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Home Business महीने की शुरुआत में उड़ जाता है सैलरी का पैसा? अपनाएं ये टिप्स, देखकर जलने लगेंगे पड़ोसी

महीने की शुरुआत में उड़ जाता है सैलरी का पैसा? अपनाएं ये टिप्स, देखकर जलने लगेंगे पड़ोसी

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महीने की शुरुआत में उड़ जाता है सैलरी का पैसा? अपनाएं ये टिप्स, देखकर जलने लगेंगे पड़ोसी
salary savings tips

Salary Savings Tips: क्या आप नौकरी-पेशा हैं? हर महीने सैलरी मिलने के बाद आप बचत का प्लान बनाते हैं, लेकिन 5 से 10 तारीख के बाद आप खाली हाथ हो जाते हैं और फिर दोस्तों से उधार लेकर काम चलाते हैं? फिर मन में सवाल यह पैदा होता है, “सैलरी का सारा पैसा कहां चला जाता है, पता ही नहीं चलता?” लेकिन, ऐससा सोचने वाले इस संसार में केवल आप ही नहीं हैं. इस देश में लाखों नौकरी-पेशा ऐसे लोग हैं, जिनका आधे महीने का जीवन फांके में गुजरता है. आइए, जानते हैं कि आखिर, आपकी सैलरी का पैसा क्यों नहीं बच पाता और कहां-कहां खर्च हो जाता है?

बिना प्लानिंग के अंधाधुंध खर्च

आपकी सैलरी महीने की 15 तारीख से पहले उड़ जाता है, तो उसके पीछे सबसे बड़ा कारण बिना प्लानिंग या बजट के अंधाधुंध खर्च करना है. आप यह समझ ही नहीं पाते हैं कि आपकी जरूरत और शौक में फर्क क्या है? आपको यह समझना होगा कि आपकी जरूरत क्या है? आपकी जरूरत मकान का किराया, महीने भर का राशन, काम पर आने-जाने का खर्च, बच्चों की फीस, दवाई का खर्च, सब्जी और फलों पर होने वाला खर्च, आगंतुकों के स्वागत पर खर्च और त्योहारों में होने वाला खर्च आदि है.

  • क्या करें: आप अपनी जरूरत की चीजों को कई हिस्सों में बांट दें. फिर उसके बाद अपनी सैलरी को उन पर होने वाले खर्च के अनुसार फिक्स कर दें. उसके बाद अगर आपके पास पैसा बचता है, तो वही आपकी बचत है. उदाहरण के लिए आप अपनी सैलरी का 25% अमाउंट किराए के लिए फिक्स कर दीजिए. हर महीने के राशन पर 15%, काम पर आने-जाने के खर्च पर 10%, बच्चों की फीस, सब्जी, आगंतुकों के स्वागत और त्योहारों पर होने वाले खर्च पर 30% फिक्स कर दें. इसके बाद आप देखेंगे, तो आपकी सैलरी का करीब 20% हिस्सा आपकी बचत के रूप में दिखाई देगी.

लाइफस्टाइल और क्रेडिट कार्ड का जाल

आदमी की माली हालत बदतर बनाने में लाइफस्टाइल और क्रेडिट कार्ड सबसे बड़ी भूमिका निभाते हैं. मान लीजिए कि किसी की सैलरी 1 लाख रुपये महीना है, तो उसका लाइफस्टाइल भी आम आदमी से भी जुदा होगा. लेकिन, हर महीने 20,000 रुपये पाने वाला आदमी 1 लाख रुपये पाने वाले की तरह लाइफस्टाइल जीना चाहता है. ऐसे में वह बैंकों की ओर से दिए जाने वाले क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करना शुरू कर देता है. एक बार, दो बार, तीन बार या चार बार क्रेडिट कार्ड यूज करने के बाद वह उसका टाइमली पेमेंट तो कर देता है, लेकिन खर्च के प्रति हाथ बढ़े होने की वजह से बाद में वह क्रेडिट कार्ड के जाल में फंसता चला जाता है और उसकी माली हालत खराब हो जाती है.

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  • क्या करें: अपनी माली हालत सुधारने के लिए सबसे पहले आपको अपने खर्चों को अपनी आमदनी के हिसाब से समेटना होगा. दूसरा, किसी के लाइफस्टाइल की कभी नकल नहीं करनी होगी. तीसरा यह कि आप अपने जीवन में कभी भी क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल की आदत न डालें, चाहे आपको पैसों की कितनी भी जरूरत क्यों न हो. आपको अगर पैसों की बहुत अधिक जरूरत है, तो आप अपने सहकर्मियों, अधिकारियों और दोस्तों से मदद ले लीजिए और उन्हें समय पर पैसा लौटा दीजिए. ऐसा करने पर आपकी सैलरी का पैसा आपको नजर आने लगेगा.

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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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