Rules Change: आरबीआई ने बैंकिंग और लोन सेक्टर में पारदर्शिता लाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुधार किए हैं. ये बदलाव न केवल पर्सनल फाइनेंस को आसान बनाएंगे, बल्कि बैंकों और ग्राहकों के बीच के भरोसे को भी और मजबूत करेंगे. विशेष रूप से क्रेडिट स्कोर के अपडेट होने की गति और लोन को समय से पहले बंद करने (Foreclosure) के नियमों में हुए बदलाव सीधे आपकी जेब पर सकारात्मक असर डालेंगे.
अब 7 दिन में अपडेट होगा सिबिल (CIBIL) स्कोर
नए नियम के अनुसार, क्रेडिट स्कोर अपडेट करने की प्रक्रिया अब हर 7 दिन में पूरी की जाएगी. महीने की 7, 14, 21 और 28 तारीख को आपकी क्रेडिट प्रोफाइल का डेटा अपडेट होगा. जो लोग अपना स्कोर सुधारने की कोशिश कर रहे हैं, उनके लिए यह एक बेहतरीन मौका होगा क्योंकि उनके प्रयासों का परिणाम अब बहुत जल्दी सामने आएगा. हालांकि, ग्राहकों को यह भी ध्यान रखना होगा कि मिस्ड पेमेंट या देरी से किए गए भुगतान की जानकारी भी उतनी ही तेजी से दर्ज होगी, जिससे सिबिल स्कोर तेजी से गिर भी सकता है.
लोन प्रीपेमेंट और फोरक्लोजर चार्ज से मुक्ति
लोन को समय से पहले चुकाने की इच्छा रखने वालों के लिए भी यह एक बड़ी राहत भरी खबर है. नए प्रावधानों के तहत अब फ्लोटिंग रेट पर लिए गए होम लोन, कार लोन, पर्सनल लोन और एजुकेशन लोन पर किसी भी प्रकार का प्रीपेमेंट या फोरक्लोज़र चार्ज नहीं वसूला जाएगा. वर्तमान नियम यह है कि यदि कोई ग्राहक अपनी बचत से लोन को जल्दी बंद करना चाहता है, तो उसे बैंक को भारी शुल्क देना पड़ता है, लेकिन अब समय से पहले लोन चुकाने पर आपको कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा.
बैंक अकाउंट में जोड़ सकेंगे 4 नॉमिनी
बैंकिंग सेवाओं को अधिक सुरक्षित और सुलभ बनाने के लिए 1 अप्रैल से ग्राहक अपने बैंक अकाउंट और लॉकर में अधिकतम चार नॉमिनी (Nominee) जोड़ सकेंगे. इस बदलाव से किसी अनहोनी की स्थिति में संपत्ति का प्रबंधन और कानूनी वारिसों तक पहुंच काफी आसान हो जाएगी. यह कदम भविष्य में होने वाले कानूनी विवादों को कम करने और परिवार के सदस्यों के लिए वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद करेगा.
ज्वेलरी कारोबारियों के लिए ‘गोल्ड मेटल लोन’ में राहत
आरबीआई ने न केवल आम ग्राहकों बल्कि व्यापारियों के लिए भी राहत के रास्ते खोले हैं. ज्वेलरी कारोबारियों के लिए गोल्ड मेटल लोन की भुगतान अवधि को 180 दिन से बढ़ाकर 270 दिन कर दिया गया है. भुगतान की इस समय सीमा में बढ़ोतरी होने से ज्वेलर्स के पास नकद प्रवाह (Cash Flow) में सुधार होगा और उन्हें अपने व्यापारिक संचालन और निवेश के लिए अधिक समय मिल सकेगा, जो बाजार में स्थिरता लाने में सहायक होगा.
Disclaimer: शेयर बाजार से संबंधित किसी भी खरीद-बिक्री के लिए प्रभात खबर कोई सुझाव नहीं देता. हम बाजार से जुड़े विश्लेषण मार्केट एक्सपर्ट्स और ब्रोकिंग कंपनियों के हवाले से प्रकाशित करते हैं. लेकिन प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श के बाद ही बाजार से जुड़े निर्णय करें.
