[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Business NPS की नई RIS स्कीम क्या है? जानिए कैसे काम करते हैं इसके SPR और SUR फॉर्मूले 

NPS की नई RIS स्कीम क्या है? जानिए कैसे काम करते हैं इसके SPR और SUR फॉर्मूले 

0
NPS की नई RIS स्कीम क्या है? जानिए कैसे काम करते हैं इसके SPR और SUR फॉर्मूले 
NPS Retirement Income Scheme (Photo: Freepik)

NPS Retirement Income Scheme: पेंशन फंड रेगुलेटर (PFRDA) ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत एक नया ऑप्शनरिटायरमेंट इनकम स्कीम (RIS) पेश किया है. अब तक रिटायरमेंट पर सिर्फ 40% रकम की एन्युटी (मंथली पेंशन) खरीदना जरूरी होता था, लेकिन नए नियमों के मुताबिक कई सब्सक्राइबर्स के लिए सिर्फ 20% रकम से एन्युटी खरीदना ही काफी है. बाकी बची 80% रकम को आप इस नई RIS स्कीम में डालकर अपनी मर्जी से मंथली, क्वार्टरली (तिमाही) या सालाना पेआउट ले सकते हैं. यह स्कीम सरकारी और प्राइवेट दोनों कर्मचारियों के लिए खुली है और इसका फायदा 85 साल की उम्र तक उठाया जा सकता है.

RIS Steady क्या है और आपका पैसा कहां इन्वेस्ट होगा?

इस स्कीम में आपका पैसा पूरी तरह सुरक्षित रखने और बढ़ाने के लिए RIS Steady नाम का एक ऑटोमैटिक इन्वेस्टमेंट फॉर्मूला काम करता है. इसमें उम्र के साथ जोखिम (Equity Exposure) को कम किया जाता है:

  • 60 साल की उम्र पर: आपके पैसे का 35% हिस्सा इक्विटी (शेयर बाजार), 10% कॉर्पोरेट बॉन्ड और 55% सरकारी बॉन्ड (Government Bond) में इन्वेस्ट रहेगा. 
  • 75 साल की उम्र तक: शेयर बाजार का हिस्सा हर साल धीरे-धीरे घटकर सिर्फ 10% रह जाएगा, कॉर्पोरेट बॉन्ड 20% हो जाएगा और सुरक्षित सरकारी बॉन्ड बढ़कर 70% हो जाएंगे. 
  • 75 से 85 साल तक: यह एसेट एलोकेशन (10% E, 20% C, 70% G) बिल्कुल स्थिर रहेगा, ताकि मार्केट के उतार-चढ़ाव से आपकी पेंशन पर कोई आंच न आए. 

पहला ऑप्शन: SPR फॉर्मूले से हर साल कैसे बढ़ेगी पेंशन?

सिस्टमैटिक पेआउट रेट (SPR) इस स्कीम का डिफॉल्ट ऑप्शन है. इसमें आपकी उम्र बढ़ने के साथ पेंशन का प्रतिशत भी बढ़ता जाता है. इसे हर साल आपके जन्मदिन पर रीसेट किया जाता है. 

इसका फॉर्मूला है:

                 SPR= 1/85−आपकी मौजूदा उम्र ×100%

  • 60 साल की उम्र में: आपको बचे हुए कॉर्पस का 4% सालाना पेआउट मिलेगा. 
  • 70 साल की उम्र में: यह दर बढ़कर 6.67% हो जाएगी. मान लीजिए इस उम्र में आपका बचा हुआ फंड 1 करोड़ रुपये है, तो सालाना 6,67,000 रुपये मिलेंगे. अगर आप तिमाही पेमेंट चुनते हैं तो हर 3 महीने में 1,66,667 रुपये और मंथली चुनने पर 55,556 रुपये मिलेंगे. 
  • 80 साल में: पेआउट रेट 20% हो जाएगा और आखिरी साल यानी 
  • 84 साल की उम्र में: यह पूरे 100% पर पहुंच जाएगा. 

दूसरा ऑप्शन: SUR में ‘इक्वल यूनिट्स’ का क्या फायदा है?

अगर आप हर साल बढ़ता हुआ प्रतिशत नहीं चाहते, तो सिस्टमैटिक यूनिट रिडेम्पशन (SUR) चुन सकते हैं.  इसमें आपके कुल फंड की म्यूचुअल फंड जैसी यूनिट्स को पूरे विड्रॉल पीरियड (जैसे 25 साल) में बराबर किश्तों में बांट दिया जाता है. 

उदाहरण से समझें:

अगर आपके पास 60 साल की उम्र में 80 लाख रुपये का फंड है और एक यूनिट की कीमत (NAV) 10 रुपये है, तो आपके पास कुल 8,00,000 यूनिट्स होंगी. 25 साल तक हर महीने विड्रॉल के लिए आपकी यूनिट्स को 25×12=300 किश्तों में बांटा जाएगा. यानी हर महीने आपकी 2,666.67 यूनिट्स बेची जाएंगी. 

मार्केट का असर: इस ऑप्शन में अगर मार्केट बढ़ता है और NAV 10 रुपये से ऊपर जाती है, तो आपको ज्यादा पैसे मिलेंगे. लेकिन अगर मार्केट गिरता है और NAV 10 रुपये से कम होती है, तो आपकी मंथली पेंशन की रकम भी कम हो जाएगी. 

ये भी पढ़ें: फेक ईमेल से रहें दूर, RBI नहीं बांट रहा कोई लॉटरी या डोनेशन का पैसा

Disclaimer: शेयर बाजार से संबंधित किसी भी खरीद-बिक्री के लिए प्रभात खबर कोई सुझाव नहीं देता. हम बाजार से जुड़े विश्लेषण मार्केट एक्सपर्ट्स और ब्रोकिंग कंपनियों के हवाले से प्रकाशित करते हैं. लेकिन प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श के बाद ही बाजार से जुड़े निर्णय करें.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel