ITR भरते वक्त हो गई चूक? टेंशन मत लीजिए, अभी भी है सुधारने का मौका

Wrong ITR Form: अगर आपने जल्दबाजी में Income Tax Return (ITR) भर दिया और बाद में पता चला कि गलत ITR Form चुन लिया है, तो घबराने की जरूरत नहीं है. लेकिन इसे नजरअंदाज करना भी सही नहीं होगा.

By Soumya Shahdeo | July 5, 2026 2:14 PM

Wrong ITR Form: गलत ITR Form भरने की वजह से आपका रिटर्न Defective (दोषपूर्ण) या Invalid (अमान्य) माना जा सकता है. इसका सीधा असर आपके टैक्स रिफंड पर पड़ सकता है. रिफंड में देरी हो सकती है, इंकम टैक्स डिपार्टमेंट का नोटिस आ सकता है और कुछ मामलों में आपका रिटर्न ऐसा माना जा सकता है, जैसे आपने कभी फाइल ही नहीं किया हो. इसलिए जैसे ही गलती का पता चले, उसे तुरंत सुधारना सबसे बेहतर फैसला है.

क्या गलत ITR Form बदल सकते हैं?

हां, बिल्कुल. अगर आपने अपना ITR फाइल करने के बाद उसे वेरिफाई भी कर दिया है, तो इंकम टैक्स ऐक्ट की सेक्शन 139(5) के तहत रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करके सही ITR Form चुन सकते हैं. मुंबई के चार्टर्ड अकाउंटेंट प्रवीण काकड़े के मुताबिक, रिवाइज्ड रिटर्न पुराने रिटर्न की जगह ले लेता है. यानी अगर किसी ने गलती से ITR-1 भर दिया, जबकि उसे कैपिटल गेन्स होने की वजह से ITR-2 भरना चाहिए था, तो वह रिवाइज्ड रिटर्न के जरिए यह गलती सुधार सकता है. लेकिन अगर आयकर विभाग सेक्शन 139(9) के तहत डिफेक्टिव रिटर्न नोटिस भेज देता है, तो पहले उसी नोटिस का तय समय के भीतर जवाब देना होगा. ऐसे मामले में सीधे रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने के बजाय नोटिस में बताई गई कमी दूर करनी होगी. अगर ऐसा नहीं किया गया तो रिटर्न अमान्य माना जा सकता है. चार्टर्ड अकाउंटेंट श्रेया गुप्ता गोयल भी कहती हैं कि अगर मूल रिटर्न सफलतापूर्वक फाइल और वेरिफाई हो चुका है, तो ज्यादातर मामलों में रिवाइज्ड रिटर्न के जरिए गलती ठीक की जा सकती है. लेकिन सेक्शन 139(9) के तहत मिले नोटिस में बताई गई कमी समय पर दूर नहीं की गई, खासकर जब मूल रिटर्न की अंतिम तारीख निकल चुकी हो, तो रिटर्न अमान्य हो सकता है.

कितनी बार रिवाइज्ड रिटर्न भर सकते हैं?

कई लोगों को लगता है कि रिवाइज्ड रिटर्न सिर्फ एक बार ही भरा जा सकता है, लेकिन ऐसा नहीं है. इंकम टैक्स ऐक्ट में रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करने की संख्या पर कोई सीमा तय नहीं की गई है. यानी तय समय सीमा के भीतर जरूरत पड़ने पर आप एक से ज्यादा बार भी संशोधन कर सकते हैं. हालांकि, प्रवीण काकड़े सलाह देते हैं कि बार-बार बदलाव करने से बचना चाहिए. बेहतर होगा कि सभी गलतियों को एक साथ ठीक करके एक ही रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल किया जाए. इससे अनावश्यक जांच की संभावना भी कम रहती है.

नई डेडलाइन और कितना लगेगा शुल्क?

बजट 2026 में रिवाइज्ड रिटर्न की समय सीमा बढ़ा दी गई है. अब असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए रिवाइज्ड रिटर्न 31 मार्च 2027 तक दाखिल किया जा सकता है. पहले इसकी अंतिम तारीख 31 दिसंबर होती थी. लेकिन बढ़ी हुई समय सीमा पूरी तरह मुफ्त नहीं है.

कब करें रिवाइज्ड रिटर्न?कितना शुल्क लगेगा?
31 दिसंबर 2026 तककोई शुल्क नहीं
1 जनवरी से 31 मार्च 2027 तक₹5,000
अगर कुल आय ₹5 लाख तक है₹1,000 शुल्क

टैक्स एक्सपर्ट्स की सलाह है कि कोशिश करें 31 दिसंबर 2026 तक ही रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल कर दें. मार्च तक मिला अतिरिक्त समय सिर्फ जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल करने के लिए है, इसे मुफ्त एक्सटेंशन न समझें.

गलती नहीं सुधारी तो क्या होगा?

अगर आपने गलत ITR Form को ठीक नहीं किया, तो आगे कई मुश्किलें आ सकती हैं.

  • आपका रिटर्न Defective या Invalid घोषित हो सकता है.
  • टैक्स रिफंड मिलने में देरी हो सकती है.
  • आयकर विभाग से नोटिस मिल सकता है.
  • ब्याज और जुर्माना देना पड़ सकता है.
  • समय पर वैध रिटर्न दाखिल करने पर मिलने वाले टैक्स लाभ नहीं मिलेंगे.
  • Capital Loss और Business Loss को अगले साल Carry Forward करने का फायदा भी खत्म हो सकता है.
  • अगर तय समय में गलती नहीं सुधारी गई, तो रिटर्न ऐसा माना जा सकता है जैसे कभी फाइल ही नहीं किया गया हो.

अगर रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करने की समय सीमा भी निकल जाती है, तो फिर सिर्फ अपडेटेड रिटर्न (ITR-U) का विकल्प बचता है. लेकिन इसमें सामान्य टैक्स और ब्याज के अलावा अतिरिक्त टैक्स भी देना पड़ता है.

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