[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Business प्रिंट मीडिया की विज्ञापन दरों में 26% बढ़ोतरी कर सकती है सरकार, 15 नवंबर को अधिसूचना होगी जारी

प्रिंट मीडिया की विज्ञापन दरों में 26% बढ़ोतरी कर सकती है सरकार, 15 नवंबर को अधिसूचना होगी जारी

0
प्रिंट मीडिया की विज्ञापन दरों में 26% बढ़ोतरी कर सकती है सरकार, 15 नवंबर को अधिसूचना होगी जारी
प्रिंट मीडिया की विज्ञापन दरों में बढ़ोतरी होने वाली है.

Advertising Rates: सरकार पारंपरिक प्रिंट मीडिया की विज्ञापन दरों में बढ़ोतरी करने की तैयारी कर रही है. वह न्यू मीडिया की वजह से होने वाली बाधाओं से बचाने के तरीकों और साधनों पर काम कर रही है और एक महत्वपूर्ण सुधार पर काम चल रहा है. सूत्रों के हवाले से शनिवार को जानकारी मिली है कि सरकार प्रिंट मीडिया के सरकारी विज्ञापन दरों में 26% बढ़ोतरी करने की तैयारी कर रही है. इस बढ़ोतरी के लिए 15 नवंबर के बाद अधिसूचना जारी की जाएगी.

प्रिंट मीडिया की आमदनी पर ऑनलाइन मीडिया का प्रभाव

देश में डिजिटल और ऑनलाइन मीडिया प्लेटफॉर्म तेजी से बढ़ रहे हैं. इस कारण पारंपरिक मीडिया का मुख्य राजस्व स्रोत और विज्ञापन घटता जा रहा है. इसके कारण कई प्रिंट मीडिया हाउसों की कमाई प्रभावित हो रही है और कर्मचारियों की आजीविका पर दबाव बढ़ा है. सरकार का उद्देश्य इस कमी को कम करना और पारंपरिक मीडिया को स्थिरता प्रदान करना है.

रेडियो सेक्टर में नियामक सुधार

सूत्रों ने बताया कि रेडियो सेक्टर के लिए भी सरकार विकास में बाधा डालने वाली मौजूदा नियामक बाधाओं को हटाने पर विचार कर रही है. इससे रेडियो चैनलों को व्यवसाय में अधिक अवसर और विकास की संभावनाएँ मिल सकेंगी.

टीवी चैनलों की रेटिंग में सुधार

टीवी चैनलों को वर्तमान में रेटिंग सिस्टम में विकृतियों का सामना करना पड़ रहा है. एक सूत्र ने कहा कि सरकार समान अवसर और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए रेटिंग प्रणाली में सुधार करने की दिशा में काम कर रही है. इससे विज्ञापन राजस्व में अधिक निष्पक्ष वितरण संभव होगा और चैनलों के व्यवसाय में संतुलन आएगा.

डीटीएच क्षेत्र में सुधार की योजना

सरकार डीटीएच (डाइरेक्ट टू होम) क्षेत्र में भी सुधार पर विचार कर रही है. सरकार का लक्ष्य सुलभता और पहुंच को अधिकतम करना और मुफ्त डिश सेवाओं के लिए लागत संरचना को अधिक कुशल बनाना है. सूत्रों ने बताया कि रेटिंग सुधारों पर पहले ही परामर्श पत्र तैयार किया जा चुका है, जो लागू होने के लिए अंतिम चरण में है.

इसे भी पढ़ें: 1962 के चीन युद्ध में भारत की महिलाओं ने ट्रक के ट्रक दिया था सोना, आनंद महिंद्रा ने X पर किए भावुक पोस्ट

पारंपरिक मीडिया का स्थिर भविष्य

सरकार की यह पहल न केवल प्रिंट मीडिया के विज्ञापन राजस्व को बढ़ावा देगी, बल्कि रेडियो, टीवी और डीटीएच क्षेत्रों में भी सुधार लाकर पारंपरिक मीडिया को डिजिटल प्रतिस्पर्धा में जीवित और मजबूत बनाएगी. इससे मीडिया घरानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और उनके कर्मचारियों की आजिविका सुरक्षित रहेगी. सरकार के इस कदम से यह संकेत मिलता है कि पारंपरिक मीडिया को डिजिटल युग में भी समान अवसर और निष्पक्षता मिलनी चाहिए, जिससे पूरे मीडिया इकोसिस्टम में स्थिरता और विकास सुनिश्चित हो सके.

इसे भी पढ़ें: दुनिया के इन 10 शहरों में रहते हैं अल्ट्रा अमीर लोग, 7 अमेरिकी सिटी पर अरबपतियों का कब्जा

Disclaimer: शेयर बाजार से संबंधित किसी भी खरीद-बिक्री के लिए प्रभात खबर कोई सुझाव नहीं देता. हम बाजार से जुड़े विश्लेषण मार्केट एक्सपर्ट्स और ब्रोकिंग कंपनियों के हवाले से प्रकाशित करते हैं. लेकिन प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श के बाद ही बाजार से जुड़े निर्णय करें.

Previous article अभ्यर्थी अपराध विवरणी समाचार पत्रों व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में करें प्रकाशित : डीएम
Next article बाइक चोरी कर भाग रहे शातिर को ग्रामीणों ने दबोचा, की पिटाई
Avatar Of Kumarvishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel