NITI Aayog में नई एंट्री, टीम में जुड़े दो नए मेम्बर्स

NITI Aayog New Members: प्रधानमंत्री मोदी ने नीति आयोग में डॉ. आर बालासुब्रमण्यम और डॉ. जोराम अनिया को फुल-टाइम सदस्य बनाया. जानिए इन नियुक्तियों का क्या है खास मतलब.

By Soumya Shahdeo | May 3, 2026 11:06 AM

NITI Aayog New Members: प्रधानमंत्री मोदी ने नीति आयोग में दो नए फुल-टाइम सदस्यों की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है. इनमें डॉ. आर बालासुब्रमण्यम और डॉ. जोराम अनिया शामिल हैं. सरकार की ओर से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, दोनों की नियुक्ति कार्यभार संभालने की तारीख से लागू होगी. इसके साथ ही नीति आयोग में फुल-टाइम सदस्यों की संख्या बढ़कर सात हो गई है.

डॉ. जोराम अनिया क्यों खास हैं?

जोराम अनिया का चयन कई मायनों में खास माना जा रहा है. वह अरुणाचल प्रदेश से आने वाली एक जानी-मानी एकेडेमीशियन (Academician) हैं. उनके पास 18 साल से ज्यादा का शिक्षण, रिसर्च और पब्लिक पॉलिसी का अनुभव है. वह न्यीशी समुदाय की पहली महिला हैं जिन्होंने पीएचडी हासिल की. खास बात यह भी है कि उन्होंने राज्य में हिंदी विषय में यह उपलब्धि हासिल की. उन्होंने न्यीशी साहित्य, संस्कृति और स्थानीय ज्ञान पर कई किताबें लिखी और संपादित की हैं.

डॉ. आर बालासुब्रमण्यम क्या लाएंगे?

आर बालासुब्रमण्यम एक पब्लिक पॉलिसी एक्सपर्ट और समाजसेवी हैं. पेशे से डॉक्टर रहे बालासुब्रमण्यम ने स्वामी विवेकानंद यूथ मूवमेंट और ग्रासरूट्स रिसर्च एंड एडवोकेसी मूवमेंट की स्थापना की है. ग्रामीण विकास और सामाजिक बदलाव के क्षेत्र में उनका लंबा अनुभव रहा है.

नीति आयोग के लिए इसका क्या मतलब?

सरकार का मानना है कि इन दोनों नियुक्तियों से नीति आयोग को नए अनुभव और अलग सोच मिलेगी. हाल ही में आयोग का पुनर्गठन भी किया गया था, जिसमें अशोक कुमार लाहिड़ी को उपाध्यक्ष बनाया गया. नीति आयोग देश की आर्थिक और विकास योजनाओं को दिशा देने वाला अहम संस्थान है. ऐसे में नए सदस्यों की एंट्री से आने वाले समय में शिक्षा, समाज और विकास से जुड़े मुद्दों पर नई सोच देखने को मिल सकती है.

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