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PPF खातों में फ्री में जुड़ेगा नॉमिनी का नाम, SSY और NSC के बदल गए नियम

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PPF खातों में फ्री में जुड़ेगा नॉमिनी का नाम, SSY और NSC के बदल गए नियम
Rules Change

Rules Change: पब्लिक प्रोविडेंट फंड में नॉमिनी का नाम जुड़वाने के लिए अब किसी को पैसों का भुगतान नहीं करना पड़ेगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की है कि पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) खातों में नॉमिनी जोड़ने या बदलने पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा. सरकार ने 2 अप्रैल 2025 को राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से लघु बचत योजनाओं में नामांकन से जुड़े नियमों में बदलाव किया है. इससे पहले, नामांकन में बदलाव या रद्द करने पर 50 रुपये का शुल्क लिया जाता था. इसके साथ ही, सरकार ने सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) और राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (NSC) समेत लघु बचत योजनाओं के नियमों में भी बदलाव किया है.

PPF खाते में नॉमिनी जोड़ने पर शुल्क खत्म

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर जानकारी दी है कि बैंकों और वित्तीय संस्थानों की ओर से नॉमिनी जोड़ने या बदलने के लिए शुल्क वसूले जाने की शिकायतें मिल रही थीं. इसे देखते हुए सरकार ने इस शुल्क को समाप्त करने का फैसला किया है. नॉमिनी के पास मूल खाताधारक की राशि पर कानूनी अधिकार होता है. इसलिए, यह कदम पीपीएफ धारकों के लिए एक बड़ी राहत है, जिससे वे बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के अपने नॉमिनी की जानकारी को अपडेट या संशोधित कर सकते हैं.

बचत योजनाओं के लिए भी नियमों में बदलाव

राजपत्र अधिसूचना में सरकारी बचत योजनाओं में नामांकन रद्द करने या उसमें बदलाव करने के लिए लिए जाने वाले 50 रुपये के शुल्क को भी हटा दिया गया है. इसका मतलब है कि अब पीपीएफ, सुकन्या समृद्धि योजना (SSY), राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (NSC) और दूसरी लघु बचत योजनाओं के खाताधारकों को नॉमिनी जोड़ने या बदलने पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा.

बैंकिंग संशोधन विधेयक 2025 में बड़ा बदलाव

हाल ही में बैंकिंग संशोधन विधेयक 2025 पारित किया गया है, जिसमें जमाकर्ताओं को अधिकतम चार लोगों को नॉमिनी बनाने की अनुमति दी गई है. इससे खाताधारकों को अधिक सुविधा और सुरक्षा मिलेगी. बैंकिंग कानून में एक दूसरा महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि “पर्याप्त कर” (Adequate Tax) की परिभाषा को अपडेट किया गया है. पहले, यह सीमा 5 लाख रुपये थी, जिसे अब बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये कर दिया गया है. यह दर लगभग 60 साल पहले तय की गई थी और अब इसे वर्तमान जरूरतों के अनुसार संशोधित किया गया है.

सहकारी बैंकों में निदेशकों का कार्यकाल बढ़ा

नए संशोधन के अनुसार, सहकारी बैंकों में निदेशकों (चेयरमैन और पूर्णकालिक निदेशक को छोड़कर) के कार्यकाल को 8 साल से बढ़ाकर 10 साल कर दिया गया है. यह संशोधन संविधान (97वां संशोधन) अधिनियम 2011 के अनुरूप किया गया है.

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पीपीएफ नॉमिनी अपडेट से जुड़े मुख्य बिंदु

  • अब पीपीएफ खातों में नॉमिनी जोड़ने या बदलने पर कोई शुल्क नहीं लगेगा.
  • सभी सरकारी बचत योजनाओं में नामांकन बदलने के लिए 50 रुपये का शुल्क हटा दिया गया है.
  • बैंकिंग संशोधन विधेयक 2025 में अधिकतम 4 नॉमिनी बनाने की अनुमति दी गई है.
  • पर्याप्त कर की सीमा 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये कर दी गई है.
  • सहकारी बैंकों में निदेशकों का कार्यकाल 8 साल से बढ़ाकर 10 साल कर दिया गया है.

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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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