[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Business आरबीआई की बड़ी कामयाबी, ब्रिटेन से वापस लाया 100 टन सोना

आरबीआई की बड़ी कामयाबी, ब्रिटेन से वापस लाया 100 टन सोना

0
आरबीआई की बड़ी कामयाबी, ब्रिटेन से वापस लाया 100 टन सोना
पूरी दुनिया से सोना खरीदकर भंडार तैयार कर रहा आरबीआई. फोटो: सोशल मीडिया

RBI Gold: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को एक बड़ी कामयाबी हासिल हुई है और वह यह कि उसने ब्रिटेन के केंद्रीय बैंक में सालों से रखा 100 टन सोना अपने खाते में डलवाकर स्वदेश वापसी कराई है. आरबीआई के इस कदम से देश की अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं. जिस जमाने में अर्थव्यवस्था को चलाने के लिए भारत को पैसे की जरूरत थी, उस समय सोना विदेशों में गिरवी रखा गया था, जिसे अब धीरे-धीरे वापस लाया जा रहा है.

विदेश में रखे सोने को वापस ला रहा आरबीआई

आरबीआई के अधिकारियों के हवाले से टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि आने वाले दिनों में 100 टन सोना भारत लाया जाएगा. रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 1991 के बाद यह पहला मौका है, जब भारत के भंडार में इतनी बड़ी मात्रा में सोना शामिल किया जाएगा. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2024 के अंत में आरबीआई के पास 822.1 टन सोने का भंडार था. इसमें करीब 413.8 टन सोना दूसरे देशों में रखा गया है. केंद्रीय बैंक अब उसी सोना को धीरे-धीरे वापस ला रहा है.

सोना खरीदने में आरबीआई सबसे आगे

रिपोर्ट में कहा गया है कि हाल के वर्षों में सोना खरीदने के मामले में दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों में आरबीआई सबसे आगे है. इसने पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान 27.5 टन सोना अपने भंडार में शामिल किया है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि एक वक्त था, जब दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों में बैंक ऑफ इंग्लैंड के पास सबसे अधिक स्वर्ण भंडार था. आजादी मिलने से पहले तक भारत का सोना भी लंदन के बैंक में रखा जाता था. अधिकारियों ने बताया कि आरबीआई ने कुछ साल पहले सोना खरीदना शुरू किया और यह समीक्षा करने का फैसला किया कि वह कहां-कहां से सोना अपने देश वापस ला सकता है. दूसरे देशों में स्वर्ण भंडार बढ़ रहा था. इसलिए कुछ सोना भारत लाने का निर्णय लिया गया. साथ ही भविष्‍य की परिस्थितियों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है.

लंबी दौड़ से हांफ रहा बाजार या सामने खड़ा है थर्ड वर्ल्ड वार? जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट

बदलेगी अर्थव्यवस्था की हालत

सोना भारतीयों की सबसे पसंदीदा वस्तु है. इसके साथ लोगों की भावना, आस्था और आराधना जुड़ी हैं. साल 1991 में चंद्रशेखर सरकार के कार्यकाल में भारत की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर हो गई थी. इसका कारण यह था कि अमेरिका का खाड़ी देशों और खासकर इराक के साथ हुए युद्ध के दौरान चंद्रशेखर सरकार ने कुछ ऐसे कदम उठाए, जिसका कुप्रभाव भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ने लगी. यही वह दौर था, जब अर्थव्यवस्था को संभाले रखने के लिए चंद्रशेखर सरकार को सोना गिरवी रखना पड़ा था. हालांकि, आज से करीब 15 साल पहले वर्ष 2009 में आरबीआई ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से करीब 200 टन सोने की खरीद की थी.

कैसे होती है मतों की गिनती और क्या होता है राउंड?

Disclaimer: शेयर बाजार से संबंधित किसी भी खरीद-बिक्री के लिए प्रभात खबर कोई सुझाव नहीं देता. हम बाजार से जुड़े विश्लेषण मार्केट एक्सपर्ट्स और ब्रोकिंग कंपनियों के हवाले से प्रकाशित करते हैं. लेकिन प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श के बाद ही बाजार से जुड़े निर्णय करें.

Previous article Lok Sabha Elections: मुंगेर संसदीय क्षेत्र में पुनर्मतदान कराने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, दिया ये निर्देश
Next article Ranchi News: होटवार जेल में हेमंत सोरेन से मिले झारखंड के मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन
Avatar Of Kumarvishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel