PM Fasal Bima Yojana 2026: खेती पूरी तरह मौसम पर निर्भर है. कई बार किसानों की महीनों की मेहनत आग, बाढ़, सूखा, ओलावृष्टि, तेज हवा, कीटों के हमले या फसलों में बीमारी के कारण कुछ ही घंटों में बर्बाद हो जाती है. ऐसी स्थिति में सबसे बड़ी चिंता आर्थिक नुकसान की होती है. इसी जोखिम को कम करने के लिए केंद्र सरकार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) चला रही है.
इस योजना के तहत किसान बहुत कम प्रीमियम देकर अपनी फसल का बीमा करा सकते हैं और प्राकृतिक आपदा से नुकसान होने पर तय नियमों के अनुसार मुआवजा प्राप्त कर सकते हैं. सरकार ने 1 जुलाई से 31 जुलाई तक पूरे देश में फसल बीमा माह अभियान भी शुरू किया है, ताकि अधिक से अधिक किसान समय पर योजना से जुड़ सकें.
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना क्या है?
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की शुरुआत वर्ष 2016 में किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले आर्थिक नुकसान से बचाने के उद्देश्य से की गई थी. इस योजना में फसल की बुआई से लेकर कटाई और कटाई के बाद खेत में सुखाने के दौरान होने वाले कई प्रकार के जोखिमों को कवर किया जाता है. सरकार का उद्देश्य किसानों की आय को सुरक्षित रखना और खेती को कम जोखिम वाला बनाना है.
किन प्राकृतिक आपदाओं में मिलेगा बीमा?
योजना के तहत कई तरह की प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को कवर किया जाता है.
बीमा का लाभ इन स्थितियों में मिल सकता है.
- आग लगना.
- बाढ़.
- सूखा.
- अत्यधिक बारिश.
- जलभराव.
- ओलावृष्टि.
- चक्रवात.
- तेज आंधी.
- बिजली गिरना.
- कीटों का हमला.
- फसलों में बीमारी.
- प्रतिकूल मौसम के कारण बुआई नहीं हो पाना.
- कटाई के बाद खेत में सुखाने के लिए रखी गई फसल को 14 दिनों तक प्राकृतिक आपदा से नुकसान.
किन मामलों में नहीं मिलेगा बीमा?
कुछ नुकसान इस योजना के दायरे में शामिल नहीं हैं.
- युद्ध.
- परमाणु दुर्घटना.
- दंगे.
- चोरी.
- जंगली जानवरों से नुकसान.
- मानवीय लापरवाही से हुआ नुकसान.
इसलिए आवेदन करने से पहले योजना की शर्तें जरूर पढ़ें.

कितना देना होगा प्रीमियम?
| फसल | किसान का प्रीमियम |
|---|---|
| खरीफ फसल | बीमित राशि का 2 प्रतिशत |
| रबी फसल | बीमित राशि का 1.5 प्रतिशत |
| वाणिज्यिक और बागवानी फसल | बीमित राशि का 5 प्रतिशत |
नोट : बीमित राशि का अर्थ बीमित राशि (Sum Insured) वह अधिकतम पैसा है, जो कोई बीमा कंपनी (Insurance Company) नुकसान होने पर आपको देती है.
बीमा प्रीमियम तय हिस्से से अधिक होने पर बची हुई रकम का भार केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर उठाती हैं.
किस फसल पर कितना मिलेगा बीमा ? समझिए उदाहरण से
महाराष्ट्र
1 हेक्टेयर धान.
किसान का प्रीमियम केवल 65 रुपये.
बीमा कवर लगभग 65,000 रुपये तक.
आवेदन की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026.
मध्य प्रदेश
1 हेक्टेयर मक्का.
किसान का प्रीमियम 680 रुपये.
सरकार का योगदान 2,720 रुपये.
कुल बीमा कवर लगभग 34,000 रुपये.
आवेदन की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026.
ध्यान दें कि बीमित राशि और प्रीमियम राज्य, फसल और जिले के अनुसार अलग हो सकते हैं.
कौन कर सकता है अप्लाई?
योजना का लाभ ऐसे किसान उठा सकते हैं जो.
- खुद की भूमि पर खेती करते हों.
- बटाई पर खेती करते हों.
- लीज पर जमीन लेकर खेती करते हों.
अप्लाई के लिए कौन-कौन से डॉक्यूमेंट चाहिए?
आवेदन के समय सामान्य तौर पर इन डॉक्यूमेंट की जरूरत होगी.
- आधार कार्ड.
- बैंक खाता डिटेल्स .
- भूमि संबंधी डॉक्यूमेंट.
- बोई गई फसल का डिटेल्स.
- मोबाइल नंबर.
- पासपोर्ट साइज फोटो.
PM Fasal Bima Yojana में ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
घर बैठे आवेदन करने के लिए ये आसान स्टेप्स अपनाएं.
Step 1 : प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं.
Step 2 : Farmer Corner में जाकर नए किसान के रूप में रजिस्ट्रेशन करें.
Step 3:
अपना नाम.
आधार नंबर.
मोबाइल नंबर.
राज्य.
जिला.
बैंक खाता.
भूमि का डिटेल्स भरें.
Step 4 : जिस फसल का बीमा कराना है उसका नाम, क्षेत्रफल और सीजन चुनें.
Step 5 : जरूरी डॉक्यूमेंट अपलोड करें.
Step 6 : जानकारी जांचें, प्रीमियम का भुगतान करें और आवेदन जमा करें.
Step 7 : मिली हुई रसीद और आवेदन संख्या सुरक्षित रखें. भविष्य में क्लेम करते समय इसकी जरूरत पड़ सकती है.
ऑफलाइन अप्लाई कैसे करें?
यदि ऑनलाइन अप्लाई संभव नहीं है तो किसान यहां भी अप्लाई कर सकते हैं.
- कॉमन सर्विस सेंटर (CSC).
- अधिकृत बैंक.
- डाकघर.
- बीमा कंपनी का कार्यालय.
- Crop Insurance मोबाइल ऐप.
अप्लाई की अंतिम तारीख क्या है?
फिलहाल खरीफ सीजन 2026 के लिए कई राज्यों में अप्लाई की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 तय की गई है. हालांकि अलग-अलग राज्यों में यह तिथि बदल सकती है. इसलिए अपने जिले या कृषि विभाग से जानकारी जरूर प्राप्त करें.
नुकसान होने पर क्या करें?
यदि फसल प्राकृतिक आपदा से प्रभावित होती है तो.
- तुरंत स्थानीय कृषि अधिकारी या बीमा कंपनी को सूचना दें.
- तय समय सीमा के भीतर नुकसान की जानकारी दर्ज कराएं.
- अप्लाई संख्या और बीमा रसीद सुरक्षित रखें.
- आवश्यक दस्तावेज समय पर जमा करें.
- समय पर सूचना देने से क्लेम प्रक्रिया आसान हो जाती है.
किसानों के लिए यह योजना क्यों महत्वपूर्ण है?
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों को केवल आर्थिक सहायता ही नहीं देती, बल्कि खेती के जोखिम को भी कम करती है.
- इससे प्राकृतिक आपदा के बाद आर्थिक संकट कम होता है.
- खेती जारी रखने में मदद मिलती है.
- बैंक लोन चुकाने का दबाव कुछ हद तक कम हो सकता है.
- किसानों का आत्मविश्वास बढ़ता है.
सहायता के लिए कहां संपर्क करें?
यदि अप्लाई या क्लेम से जुड़ी कोई समस्या आती है तो किसान.
- अपने नजदीकी CSC सेंटर.
- कृषि विभाग.
- अधिकृत बैंक.
- संबंधित बीमा कंपनी से संपर्क कर सकते हैं.
सहायता के लिए कृषि रक्षक हेल्पलाइन 14447 पर भी संपर्क किया जा सकता है.
Also Read : अब किराए के घर को कहें बाय-बाय! PM आवास योजना के तहत बनेंगे 1 करोड़ नए मकान; जानिए आवेदन करने का तरीका
Disclaimer: शेयर बाजार से संबंधित किसी भी खरीद-बिक्री के लिए प्रभात खबर कोई सुझाव नहीं देता. हम बाजार से जुड़े विश्लेषण मार्केट एक्सपर्ट्स और ब्रोकिंग कंपनियों के हवाले से प्रकाशित करते हैं. लेकिन प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श के बाद ही बाजार से जुड़े निर्णय करें.
