Share Market: मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में बढ़ते तनाव और युद्ध की आहट ने भारतीय शेयर बाजार की कमर तोड़ दी है. हफ्ते के आखिरी दिन, यानी शुक्रवार को बाजार भारी गिरावट के साथ बंद हुआ. गुरुवार को आई थोड़ी सी बढ़त के बाद निवेशकों को उम्मीद थी कि बाजार संभलेगा, लेकिन शुक्रवार को बिकवाली का ऐसा तूफान आया कि सेंसेक्स और निफ्टी धड़ाम हो गए.
बाजार का हाल
- सेंसेक्स: लगभग 1,097 अंक (1.37%) गिरकर 78,918 पर बंद हुआ.
- निफ्टी: करीब 315 अंक (1.27%) फिसलकर 24,450 के स्तर पर आ गया.
क्यों डूबा बाजार ?
- बाजार के गिरने के पीछे सबसे बड़ा कारण इजरायल-ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव है.
- कच्चे तेल की कीमतें: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती बयानबाजी से तेल और गैस की सप्लाई रुकने का डर है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ गए हैं.
महंगाई का डर: अगर तेल महंगा हुआ, तो भारत में महंगाई बढ़ेगी और इससे देश के राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) पर बुरा असर पड़ेगा. - घबराहट (India VIX): बाजार में डर को मापने वाला इंडेक्स (India VIX) 11% से ज्यादा उछल गया, जो यह बताता है कि निवेशक इस वक्त बहुत डरे हुए हैं.
एक्सपर्ट्स का क्या कहना है ?
बाजार के जानकारों का मानना है कि इस वक्त निवेशक “देखो और इंतजार करो” की नीति अपना रहे हैं.
- अजीत मिश्रा (रेलिगेयर ब्रोकिंग): निवेशक शनिवार-रविवार की छुट्टियों से पहले अपनी पोजीशन हल्की करना चाह रहे थे क्योंकि मिडिल ईस्ट की स्थिति अनिश्चित है.
- विनोद नायर (जियोजित इन्वेस्टमेंट्स): अगर तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो रिजर्व बैंक (RBI) के लिए ब्याज दरों पर फैसला लेना मुश्किल हो जाएगा. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इस गिरावट में अच्छे शेयर्स को सस्ते दाम पर खरीदने का मौका भी मिल सकता है.
Also Read: होर्मुज संकट का असर भारत में, अदाणी गैस ने कमर्शियल ग्राहकों की सप्लाई घटाई
Disclaimer: शेयर बाजार से संबंधित किसी भी खरीद-बिक्री के लिए प्रभात खबर कोई सुझाव नहीं देता. हम बाजार से जुड़े विश्लेषण मार्केट एक्सपर्ट्स और ब्रोकिंग कंपनियों के हवाले से प्रकाशित करते हैं. लेकिन प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श के बाद ही बाजार से जुड़े निर्णय करें.
