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Home Business म्यूचुअल फंड पर सेबी सख्त! नियमों में किया बड़ा बदलाव

म्यूचुअल फंड पर सेबी सख्त! नियमों में किया बड़ा बदलाव

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म्यूचुअल फंड पर सेबी सख्त! नियमों में किया बड़ा बदलाव
सेबी की चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच.

Mutual Fund: म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए एक बड़ा अपडेट है. भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने म्यूचुअल फंड नियमों में बदलाव करते हुए नए कोष की पेशकश (एनएफओ) से जुटाई गई राशि के इस्तेमाल की समयसीमा तय कर दी है. अब परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों (एएमसी) को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे निर्धारित समयसीमा के भीतर इस राशि का इस्तेमाल करें. इसके अलावा, म्यूचुअल फंड योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए दबाव परीक्षण (Stress Test) का खुलासा अनिवार्य कर दिया गया है. ये नए नियम 1 अप्रैल 2025 से लागू होंगे.

एनएफओ की राशि के इस्तेमाल की समयसीमा तय

सेबी की ओर से जारी की गई अधिसूचना में कहा गया है कि नए फंड ऑफर (एनएफओ) से प्राप्त राशि का इस्तेमाल तय समयसीमा के भीतर किया जाना चाहिए. आमतौर पर यह अवधि 30 दिन की होती है. यदि किसी फंड हाउस की ओर से इस अवधि के भीतर राशि का इस्तेमाल नहीं किया जाता है, तो निवेशकों को बिना किसी निकासी शुल्क के योजना से बाहर निकलने का विकल्प मिलेगा.

सेबी के नए नियम का उद्देश्य

सेबी के इस नियम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि फंड हाउस बिना योजना बनाए एनएफओ के जरिए निवेशकों से फंड इकट्ठा न करें. जितनी जल्दी हो सके उसे निवेश करें, ताकि निवेशकों को जल्दी से जल्दी रिटर्न मिल सके.

म्यूचुअल फंड योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी

सेबी ने म्यूचुअल फंड योजनाओं के लिए स्ट्रेस टेस्ट (Stress Test) को अनिवार्य कर दिया है, ताकि निवेशकों को यह समझने में आसानी हो कि कोई फंड विभिन्न आर्थिक परिस्थितियों में कैसा प्रदर्शन करेगा. इससे निवेशकों को जोखिम का बेहतर आकलन करने में मदद मिलेगी.

AMC कर्मचारियों के वेतन से भी निवेश होगा

सेबी ने परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों (AMC) के कर्मचारियों के वेतन को म्यूचुअल फंड निवेश से जोड़ने का फैसला किया है. नए नियमों के तहत AMC को अपने कर्मचारियों के वेतन का 1% उनकी भूमिका के आधार पर म्यूचुअल फंड यूनिट्स में निवेश करना होगा.

नए नियमों से निवेशकों को फायदा

  • एनएफओ में निवेश ज्यादा सुरक्षित होगा.
  • फंड हाउस को अधिक जवाबदेह बनाया जाएगा.
  • निवेशक बिना किसी निकासी शुल्क के योजना से बाहर निकल सकेंगे.
  • स्ट्रेस टेस्ट से जोखिम का बेहतर आकलन संभव होगा.

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निवेशकों के लिए जरूरी सलाह

अगर आप म्यूचुअल फंड में निवेश कर रहे हैं या किसी नए एनएफओ में निवेश की योजना बना रहे हैं, तो इन नए नियमों को ध्यान में रखें. किसी भी योजना में निवेश करने से पहले फंड हाउस की रणनीति को समझें और अपने वित्तीय लक्ष्यों के हिसाब से सही फैसला लें.

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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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