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Home Business चक्रवाती तूफान के बाद श्रीलंका के हाथ लगा कुबेर का खजाना, दुनिया भर से हो गई डॉलर की बरसात

चक्रवाती तूफान के बाद श्रीलंका के हाथ लगा कुबेर का खजाना, दुनिया भर से हो गई डॉलर की बरसात

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चक्रवाती तूफान के बाद श्रीलंका के हाथ लगा कुबेर का खजाना, दुनिया भर से हो गई डॉलर की बरसात
चक्रवाती तूफान दित्वा से श्रीलंका में भारी तबाही.

Sri Lanka Cyclone Fund: चक्रवाती तूफान दित्वा से मची तबाही के बाद श्रीलंका के लिए राहत की बड़ी खबर सामने आई है. आपदा से उबरने और देश के पुनर्निर्माण के लिए गठित ‘पुनर्निर्माण श्रीलंका कोष’ में अब तक 4.2 अरब श्रीलंकाई रुपये (1.386 करोड़ अमेरिकी डॉलर) से अधिक की राशि जमा हो चुकी है. यह जानकारी शुक्रवार को वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने साझा की, जिससे यह संकेत मिला कि वैश्विक समुदाय श्रीलंका की मदद के लिए आगे आ रहा है.

राष्ट्रपति के निर्देश पर बना पुनर्निर्माण कोष

चक्रवात दित्वा के कारण आई भीषण बाढ़, भूस्खलन और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान के तुरंत बाद राष्ट्रपति अनुर कुमार दिसानायक ने पुनर्निर्माण श्रीलंका कोष के गठन का निर्देश दिया था. इस कोष का उद्देश्य प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित राहत, बुनियादी ढांचे की मरम्मत और दीर्घकालिक पुनर्वास कार्यों के लिए वित्तीय संसाधन जुटाना है.

4,286 मिलियन रुपये तक पहुंची कुल राशि

वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी हर्षणा सूरियाप्पेरुमा के अनुसार, कोषागार संचालन विभाग से प्राप्त ताजा आंकड़ों के मुताबिक अब तक कुल 4,286 मिलियन श्रीलंकाई रुपये (1.386 करोड़ अमेरिकी डॉलर) जमा किए जा चुके हैं. उन्होंने बताया कि यह राशि लगभग 1.386 करोड़ अमेरिकी डॉलर के बराबर है, जो किसी आपदा के तुरंत बाद जुटाई गई मदद के लिहाज से एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है.

विदेशी मुद्रा से मिला मजबूत सहारा

सूरियाप्पेरुमा ने बताया कि इस कोष में केवल विदेशी मुद्राओं के रूप में ही 60 लाख अमेरिकी डॉलर से अधिक की राशि प्राप्त हो चुकी है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर श्रीलंका के लिए सहानुभूति और समर्थन मजबूत बना हुआ है. विदेशी मुद्रा में प्राप्त यह मदद सरकार के लिए राहत कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी.

प्रवासी श्रीलंकाइयों और संगठनों का बड़ा योगदान

इस पुनर्निर्माण कोष में योगदान देने वालों में शुभचिंतक, समर्थक, श्रीलंकाई उद्यमी, विभिन्न संगठन, व्यवसायिक संस्थान और बड़ी संख्या में प्रवासी श्रीलंकाई शामिल हैं. इसके अलावा, कई अंतरराष्ट्रीय और गैर-सरकारी संगठनों ने भी द्वीपीय राष्ट्र की मदद के लिए आगे बढ़कर सहयोग दिया है.

अनुपूरक बजट से मिलेगा अतिरिक्त बल

सरकार को उम्मीद है कि श्रीलंकाई संसद शुक्रवार को 500 अरब श्रीलंकाई रुपये के अनुपूरक अनुमान को मंजूरी दे देगी. इस अतिरिक्त बजट से पुनर्बहाली और पुनर्निर्माण पर होने वाले भारी खर्च को पूरा किया जाएगा, जिससे राहत कार्यों में तेजी लाई जा सकेगी.

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पुनर्निर्माण की लागत 6–7 अरब डॉलर

सरकार के प्रारंभिक आकलन के अनुसार, चक्रवात दित्वा से हुई तबाही के बाद देश के पुनर्निर्माण की कुल लागत लगभग 6 से 7 अरब अमेरिकी डॉलर तक हो सकती है. व्यापक बाढ़, भूस्खलन और बुनियादी ढांचे के ध्वस्त होने से श्रीलंका की आपदा-प्रतिक्रिया क्षमता पर भारी दबाव पड़ा है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय सहयोग से देश को इस संकट से उबरने की उम्मीद जगी है.

भाषा इनपुट के साथ

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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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