RBI Monetary Policy 2026: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा आज सुबह 10 बजे नए वित्त वर्ष (2026-27) की पहली मॉनेटरी पॉलिसी का अनाउंसमेंट करेंगे. 6 अप्रैल, सोमवार से चल रही तीन दिनों की बैठक के बाद आज कमेटी ब्याज दरों और महंगाई पर अपना फैसला सुनाएगी. फिलहाल रेपो रेट 5.25% पर है, जिसमें पिछली बार दिसंबर 2025 में कटौती की गई थी.
क्या ब्याज दरों में बदलाव होगा?
ANI की रिपोर्ट के अनुसार, ज्यादातर इकोनॉमिक एक्सपर्ट्स का मानना है कि RBI इस बार ‘यथास्थिति’ (Status Quo) बनाए रखेगा, यानी ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं होगा. क्रिसिल (Crisil) की चीफ इकोनॉमिस्ट दीप्ति देशपांडे के अनुसार, बैंक फिलहाल ‘वेट एण्ड वॉच’ की नीति अपना रहा है. दुनिया भर के बाजारों में मची हलचल और बदलती ऊर्जा कीमतों को देखते हुए सावधानी बरतना जरूरी है. ऐसे में आपकी लोन की EMI फिलहाल स्थिर रहने की उम्मीद है.
महंगाई और ग्रोथ का क्या है हाल?
केयरएज (CareEdge) की रजनी सिन्हा का कहना है कि ईरान-अमेरिका कॉन्फ्लिक्ट और तेल की बढ़ती कीमतों की वजह से महंगाई का खतरा बना हुआ है. अगर कच्चा तेल 90 डॉलर प्रति बैरल पर रहता है, तो भारत की GDP ग्रोथ 6.7% तक रह सकती है. हालांकि, फरवरी में महंगाई कम रहने से RBI को थोड़ा सुकून मिला है, लेकिन सप्लाई चेन में दिक्कतों के कारण बैंक अभी भी सतर्क है.
आगे की राह क्या होगी?
एक्स्पर्ट्स का अनुमान है कि 2027 और 2028 में क्रेडिट ग्रोथ में थोड़ी कमी आ सकती है. मुथूट फिनकॉर्प और पीडब्ल्यूसी (PwC) इंडिया के जानकारों के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव को देखते हुए केवल ब्याज दरें बढ़ाना या घटाना काफी नहीं होगा. RBI लिक्विडिटी को कंट्रोल करने के लिए कुछ दूसरे उपायों का एलान कर सकता है.
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