह नुकसान 20.16 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया था, लेकिन अंतिम घंटे में आई सीमित खरीदारी से नुकसान कुछ कम हुआ.

कितने शेयरों में गिरावट?

बीएसई पर कुल 3,515 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि सिर्फ 570 शेयरों में तेजी आई. 140 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ. इससे साफ है कि गिरावट का दायरा व्यापक था और इसका असर हर सेक्टर पर पड़ा.

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गिरावट के प्रमुख कारण

  • वैश्विक बाजारों में मंदी की आशंका
  • अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता
  • चीन-अमेरिका व्यापार तनाव
  • विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की बिकवाली

विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में अभी और उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है. निवेशकों को सतर्कता बरतने और लंबी अवधि की रणनीति पर टिके रहने की सलाह दी जा रही है.

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Disclaimer: शेयर बाजार से संबंधित किसी भी खरीद-बिक्री के लिए प्रभात खबर कोई सुझाव नहीं देता. हम बाजार से जुड़े विश्लेषण मार्केट एक्सपर्ट्स और ब्रोकिंग कंपनियों के हवाले से प्रकाशित करते हैं. लेकिन प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श के बाद ही बाजार से जुड़े निर्णय करें.

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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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