[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Business Reliance Industries को बड़ा झटका! हाईकोर्ट ने सरकार के खिलाफ मध्यस्थता फैसले को किया खारिज

Reliance Industries को बड़ा झटका! हाईकोर्ट ने सरकार के खिलाफ मध्यस्थता फैसले को किया खारिज

0
Reliance Industries को बड़ा झटका! हाईकोर्ट ने सरकार के खिलाफ मध्यस्थता फैसले को किया खारिज
दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकार के पक्ष में सुनाया फैसला.

Reliance Industries: रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) को एक बड़ा झटका लगा है. दिल्ली हाईकोर्ट ने रिलायंस इंडस्ट्रीज और उसके साझेदारों के पक्ष में दिए गए मध्यस्थता फैसले को खारिज कर दिया है. अदालत ने केंद्र सरकार की अपील स्वीकार करते हुए एकल न्यायाधीश के पहले के आदेश को रद्द कर दिया. सरकार ने 1.55 अरब डॉलर के गैस निकासी विवाद में रिलायंस पर अनुचित दोहन का आरोप लगाया था. यह फैसला कंपनी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. संभावना है कि रिलायंस अब सुप्रीम कोर्ट में इस फैसले को चुनौती दे सकती है.

क्या है पूरा मामला?

भारत सरकार ने 1.55 अरब डॉलर के दावे को लेकर रिलायंस, बीपी और निको रिसोर्स पर आरोप लगाया था कि उन्होंने ऐसे गैस भंडारों से निकासी की, जिन पर उनका कोई अधिकार नहीं था. जुलाई 2018 में एक अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता ट्रिब्यूनल ने सरकार के दावे को खारिज कर दिया था. इसके बाद सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया.

दिल्ली हाईकोर्ट पलट दिया फैसला

न्यायमूर्ति रेखा पल्ली और न्यायमूर्ति सौरभ बनर्जी की पीठ ने सरकार की अपील स्वीकार करते हुए रिलायंस इंडस्ट्रीज के पक्ष में दिए गए निर्णय को पलट दिया. फिलहाल, रिलायंस इंडस्ट्रीज की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि कंपनी इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे सकती है.

इसे भी पढ़ें: अब सस्ते में छलका सकेंगे अमेरिका की बॉर्बन! जेब पर पड़ेगा कम बोझ, जानें क्यों?

शेयर बाजार पर असर

इस फैसले के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों पर अस्थिरता बढ़ सकती है. निवेशकों को अब आने वाले अदालती फैसलों पर नजर रखनी होगी. दिल्ली हाईकोर्ट के इस फैसले से भारत सरकार को बड़ी जीत मिली है, लेकिन मामला सुप्रीम कोर्ट तक जा सकता है. रिलायंस इंडस्ट्रीज के लिए यह झटका जरूर है, लेकिन निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है.

इसे भी पढ़ें: एसआईपी से 1 करोड़ की कमाई पर कितना लगेगा टैक्स? जानने पर फटी रह जाएंगी आखें

Disclaimer: शेयर बाजार से संबंधित किसी भी खरीद-बिक्री के लिए प्रभात खबर कोई सुझाव नहीं देता. हम बाजार से जुड़े विश्लेषण मार्केट एक्सपर्ट्स और ब्रोकिंग कंपनियों के हवाले से प्रकाशित करते हैं. लेकिन प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श के बाद ही बाजार से जुड़े निर्णय करें.

Previous article निजी क्लीनिक के कर्मी से रंगदारी मामले में युवक गिरफ्तार
Next article परिहार में कुआं से अधेड़ व्यक्ति का शव बरामद
Avatar Of Kumarvishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel