Small Savings Scheme Interest Rates 2026: केंद्र सरकार ने जुलाई से सितंबर 2026 तिमाही के लिए इन सभी योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है. यानी इन्वेस्टर्स को अगले तीन महीनों तक पहले की तरह ही रिटर्न मिलता रहेगा.
मिनिस्ट्री ऑफ फाइनेंस की ओर से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, 1 जुलाई 2026 से 30 सितंबर 2026 तक लागू रहने वाली ब्याज दरें अप्रैल-जून 2026 तिमाही के समान रहेंगी. यह लगातार नौवीं तिमाही है, जब सरकार ने छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है.
सरकार ने क्या फैसला लिया?
मिनिस्ट्री ऑफ फाइनेंस ने साफ किया है कि दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर 2026) के लिए सभी छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरें पहले जैसी ही रहेंगी. कुछ इन्वेस्टर्स को उम्मीद थी कि बाजार की स्थिति को देखते हुए सरकार ब्याज दरों में बदलाव कर सकती है, लेकिन इस बार भी दरों को स्थिर रखा गया है. यह फैसला उन लोगों के लिए राहत की बात है जो सुरक्षित और तय रिटर्न वाली सरकारी योजनाओं में इन्वेस्ट करना पसंद करते हैं.
किस योजना पर कितना मिलेगा ब्याज?
जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही के लिए प्रमुख योजनाओं की ब्याज दरें इस प्रकार हैं:
| योजना | ब्याज दर |
| सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) | 8.2% |
| पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) | 7.1% |
| नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) | 7.7% |
| किसान विकास पत्र (KVP) | 7.5% (115 महीने में मैच्योरिटी) |
| सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) | 8.2% |
| पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम | 7.4% |
| पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट | 4.0% |
| 1 वर्ष का टाइम डिपॉजिट | 6.9% |
| 2 वर्ष का टाइम डिपॉजिट | 7.0% |
| 3 वर्ष का टाइम डिपॉजिट | 7.1% |
| 5 वर्ष का टाइम डिपॉजिट | 7.5% |
| 5 वर्ष की रिकरिंग डिपॉजिट (RD) | 6.7% |
आखिरी बार ब्याज दरें कब बदली थीं?
छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में आखिरी बदलाव अप्रैल 2024 में किया गया था. उस समय तीन साल के पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट की ब्याज दर 7% से बढ़ाकर 7.1% की गई थी. वहीं सुकन्या समृद्धि योजना का ब्याज 8% से बढ़ाकर 8.2% कर दिया गया था. इसके बाद से बाकी सभी योजनाओं की दरें लगातार स्थिर बनी हुई हैं.
सरकार ब्याज दर कैसे तय करती है?
सरकार छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की हर तीन महीने में समीक्षा करती है. ये दरें सरकारी बॉन्ड (Government Securities) की यील्ड के आधार पर तय की जाती हैं. हालांकि समीक्षा हर तिमाही होती है, लेकिन बाजार की स्थिति और आर्थिक हालात को देखते हुए सरकार चाहे तो दरों में बदलाव न करने का फैसला भी ले सकती है.
इन्वेस्टर्स के लिए इसका क्या मतलब है?
- अगले तीन महीनों तक सभी प्रमुख छोटी बचत योजनाओं पर पहले जैसा ही रिटर्न मिलेगा.
- सुरक्षित इन्वेस्ट पसंद करने वालों के लिए यह स्थिरता फायदेमंद मानी जा रही है.
- रिटायर लोगों, नौकरीपेशा इन्वेस्टर्स और बच्चों के भविष्य के लिए इन्वेस्ट करने वाले परिवारों को अपनी इन्वेस्ट योजना में किसी बदलाव की जरूरत नहीं होगी.
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