[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Business अब सिर्फ पिन से नहीं होगा पेमेंट, RBI ने ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के लिए बदला नियम

अब सिर्फ पिन से नहीं होगा पेमेंट, RBI ने ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के लिए बदला नियम

0
अब सिर्फ पिन से नहीं होगा पेमेंट, RBI ने ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के लिए बदला नियम
Online Payment Rules

Online Payment Rules: भारत के बैंकिंग सेक्टर में 1 अप्रैल 2026 से एक क्रांतिकारी बदलाव होने जा रहा है. भारतीय रिजर्व बैंक ने ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के दौरान होने वाली धोखाधड़ी को जड़ से खत्म करने के लिए कमर कस ली है. अब देश में होने वाले हर डिजिटल पेमेंट के लिए ‘टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन’ को अनिवार्य कर दिया गया है. इसका सीधा मतलब यह है कि अब आपके पैसे के चारों ओर सुरक्षा की दोहरी परत होगी.

बायोमेट्रिक और डायनामिक वेरिफिकेशन होगा जरूरी

नए नियम लागू होने के बाद किसी भी पेमेंट को पूरा करने के लिए ग्राहक को दो अलग-अलग पहचान बतानी होगी. इसमें पिन और ओटीपी के अलावा बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन जैसे फिंगरप्रिंट या फेस आईडी का इस्तेमाल करना होगा. खास बात यह है कि इनमें से एक पहचान का तरीका हर बार नया और डायनामिक होना जरूरी है. इस सिस्टम की वजह से आपकी पुरानी जानकारी या लीक हुए डेटा का इस्तेमाल करके कोई भी फ्रॉड नहीं कर पाएगा.

ओटीपी की कमजोरी को दूर करेगा नया सिस्टम

रिजर्व बैंक ने यह कड़ा कदम इसलिए उठाया है क्योंकि अब केवल ओटीपी को सुरक्षित नहीं माना जा रहा है. साइबर अपराधी कई तरीकों से ओटीपी को बीच में ही चुरा लेते थे जिससे लोगों की मेहनत की कमाई गायब हो जाती थी. अब रिस्क-बेस्ड ऑथेंटिकेशन के जरिए सिस्टम खुद तय करेगा कि किस ट्रांजैक्शन में कितनी जांच की जरूरत है. बड़े और संदिग्ध लेन-देन पर अब ज्यादा कड़ी नजर रखी जाएगी.

पैसे डूबे तो बैंक को भरना होगा हर्जाना

RBI ने ग्राहकों को एक बड़ी राहत यह दी है कि अगर सुरक्षा नियमों की अनदेखी के कारण कोई फ्रॉड होता है, तो उसकी भरपाई बैंक या पेमेंट कंपनी को करनी होगी. यानी अगर सिस्टम में कमी रही तो ग्राहक को उसका पूरा पैसा वापस मिलेगा. इससे बैंकों पर अपने टेक्नोलॉजी को लगातार अपडेट करने का दबाव रहेगा. यह नियम केवल भारत ही नहीं बल्कि विदेश में होने वाले ऑनलाइन पेमेंट पर भी अक्टूबर 2026 तक लागू कर दिया जाएगा.

Also Read: राशनकार्ड वालों की बल्ले-बल्ले, अप्रैल में मिलने जा रहा है 3 महीने का अनाज एक साथ, जानें किसे मिलेगा फायदा

Disclaimer: शेयर बाजार से संबंधित किसी भी खरीद-बिक्री के लिए प्रभात खबर कोई सुझाव नहीं देता. हम बाजार से जुड़े विश्लेषण मार्केट एक्सपर्ट्स और ब्रोकिंग कंपनियों के हवाले से प्रकाशित करते हैं. लेकिन प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श के बाद ही बाजार से जुड़े निर्णय करें.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel