सैलरी स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव, आज से घट सकती है आपकी ‘इन-हैंड’ सैलरी, लेकिन बढ़ जाएगा रिटायरमेंट फंड; जानें गणित

New labour Code: 1 अप्रैल 2026 से नए लेबर कोड के तहत बेसिक सैलरी का CTC का 50% होना अनिवार्य कर दिया गया है. इससे कर्मचारियों के PF और ग्रेच्युटी योगदान में बढ़ोतरी होगी, जिससे उनका रिटायरमेंट फंड पहले से कहीं अधिक सुरक्षित और बड़ा हो जाएगा.

By Abhishek Pandey | April 1, 2026 4:13 PM

New labour Code: अभी तक अधिकांश कंपनियां टैक्स बचाने के लिए ‘बेसिक सैलरी’ को कम रखती थीं और भत्तों (Allowances) को 70% से 80% तक बढ़ा देती थीं. लेकिन नए नियमों के बाद अब भत्ते कुल CTC के 50% से ज्यादा नहीं हो सकेंगे.

इन-हैंड सैलरी पर क्या होगा असर ?

जब बेसिक सैलरी बढ़ती है, तो आपकी सैलरी से कटने वाला प्रोविडेंट फंड (PF) का हिस्सा भी बढ़ जाता है, क्योंकि PF की गणना बेसिक पे के आधार पर होती है.

  • गणित: यदि आपकी बेसिक सैलरी पहले ₹20,000 थी और अब बढ़कर ₹30,000 हो गई है, तो आपका 12% PF योगदान भी ₹2,400 से बढ़कर ₹3,600 हो जाएगा.
  • नतीजा: आपके खाते में हर महीने आने वाली नकद राशि (Take-home salary) कुछ कम हो जाएगी.
सैलरी स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव, आज से घट सकती है आपकी 'इन-हैंड' सैलरी, लेकिन बढ़ जाएगा रिटायरमेंट फंड; जानें गणित 2

रिटायरमेंट फंड में जबरदस्त इजाफा

भले ही हर महीने मिलने वाली सैलरी थोड़ी कम दिखे, लेकिन भविष्य के लिए यह एक बेहतरीन खबर है.

EPF योगदान: कंपनी का योगदान भी आपके PF खाते में बढ़ जाएगा, जिससे रिटायरमेंट के समय आपके पास एक बड़ा फंड जमा होगा.
ग्रेच्युटी (Gratuity): ग्रेच्युटी की कैल्क्युलेशन भी बेसिक सैलरी पर होती है. बेसिक बढ़ने से आपकी ग्रेच्युटी की रकम में भी भारी बढ़ोतरी होगी, जो नौकरी छोड़ने या रिटायर होने पर मिलती है. ग्रेच्युटी कैलकुलेटर के लिए यहां क्लिक करें

कंपनियों के लिए बढ़ेगा खर्च

इस नियम से कंपनियों की ‘स्टाफ कॉस्ट’ बढ़ जाएगी, क्योंकि उन्हें अब कर्मचारी के PF और ग्रेच्युटी के लिए  अपनी जेब से अधिक पैसा डालना होगा. कंपनियां अपनी बढ़ती लागत को बैलेंस करने के लिए भविष्य में नए कर्मचारियों के CTC स्ट्रक्चर को दोबारा डिजाइन कर सकती हैं.

सैलरी कंपोनेंटपुराना स्ट्रक्चर (अनुमानित)नया स्ट्रक्चर (1 अप्रैल से)प्रभाव
बेसिक सैलरीCTC का 30-40%CTC का 50% (अनिवार्य)बढ़ा
PF योगदानकम (बेसिक कम होने से)ज्यादा (बेसिक बढ़ने से)बढ़ा
इन-हैंड सैलरीज्यादाथोड़ी कमघटा
रिटायरमेंट फंडकमकाफी ज्यादाबढ़ा

Also Read: आज से महंगा हुआ छोटू गैस सिलेंडर, ₹51 की बढ़ोतरी, पटना-रांची समेत कई शहर प्रभावित

Disclaimer: शेयर बाजार से संबंधित किसी भी खरीद-बिक्री के लिए प्रभात खबर कोई सुझाव नहीं देता. हम बाजार से जुड़े विश्लेषण मार्केट एक्सपर्ट्स और ब्रोकिंग कंपनियों के हवाले से प्रकाशित करते हैं. लेकिन प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श के बाद ही बाजार से जुड़े निर्णय करें.